NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
थाईलैंडः प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई में दर्जनों लोग घायल और कई लोग हिरासत में
शनिवार को अंधाधुंध पुलिस गोलीबारी में कम से कम 33 लोगों के घायल होने की ख़बर है। इन घायलों में तीन पत्रकार शामिल हैं। 16 प्रदर्शनकारियों पर मुक़दमा दर्ज।
पीपल्स डिस्पैच
22 Mar 2021
थाईलैंडः प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई में दर्जनों लोग घायल और कई लोग हिरासत में

बैंकॉक में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों की विशाल रैली समाप्त हो गई। इस दौरान पुलिस कार्रवाई में दर्जनों लोग घायल हुए और कई लोग गिरफ्तार किए गए। शाही महल के बाहर आयोजित रैली में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सैकड़ों सशस्त्र पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था। पुलिस ने इन पर हिंसक कार्रवाई की। शनिवार 20 मार्च को आयोजित इस रैली का आह्वान युवाओं के नेतृत्व वाले आरईडीईएम (रिस्टार्ट डेमोक्रेसी) ने किया था।

शनिवार को शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुई ये विरोध रैली शाही महल के बाहर मशहूर सनम लुआंग स्क्वायर के पास रतचदमनोएम एवेन्यू पर हुई। कुछ स्थानीय मीडिया द्वारा इस भीड़ को तितर बितर करने को रक्तरंजित के रुप में वर्णित किया गया। भीड़ पर पुलिस ने कथित तौर पर अंधाधुंध रबर की गोलियां बरसाईं जिसमें पत्रकारों और कुछ पुलिस कर्मियों को भी चोटें आईं। प्राचताई के अनुसार प्रदर्शन स्थल के समीप इरावन मेडिकल सेंटर में 33 लोग घायल हैं जिनमें एक नाबालिग के साथ साथ प्राचताई, खाओसाद व चैनल 8 से जुड़े तीन पत्रकार और 13 पुलिस कर्मी शामिल हैं।

रबर की गोलियों की अंधाधुंध गोलीबारी के साथ साथ आंसू गैस के गोले दागे गए और वाटर केनन का इस्तेमाल किया गया। थाई लॉयर्स फॉर ह्यूमन राइट्स के अनुसार विरोध प्रदर्शन स्थल से 32 लोगों को हिरासत में लिया गया था जिनमें से 16 को गिरफ्तार कर लिया गया और आरोपों का सामना करना पड़ा। बाद में उन्हें सोमवार 22 मार्च को बैंकाक के आपराधिक न्यायालय द्वारा जमानत पर रिहा कर दिया गया।

रबर की गोलियों की फायरिंग 28 फरवरी को प्रदर्शनकारियों को इसी तरह हिंसक रुप से तितर बितर करने के बाद से पुलिस द्वारा गैर-घातक बल के इस्तेमाल की ये दूसरी ऐसी घटना है। 28 फरवरी को कार्रवाई में 16 लोग घायल हो गए थे और 2 नाबालिगों सहित 22 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। देश में COVID-19 संक्रमण में हाल में हुई वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए लगाए गए आपातकालीन आदेश का हवाला देते हुए पुलिस ने अपनी कार्रवाई को कानून के अनुसार उचित ठहराया।

विरोध समन्वय समूह आरईडीईएम जिसे फ्री यूथ मुवमेंट द्वारा शुरू किया गया था। इसने सेना समर्थित प्रधानमंत्री प्रयूत चान-ओ-चा की सरकार खिलाफ जारी विद्रोह के भाग के रुप में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसने सत्ता और राजशाही द्वारा लिए जाने विशेषाधिकारों पर संवैधानिक सीमाओं की मांग की और लेसे मैजेस्टी कानून के तहत मुकदमे के सामने करने वाले और गिरफ्तार कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों को रिहा करने की भी मांग की है।

Thailand
Thailand Protest
COVID-19

Related Stories

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

दिल्ली : नौकरी से निकाले गए कोरोना योद्धाओं ने किया प्रदर्शन, सरकार से कहा अपने बरसाये फूल वापस ले और उनकी नौकरी वापस दे

दिल्ली: कोविड वॉरियर्स कर्मचारियों को लेडी हार्डिंग अस्पताल ने निकाला, विरोध किया तो पुलिस ने किया गिरफ़्तार

किसान आंदोलन@378 : कब, क्या और कैसे… पूरे 13 महीने का ब्योरा

नीट-पीजी 2021 की काउंसलिंग की मांग को लेकर रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल को देश भर से मिल रहा समर्थन

यूपी: शाहजहांपुर में प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने पीटा, यूनियन ने दी टीकाकरण अभियान के बहिष्कार की धमकी

दिल्ली: महंगाई के ख़िलाफ़ मज़दूरों, महिलाओं, छात्र-नौजवानों व कलाकारों ने एक साथ खोला मोर्चा

दिल्ली: बढ़ती महंगाई के ख़िलाफ़ मज़दूर, महिला, छात्र, नौजवान, शिक्षक, रंगकर्मी एंव प्रोफेशनल ने निकाली साईकिल रैली

पश्चिम बंगाल: ईंट-भट्ठा उद्योग के बंद होने से संकट का सामना कर रहे एक लाख से ज़्यादा श्रमिक

देशभर में एसएफआई का प्रदर्शन, शिक्षण संस्थानों को दोबारा से चालू करने की मांग 


बाकी खबरें

  • हाईकोर्ट ने नहीं मानी कोरोना काल में सेंट्रल विस्टा का काम रोकने की दलील
    भाषा
    हाईकोर्ट ने नहीं मानी कोरोना काल में सेंट्रल विस्टा का काम रोकने की दलील
    31 May 2021
    परियोजना रोके जाने की मांग करते हुए यह याचिका अनुवादक अन्य मल्होत्रा और इतिहासकार एवं वृत्तचित्र फिल्मकार सोहेल हाशमी ने दायर की थी। याचिका में दलील दी गई थी कि यह परियोजना आवश्यक गतिविधि नहीं है और…
  • Gautam Gambhir
    भाषा
    गंभीर के पास बड़ी मात्रा में फैबीफ्लू मिलने की सही जांच नहीं करने के लिए औषधि नियंत्रक को फटकार
    31 May 2021
    उच्च न्यायालय ने क्रिकेट खिलाड़ी से नेता बने गंभीर द्वारा दवा खरीद के मामले की जांच के सिलसिले में दाखिल औषधि नियामक की स्थिति रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि इस संस्था से अदालत का भरोसा डगमगा गया…
  • मजबूत सरकार से हाहाकारः मजबूर सरकार की दरकार
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    मजबूत सरकार से हाहाकारः मजबूर सरकार की दरकार
    31 May 2021
    उत्तर भारत में दलित आंदोलन के प्रणेता कांशीराम की एक बात बहुत याद आती है। वे कहा करते थे कि हमें देश में मजबूत नहीं मजबूर सरकार चाहिए। क्योंकि मजबूर सरकार जनता के लिए जवाबदेह होती है और मजबूत सरकार…
  • बदलाव के मुहाने पर इज़राइल-फिलिस्तीन संघर्ष
    एम. के. भद्रकुमार
    बदलाव के मुहाने पर इज़राइल-फिलिस्तीन संघर्ष
    31 May 2021
    जब तक फिलिस्तीनी भूभाग पर कब्जा और जातीय संहार वाली इजरायल की नीतियां जारी रहती हैं एवं हिंसा जारी रहती है,  तब तक उसका प्रतिरोध और मज़बूत होता रहेगा। 
  • भारत के विकास की दिशा की ख़ामियों को महामारी ने उधेड़ कर सामने रख दिया है
    टिकेंदर सिंह पंवार
    भारत के विकास की दिशा की ख़ामियों को महामारी ने उधेड़ कर सामने रख दिया है
    31 May 2021
    अगर भारत अपने संधारणीय विकास लक्ष्यों के पास पहुंचना और मौसम परिवर्तन, आय और लैंगिक असमानताओं की चुनौतियों का सामना करना चाहता है, तो देश को अपने तरीकों में बदलाव करना होगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License