NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
तेलंगाना पशुचिकित्सक दुष्कर्म एवं हत्याकांड में आरोपियों के शवों का दोबारा पोस्टमार्टम होगा
27 नवंबर को तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक महिला डॉक्टर के गैंगरेप और हत्या के कथित 4 आरोपियों को 6 दिसंबर की सुबह पुलिस मुठभेड़ में मार दिया गया था।
भाषा
21 Dec 2019
telangana encounter

हैदराबाद: तेलंगाना उच्च न्यायालय ने पशुचिकित्सक से दुष्कर्म एवं हत्या मामले में कथित मुठभेड़ में मारे गए चार आरोपियों के शवों का फिर से पोस्टमार्टम करने का आदेश शनिवार को दिया। उच्च न्यायालय के आदेश पर चारों आरोपियों के शव यहां गांधी अस्पताल में सुरक्षित रखे गये हैं। इन चारों की न्यायेत्तर हत्या का आरोप लगाते हुए जनहित याचिकाएं दायर की गयी थीं। याचिकाओं में छह दिसंबर को हुई इस मुठभेड़ के फर्जी होने का दावा किया गया है।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर एस चौहान और न्यायमूर्ति ए अभिषेक रेड्डी की खंडपीठ ने तेलंगाना के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को दिल्ली के भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक से दूसरा पोस्टमार्टम करने के लिए अपराध विज्ञान के तीन विशेषज्ञों की एक मेडिकल टीम गठित करने का अनुरोध करने का निर्देश दिया।

खंडपीठ ने यह निर्देश भी दिया कि अंत्यपरीक्षण 23 दिसंबर से पहले किया जाए और उसकी रिपोर्ट उच्च न्यायालय महापंजीयक के समक्ष दाखिल की जाए। उच्च न्यायालय ने कहा कि दूसरे पोस्टमार्टम के बाद शव इन चारों के रिश्तेदारों को सौंपे जा सकते हैं।

डॉक्टरों को उनके द्वारा एकत्र किये गए सबूतों के आधार पर स्वतंत्र राय रखने की भी सलाह दी गयी है। खंडपीठ ने इस मुठभेड़ की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) के प्रमुख को केस डायरी, पुलिस अधिकारियों के आवाजाही रजिस्टर, मुठभेड़ में शामिल हथियारों की फेहरिस्त जैसी सभी सामग्री जब्त कर लेने का भी निर्देश दिया।

उच्च न्यायालय ने कहा कि इन चीजों को उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित आयोग के सामने जरूरत के हिसाब से पेश किया जाए। खंडपीठ ने कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये आदेश जारी किये। उसने कहा कि राज्य सरकार एम्स के चिकित्सा दल की विमान यात्रा, उनके ठहरने और उनके लिए अन्य सारी सुविधाओं का इंतजाम करेगी ताकि दल उसे सौंपे गये काम को बखूबी कर पाये।

शुक्रवार को तेलंगाना के महाधिवक्ता ने कहा था कि इन चारों के शवों का उच्चतम न्यायालय के दिशानिर्देशों के मुताबिक पहले ही पोस्टमार्टम कर दिया गया है, इसलिए फिर से पोस्टमार्टम के लिए कोई आदेश जारी करने की जरूरत नहीं है।

न्यायमित्र डी प्रकाश रेड्डी ने हालांकि दलील दी थी कि दूसरे पोस्टमार्टम की जरूरत पर गोर करने के लिए ही उच्च न्यायालय के निर्देश पर शवों को सुरक्षित रखा गया है और उच्चतम न्यायालय भी इस पर मुहर लगा चुका है।

उच्चतम न्यायालय ने पशुचिकित्सक के सामूहिक बलात्कार एवं हत्या के चारों आरोपियों के मुठभेड़ में मारे जाने की परिस्थितियों की जांच के लिए पिछले सप्ताह शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश वी एस सरपुरकर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय आयोग गठित किया था। बंबई उच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश रेखा सोनदुर बालडोटा और सीबीआई के पूर्व निदेशक डी आर कार्तिकेयन उसके अन्य सदस्य हैं। आयोग को छह महीने के अंदर उच्चतम न्यायालय को रिपोर्ट सौंपनी है।

इन चारों आरोपियों को महिला के साथ कथित रूप से बलात्कार करने, गला घोंटकर उसे मार डालने और उसके शव को जला देने के लिए 29 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। इस वारदात को लेकर देशभर में जनाक्रोश फैल गया था और गुनहगारों को कड़ी सजा देने की मांग करते हुए जगह जगह प्रदर्शन किया गया था।

चारों आरोपियों को छह दिसंबर को उस पुलिया के पास पुलिस ने कथित मुठभेड़ में गोली मार दी थी, जहां 28 नवंबर को 25 वर्षीय पशुचिकित्सक का जला हुआ शव मिला था। पुलिस इस मामले में पशुचिकित्सक का फोन, कलाई घड़ी और अन्य चीजें बरामद करने के लिए चारों को लेकर पुलिया के पास पहुंची थी।

यह मुठभेड़ भी कानूनी जांच के दायरे में आ गयी। चारों आरोपियों के शव का छह दिसंबर को ही महबूबनगर के एक सरकारी अस्पताल में पहला पोस्टमार्टम किया था और फिर उन्हें यहां गांधी अस्पताल में लाया गया था।

साइबराबाद पुलिस ने कहा था कि जब दो आरोपी पुलिसकर्मियों से हथियार छीनकर उनपर गोलियां चलाने लगे तब उन्होंने उनपर जवाबी कार्रवाई की। आरोपियों की गोलीबारी एवं पथराव में दो पुलिसकर्मी घायल हो गये थे।

Telangana Ecounter
harayana rape case
Telangana high court
Rape and Murder

Related Stories

दिल्ली: सिविल डिफेंस वालंटियर की निर्मम हत्या शासन-प्रशासन के दावों की पोल खोलती है!

दिल्ली बच्ची दुष्कर्म और हत्या मामला: चारों आरोपी तीन दिन के पुलिस रिमांड पर

कथित 'माओवादी' लड़की को मुठभेड़ में मारने के आरोप को परिजनों ने बताया फ़र्ज़ी, कहा रेप कर हत्या की

बलात्कार : उसके बाद मर्द पूछता है– मज़ा आया?

नज़रिया : बलात्कार महिला की नहीं पुरुष की समस्या है

हर सभ्यता के मुहाने पर एक औरत की जली हुई लाश और...

हैदराबाद : वेटनरी डॉक्टर की हत्या से हर कोई दहला, निर्भया कांड याद आया


बाकी खबरें

  • प्रियंका शंकर
    रूस के साथ बढ़ते तनाव के बीच, नॉर्वे में नाटो का सैन्य अभ्यास कितना महत्वपूर्ण?
    19 Mar 2022
    हालांकि यूक्रेन में युद्ध जारी है, और नाटो ने नॉर्वे में बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है, जो अभ्यास ठंडे इलाके में नाटो सैनिकों के युद्ध कौशल और नॉर्वे के सैन्य सुदृढीकरण के प्रबंधन की जांच करने के…
  • हर्षवर्धन
    क्रांतिदूत अज़ीमुल्ला जिन्होंने 'मादरे वतन भारत की जय' का नारा बुलंद किया था
    19 Mar 2022
    अज़ीमुल्ला ख़ान की 1857 के विद्रोह में भूमिका मात्र सैन्य और राजनीतिक मामलों तक ही सिमित नहीं थी, वो उस विद्रोह के एक महत्वपूर्ण विचारक भी थे।
  • विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: महंगाई-बेरोजगारी पर भारी पड़ी ‘नमक पॉलिटिक्स’
    19 Mar 2022
    तारा को महंगाई परेशान कर रही है तो बेरोजगारी का दर्द भी सता रहा है। वह कहती हैं, "सिर्फ मुफ्त में मिलने वाले सरकारी नमक का हक अदा करने के लिए हमने भाजपा को वोट दिया है। सरकार हमें मुफ्त में चावल-दाल…
  • इंदिरा जयसिंह
    नारीवादी वकालत: स्वतंत्रता आंदोलन का दूसरा पहलू
    19 Mar 2022
    हो सकता है कि भारत में वकालत का पेशा एक ऐसी पितृसत्तात्मक संस्कृति में डूबा हुआ हो, जिसमें महिलाओं को बाहर रखा जाता है, लेकिन संवैधानिक अदालतें एक ऐसी जगह होने की गुंज़ाइश बनाती हैं, जहां क़ानून को…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मध्यप्रदेश विधानसभा निर्धारित समय से नौ दिन पहले स्थगित, उठे सवाल!
    19 Mar 2022
    मध्यप्रदेश विधानसभा में बजट सत्र निर्धारित समय से नौ दिन पहले स्थगित कर दिया गया। माकपा ने इसके लिए शिवराज सरकार के साथ ही नेता प्रतिपक्ष को भी जिम्मेदार ठहराया।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License