NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पत्रकारों के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज करने की एडिटर्स गिल्ड ने कड़ी निंदा की
जिन पत्रकारों के नाम प्राथमिकी में हैं, उनमें मृणाल पांडे, राजदीप सरदेसाई, विनोद जोस, जफर आगा, परेश नाथ और अनंत नाथ शामिल हैं।
भाषा
29 Jan 2021
 एडिटर्स गिल्ड

नयी दिल्ली:  एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने किसानों की गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड तथा उस दौरान हुई हिंसा की रिपोर्टिंग करने पर वरिष्ठ संपादकों एवं पत्रकारों के खिलाफ प्राथमिकियां दर्ज करने के कदम की शुक्रवार को कड़ी निंदा की और इसे मीडिया को ‘‘डराने-धमकाने, प्रताड़ित करने तथा दबाने’’ का प्रयास बताया।

एडिटर्स गिल्ड ने वक्तव्य जारी कर मांग की कि ऐसी प्राथमिकियां तुरंत वापस ली जाएं तथा मीडिया को बिना किसी डर के आजादी के साथ रिपोर्टिंग करने की इजाजत दी जाए।

वक्तव्य में कहा गया कि एक प्रदर्शनकारी की मौत से जुड़ी घटना की रिपोर्टिंग करने, घटनाक्रम की जानकारी अपने निजी सोशल मीडिया हैंडल पर तथा अपने प्रकाशनों पर देने पर पत्रकारों को खासतौर पर निशाना बनाया गया।

गिल्ड ने कहा, ‘‘यह ध्यान रहे कि प्रदर्शन एवं कार्रवाई वाले दिन, घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों तथा पुलिस की ओर से अनेक सूचनाएं मिलीं। अत: पत्रकारों के लिए यह स्वाभाविक बात थी कि वे इन जानकारियों की रिपोर्ट करें। यह पत्रकारिता के स्थापित नियमों के अनुरूप ही था।’’

उसने कहा कि वह ‘‘उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश पुलिस के डराने-धमकाने के तरीके की कड़ी निंदा करता है’’ जिन्होंने किसानों की प्रदर्शन रैलियों और हिंसा की रिपोर्टिंग करने पर वरिष्ठ संपादकों एवं पत्रकारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कीं। इन वरिष्ठ संपादकों एवं पत्रकारों में गिल्ड के पूर्व एवं मौजूदा पदाधिकारी शामिल हैं।

गिल्ड ने रेखांकित किया कि इन प्राथमिकियों में आरोप लगाया गया है कि ट्वीट दानिस्ता तौर पर दुर्भावनापूर्ण थे और लाल किले पर उपद्रव का कारण बने। उसने कहा कि कि इससे ज्यादा कुछ भी सच्चाई से परे नहीं हो सकता है।

उसने कहा, ‘‘उसी दिन ढेर सारी सूचनाएं मिल रही थीं। ईजीआई ने पाया कि विभिन्न राज्यों में दर्ज ये प्राथमिकियां मीडिया को चुप कराने, डराने-धमकाने तथा प्रताड़ित करने के लिए थीं।’’

उसने कहा कि ये प्राथमिकियां दस भिन्न प्रावधानों के तहत दर्ज की गई हैं जिनमें राजद्रोह के कानून, सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ना, धार्मिक मान्यताओं को अपमानित करना आदि शामिल हैं।

अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया था कि किसानों की ट्रैक्टर परेड और उस दौरान हुई हिंसा के सिलसिले में नोएडा पुलिस ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर और छह पत्रकारों के खिलाफ राजद्रोह समेत अन्य आरोपों में मामला दर्ज किया है।

जिन पत्रकारों के नाम प्राथमिकी में हैं, उनमें मृणाल पांडे, राजदीप सरदेसाई, विनोद जोस, जफर आगा, परेश नाथ और अनंत नाथ शामिल हैं। एक अनाम व्यक्ति के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है।

Editors guild of india
republic day
Tractor Parade
26 january tractor parade

Related Stories

दिल्ली गैंगरेप: निर्भया कांड के 9 साल बाद भी नहीं बदली राजधानी में महिला सुरक्षा की तस्वीर

झंझावातों के बीच भारतीय गणतंत्र की यात्रा: एक विहंगम दृष्टि

विशेष: कौन उड़ा रहा है संविधान की धज्जियां

विशेष: एक हमारी और एक उनकी मुल्क में हैं आवाज़ें दो

इस गणतंत्र दिवस पर, भारत यादों पर कपट की जीत को भी मनाएगा 

गणतंत्र दिवस के सैन्यकरण से मज़बूत लोकतंत्र नहीं बनता

खोज ख़बरः देश के गणतंत्र को है किससे ख़तरा

सामाजिक कार्यकर्ताओं की देशभक्ति को लगातार दंडित किया जा रहा है: सुधा भारद्वाज

आज़ादी के अमृत महोत्सव वर्ष में हमारा गणतंत्र एक चौराहे पर खड़ा है

हम भारत के लोग: झूठी आज़ादी का गणतंत्र!


बाकी खबरें

  • veto
    एपी/भाषा
    रूस ने हमले रोकने की मांग करने वाले संरा के प्रस्ताव पर वीटो किया
    26 Feb 2022
    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शुक्रवार को इस प्रस्ताव के पक्ष में 11 और विपक्ष में एक मत पड़ा। चीन, भारत और संयुक्त अरब अमीरात मतदान से दूर रहे।
  • Gujarat
    राजेंद्र शर्मा
    बैठे-ठाले: गोबर-धन को आने दो!
    26 Feb 2022
    छुट्टा जानवरों की आपदा का शोर मचाने वाले यह नहीं भूलें कि इसी आपदा में से गोबर-धन का अवसर निकला है।
  • Leander Paes and Rhea Pillai
    सोनिया यादव
    लिएंडर पेस और रिया पिल्लई मामले में अदालत का फ़ैसला ज़रूरी क्यों है?
    26 Feb 2022
    लिव-इन रिलेशनशिप में घरेलू हिंसा को मान्यता देने वाला ये फ़ैसला अपने आप में उन तमाम पीड़ित महिलाओं के लिए एक उम्मीद है, जो समाज में अपने रिश्ते के अस्तित्व तो लेकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करती…
  • up elections
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव 2022: किस तरफ होगा पूर्वांचल में जनादेश ?
    26 Feb 2022
    इस ख़ास बातचीत में परंजॉय गुहा ठाकुरता और शिव कुमार बात कर रहे हैं यूपी चुनाव में पूर्वांचाल की. आखिर किस तरफ है जनता का रुख? किसको मिलेगी बहुमत? क्या भाजपा अपना गढ़ बचा पायेगी? जवाब ढूंढ रहे हैं…
  • manipur
    शशि शेखर
    मणिपुर चुनाव: भाजपा के 5 साल और पानी को तरसती जनता
    26 Feb 2022
    ड्रग्स, अफस्पा, पहचान और पानी का संकट। नतीजतन, 5 साल की डबल इंजन सरकार को अब फिर से ‘फ्री स्कूटी’ का ही भरोसा रह गया है। अब जनता को तय करना है कि उसे ‘फ्री स्कूटी’ चाहिए या पीने का पानी?    
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License