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थाईलैंडः पीएम के इस्तीफ़े की मांग के बाद सरकार ने आपातकाल के आदेश को रद्द किया
प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओ-चा के लिए अपनी शक्ति का दुरुपयोग स्वीकार करने की बाबत एक बिना हस्ताक्षर वाला पत्र सौंपा था और सरकार को तीन दिन का अल्टीमेटम भी दिया था।
पीपल्स डिस्पैच
23 Oct 2020
thailand

थाईलैंड की सरकार ने आपातकाल के निर्णय को पारित होने के एक हफ्ते के बाद इसे निरस्त कर दिया। गुरुवार 22 अक्टूबर को दोपहर में पारित एक सरकारी आदेश में कहा गया है कि बड़े पैमाने पर सामूहिक समारोहों पर प्रतिबंध लगाने वाले उक्त आपातकालीन आदेश का उद्देश्य निश्चित रूप से प्राप्त कर लिया गया। इस आपातकालीन आदेश को निरस्त करने का आदेश 20 अक्टूबर को प्रदर्शनकारियों द्वारा दी गई उक्त आदेश को निरस्त करने के लिए दिए गए पहले "24-घंटे की समय सीमा" के साथ-साथ हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आग मांग पूरी नहीं हुई तो चौंकाने वाली बात होगी।

इस आदेश को निरस्त करने का फैसला बुधवार 21 अक्टूबर को देर रात के समय हज़ारों प्रदर्शनकारियों द्वारा मार्च करने के तुरंत बाद किया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओ-चा के इस्तीफे के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया था। प्रदर्शनकारियों ने "जनता" को संबोधित एक पत्र दिया जिसे प्रधानमंत्री कार्यालय वाले सरकारी भवन के बाहर प्रदर्शन के एक घंटे के बाद पीएम के उप महासचिव और पुलिस द्वारा प्राप्त किया गया था।

इस पत्र में सभी राजनीतिक क़ैदियों को रिहा करने की मांग की गई और प्रधानमंत्री प्रयुत को सरकार के प्रमुख के रूप में अपने पद के दुरुपयोग को रोकने की मांग की गई। इस पत्र में लिखा गया है, "मैं, प्रयुत चान-ओ-चा, ने मनमाने ढंग से शक्ति का इस्तेमाल किया है, वोट खरीदे और बेचे हैं, गैंगस्टर के संविधान को लागू करने की धमकी दी है, लाभ और पदों पर कारोबार किया है और राजशाही की संस्था को प्रधानमंत्री के पद को हासिल करने के लिए तर्कसंगतता के रुप में इस्तेमाल किया है।” प्राचताई (Prachatai) ने इसे रिपोर्ट किया है।

पुलिस और अर्धसैनिक बल द्वारा सरकारी भवन के बाहर इसी तरह के प्रदर्शन को जबरन हटाने के एक हफ्ते से भी कम समय बाद ये प्रदर्शन हुआ। बड़े पैमाने पर शक्ति प्रदर्शन के बावजूद अन्य प्रदर्शनकारी को कथित तौर पर बुधवार देर रात को थाई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

चान-ओ-चा सरकार ने तीन महीने से अधिक समय से चले आ रहे सरकार-विरोधी प्रदर्शनों पर अंकुश लगाने के लिए 15 अक्टूबर को एक आदेश के तहत आपातकाल लागू कर दिया था। इस आदेश के तहत पांच या इससे अधिक लोगों के सार्वजनिक सभा पर प्रतिबंध लगा दिया गया था और मीडिया कवरेज पर भी सख्त प्रतिबंध लगाया गया था।

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