NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
क्यूबा के लोगों ने क्रांति की रक्षा और नाकाबंदी को समाप्त करने का आह्वान किया
देश के ख़िलाफ़ चल रहे अस्थिरता के प्रयास के समक्ष कई राजनीतिक और सामाजिक नेताओं और संगठनों ने क्यूबा सरकार और क्यूबा क्रांति के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की है।
पीपल्स डिस्पैच
13 Jul 2021
क्यूबा के लोगों ने क्रांति की रक्षा और नाकाबंदी को समाप्त करने का आह्वान किया

क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज़-कैनेल ने देश में अराजकता पैदा करने के लिए विपक्षी गुटों द्वारा बढ़ावा दिए गए अस्थिरता की कार्रवाईयों की निंदा की। राष्ट्राध्यक्ष ने कॉर्पोरेट मीडिया के बदनाम करने वाले अभियानों के साथ-साथ COVID-19 महामारी के बीच देश के खिलाफ अमेरिका द्वारा लगाए गए अवैध आर्थिक, वाणिज्यिक और वित्तीय नाकाबंदी को तेज करने को भी खारिज कर दिया।

देश में रोज की बंदिश और दवाओं की कमी का विरोध करने के लिए हजारों नागरिकों के सड़कों पर उतरने के कुछ घंटों बाद राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय टेलीविजन के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित किया। दिन में उन्होंने सैन एंटोनियो डी लॉस बानोस का दौरा किया। यह उन नगर पालिकाओं में से एक है जहां विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ और व्यक्तिगत रूप से लोगो से बातचीत की। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के मुख्य नारजगी को स्वीकार किया, लेकिन उन लोगों के प्रति आगाह किया जो इन लोगों की मुश्किल परिस्थितियों का फायदा उठाना चाहते हैं।

डिआज़-कैनेल ने कहा, "विरोध प्रदर्शनों में कई क्रांतिकारी नागरिक शामिल हैं जो देश में मौजूदा स्थिति के लिए स्पष्टीकरण चाहते हैं, लेकिन अवसरवादियों के समूहों द्वारा भी भड़का दिए गए हैं जो मौजूदा संकट का फायदा उठाकर व्यवस्था को कमजोर करते हैं और अराजकता पैदा करते हैं।"

उन्होंने कहा कि इन विरोधों के भड़काने वाले क्यूबाई लोगों के लिए कोई सकारात्मक बदलाव नहीं चाहते हैं, बल्कि एक नवउदारवादी मॉडल लागू करने के लिए सत्ता में बदलाव चाहते हैं। राष्ट्रपति ने कहा, "बहुत ही धूर्त, कायरतापूर्ण और अवसरवादी तरीके से, जिन्होंने हमेशा नाकाबंदी का समर्थन किया है और यांकी साम्राज्य के बाहरी सैनिकों और अभावों के रूप में व्यवहार करते हैं, वे इस दावे को मजबूत करने के लिए मानवीय सहायता के सिद्धांतों के साथ दिखाई देते हैं कि क्यूबा सरकार इस स्थिति से बाहर निकलने में सक्षम नहीं है। यदि वे क्यूबा के साथ वास्तविक समर्थन देना चाहते हैं, यदि उन्हें क्यूबा के लोगों की चिंता है, तो उन्हें इस नाकाबंदी हटानी चाहिए।”

देश के विभिन्न हिस्सों में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों की प्रतिक्रिया में सैकड़ों क्यूबाई नागरिक सरकार और क्रांति के लिए अपना समर्थन व्यक्त करने के लिए सड़कों पर उतर आए। इसी तरह क्यूबा की सामाजिक प्रक्रिया के समर्थन के प्रतीक के रूप में लोग अपने घरों और कार्यालयों की बालकनियों और खिड़कियों पर 26 जुलाई के आंदोलन के राष्ट्रीय ध्वज और बैनर लगाने के आह्वान में शामिल हुए।

विभिन्न समूहों, संगठनों और ट्रेड यूनियनों द्वारा आज राष्ट्रपति डियाज़-कैनेल के प्रशासन के समर्थन में बड़े पैमाने पर राष्ट्रव्यापी लामबंदी का आह्वान किया गया है।

cuba
Miguel Díaz-Canel
COVID-19

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

क्यों USA द्वारा क्यूबा पर लगाए हुए प्रतिबंधों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं अमेरिकी नौजवान

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध


बाकी खबरें

  • यूपीः किसान आंदोलन और गठबंधन के गढ़ में भी भाजपा को महज़ 16 सीटों का हुआ नुक़सान
    एम.ओबैद
    यूपीः किसान आंदोलन और गठबंधन के गढ़ में भी भाजपा को महज़ 18 सीटों का हुआ नुक़सान
    11 Mar 2022
    वर्ष 2017 के चुनाव नतीजों की तुलना में इस बार भाजपा को पहले दो चरणों में 18 सीटों का नुकसान हुआ है। पिछली बार उसने 91 सीट हासिल की थीं जबकि इस बार उसे 73 सीटें ही मिल पाई हैं।
  • election results
    न्यूज़क्लिक टीम
    BJP से हार के बाद बढ़ी Akhilesh और Priyanka की चुनौती !
    11 Mar 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के इस एपिसोड में आज Abhisar Sharma चर्चा कर रहे हैं Uttar Pradesh में फिर से BJP की सरकार बनने और साथ ही बात कर रहे हैं अखिलेश यादव और प्रियंका गाँधी वाड्रा की। 2024 के चुनाव…
  • mayawati
    कृष्ण सिंह
    यूपी के नए राजनीतिक परिदृश्य में बसपा की बहुजन राजनीति का हाशिये पर चले जाना
    11 Mar 2022
    किसी भी राजनीतिक दल के पराजित होने या फिर उसके वोट प्रतिशत में बड़ी गिरावट आने का अर्थ यह नहीं होता है कि हम तुरंत उसकी राजनीतिक मृत्यु की घोषणा कर दें। लेकिन इसके साथ यह प्रश्न भी उतनी ही मज़बूती के…
  • pakistan
    जस्टिन पॉडुर  
    पाकिस्तान किस प्रकार से बलूचिस्तान में शांति के लिए पहले-विकास की राह को तलाश सकता है
    11 Mar 2022
    राष्ट्र को एकजुट रखने के लिए पाकिस्तान की कोशिश के संघर्ष के केंद्र में अपनाई जा रही आतंकवाद विरोधी मॉडल की विफलता है।
  • zelsenky
    एम के भद्रकुमार
    ज़ेलेंस्की ने बाइडेन के रूस पर युद्ध को बकवास बताया
    11 Mar 2022
    वाशिंगटन को जो रणनीतिक हार का सामना करना पड़ा है, वह दुनिया भर में अमेरिकी प्रतिष्ठा को कम करेगा, उसके ट्रान्साटलांटिक-नेतृत्व को कमजोर करेगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License