NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
थाईलैंडः पीएम के इस्तीफ़े की मांग के बाद सरकार ने आपातकाल के आदेश को रद्द किया
प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओ-चा के लिए अपनी शक्ति का दुरुपयोग स्वीकार करने की बाबत एक बिना हस्ताक्षर वाला पत्र सौंपा था और सरकार को तीन दिन का अल्टीमेटम भी दिया था।
पीपल्स डिस्पैच
23 Oct 2020
thailand

थाईलैंड की सरकार ने आपातकाल के निर्णय को पारित होने के एक हफ्ते के बाद इसे निरस्त कर दिया। गुरुवार 22 अक्टूबर को दोपहर में पारित एक सरकारी आदेश में कहा गया है कि बड़े पैमाने पर सामूहिक समारोहों पर प्रतिबंध लगाने वाले उक्त आपातकालीन आदेश का उद्देश्य निश्चित रूप से प्राप्त कर लिया गया। इस आपातकालीन आदेश को निरस्त करने का आदेश 20 अक्टूबर को प्रदर्शनकारियों द्वारा दी गई उक्त आदेश को निरस्त करने के लिए दिए गए पहले "24-घंटे की समय सीमा" के साथ-साथ हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आग मांग पूरी नहीं हुई तो चौंकाने वाली बात होगी।

इस आदेश को निरस्त करने का फैसला बुधवार 21 अक्टूबर को देर रात के समय हज़ारों प्रदर्शनकारियों द्वारा मार्च करने के तुरंत बाद किया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओ-चा के इस्तीफे के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया था। प्रदर्शनकारियों ने "जनता" को संबोधित एक पत्र दिया जिसे प्रधानमंत्री कार्यालय वाले सरकारी भवन के बाहर प्रदर्शन के एक घंटे के बाद पीएम के उप महासचिव और पुलिस द्वारा प्राप्त किया गया था।

इस पत्र में सभी राजनीतिक क़ैदियों को रिहा करने की मांग की गई और प्रधानमंत्री प्रयुत को सरकार के प्रमुख के रूप में अपने पद के दुरुपयोग को रोकने की मांग की गई। इस पत्र में लिखा गया है, "मैं, प्रयुत चान-ओ-चा, ने मनमाने ढंग से शक्ति का इस्तेमाल किया है, वोट खरीदे और बेचे हैं, गैंगस्टर के संविधान को लागू करने की धमकी दी है, लाभ और पदों पर कारोबार किया है और राजशाही की संस्था को प्रधानमंत्री के पद को हासिल करने के लिए तर्कसंगतता के रुप में इस्तेमाल किया है।” प्राचताई (Prachatai) ने इसे रिपोर्ट किया है।

पुलिस और अर्धसैनिक बल द्वारा सरकारी भवन के बाहर इसी तरह के प्रदर्शन को जबरन हटाने के एक हफ्ते से भी कम समय बाद ये प्रदर्शन हुआ। बड़े पैमाने पर शक्ति प्रदर्शन के बावजूद अन्य प्रदर्शनकारी को कथित तौर पर बुधवार देर रात को थाई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

चान-ओ-चा सरकार ने तीन महीने से अधिक समय से चले आ रहे सरकार-विरोधी प्रदर्शनों पर अंकुश लगाने के लिए 15 अक्टूबर को एक आदेश के तहत आपातकाल लागू कर दिया था। इस आदेश के तहत पांच या इससे अधिक लोगों के सार्वजनिक सभा पर प्रतिबंध लगा दिया गया था और मीडिया कवरेज पर भी सख्त प्रतिबंध लगाया गया था।

Thailand
thailand government
prime minister of thailand

Related Stories

थाईलैंड : प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई में 9 नाबालिगों सहित दर्जनों गिरफ़्तार

थाईलैंडः प्रयुत के अविश्वास प्रस्ताव जीतने के बाद राजधानी में "कार रैली" और प्रदर्शन

थाईलैंडः पुलिस की कार्रवाई के बावजूद "कार" रैली में हज़ारों लोग शामिल हुए

थाईलैंड : बेहतर कोविड राहत की मांग करने वाले प्रदर्शनकारियों पर दमनात्मक कार्रवाई

थाईलैंड के नए संविधान संशोधन विधेयक को व्यापक जनसमर्थन

राजशाही के अपमान के आरोपी तीन थाईलैंड के एक्टिविस्ट ज़मानत पर रिहा

बैंकाक में भूख हड़ताल कर रहे बंदियों की रिहाई की मांग करते हुए सैकड़ों लोगों ने किया प्रदर्शन

क्या भारत भी कुछ सीखेगा: मास्क नहीं पहनने पर थाईलैंड के प्रधानमंत्री पर जुर्माना

थाईलैंडः प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई में दर्जनों लोग घायल और कई लोग हिरासत में

थाईलैंड : "राजशाही के अपमान" को लेकर प्रदर्शनकारियों पर मुक़दमा शुरू


बाकी खबरें

  • अन्ना आंदोलन
    लाल बहादुर सिंह
    आज़ादी@75: जेपी से लेकर अन्ना तक... भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलनों की पड़ताल
    14 Aug 2021
    राष्ट्रीय गौरव के ऐतिहासिक क्षण में हमारा गणतंत्र अपने जीवन की सबसे कठिन चुनौती का सामना कर रहा है। भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलनों से सरकारें तो बदलीं, लेकिन व्यवस्था परिवर्तन का नारा छलावा ही रहा।
  • उत्तरी छत्तीसगढ़ के जंगल सदियों से हाथियों का घर रहे हैं। हालांकि, बढ़ती खनन गतिविधियों और अन्य विकास परियोजनाओं ने उन्हें मानव आवास में आने के लिए मजबूर कर दिया है।
    विष्णुकांत तिवारी
    छत्तीसगढ़ : हाथी रिज़र्व प्रोजेक्ट में सरकार कर रही देरी, 3 साल में 45 हाथियों और 204 नागरिकों की गई जान
    14 Aug 2021
    सरकार लेमरू हाथी परियोजना को लगातार टाल रही है और उत्तरी छत्तीसगढ़ में वन्यजीव और मानव के बीच होते संघर्षों की वजह से मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
  • बिड़ला घराने की तिजोरी में हीरे पहुंचाने के लिए, बक्सवाहा के जंगलों को किया जा रहा तबाह- माकपा 
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिड़ला घराने की तिजोरी में हीरे पहुंचाने के लिए, बक्सवाहा के जंगलों को किया जा रहा तबाह- माकपा 
    14 Aug 2021
    ‘सरकार इन जंगलों के समानांतर जंगल लगाकर दस साल बाद भी हीरे निकाल सकती है, मगर उनका मकसद पर्यावरण बचाना नहीं, बल्कि बिड़ला की तिजोरी भरना और इसमें से मुनाफे की हड्डियां चूसना है।'
  • देहरादून में अपनी मांगों को लेकर रैली निकालती आशाएं, फोटो- सत्यम कुमार 
    सत्यम कुमार
    उत्तराखंड में धरने पर क्यों बैठी हुई हैं आशा कार्यकर्ता? सरकार से कहां तक पहुंची बातचीत!
    14 Aug 2021
    2 अगस्त से ही सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर आशा कार्यकर्ता धरने पर बैठी हुई हैं। मुख्यमंत्री से लेकर स्वास्थ्य सचिव तथा स्वास्थ्य महानिदेशक के साथ कई दौर की वार्ता हो चुकी है, परंतु इन सभी वार्ताओं का…
  • तालिबान ने अफ़गान जंगी सरदारों को रास्ते से हटाया
    एम. के. भद्रकुमार
    तालिबान ने अफ़गान जंगी सरदारों को रास्ते से हटाया
    14 Aug 2021
    क्या अशरफ़ गनी द्वारा देरी से पेश किए गए तालिबान विरोधी 'संयुक्त मोर्चे' का प्रस्ताव काम करेगा? आखिर सभी जंगी सरदार कभी न कभी तो विदेशी ताकतों का प्रश्रय ले ही चुके हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License