NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
काबुल में हिंसा में वृद्धि के मद्देनज़र अमेरिका ने अपने कर्मचारियों को दूतावास छोड़ने का आदेश दिया
जो बाइडेन प्रशासन ने 11 सितंबर तक अफ़ग़ानिस्तान से शेष सभी अमेरिकी सैनिकों को वापस लेने का फ़ैसला किया है जिससे देश में हिंसा बढ़ने की अटकलें तेज़ हैं।
पीपल्स डिस्पैच
29 Apr 2021
काबुल में हिंसा में वृद्धि के मद्देनज़र अमेरिका ने अपने कर्मचारियों को दूतावास छोड़ने का आदेश दिया

अपने सभी सैनिकों की वापसी के मद्देनजर अफगानिस्तान में हिंसा में वृद्धि को भांपते हुए अमेरिका ने बुधवार 28 अप्रैल को एक आदेश जारी किया और काबुल में अपने दूतावास से सभी "अनावश्यक कर्मचारियों" को देश छोड़ने के लिए कहा। काबुल में कार्यकारी अमेरिकी राजदूत रॉस विल्सन ने कहा कि यूएस स्टेट डिपार्टमेंट ने “काबुल में बढ़ती हिंसा और खतरे की रिपोर्ट के आलोक में” यह निर्णय लिया। अलजजीरा ने इस रिपोर्ट को प्रकाशित किया।

इस वर्ष 11 सितंबर तक अफगानिस्तान में अपनी दो दशक पुरानी सैन्य उपस्थिति को समाप्त करने के लिए सभी शेष बलों को वापस लेने के राष्ट्रपति जो बाइडन के फैसले के बाद दूतावास में कर्मचारियों को कम करने का निर्णय लिया गया था। दूतावास के कर्मचारियों की संख्या सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया की देखरेख के लिए जरुरी आवश्यक कर्मचारियों तक सीमित होगी।

इस बीच, बुधवार को राष्ट्रपति के रूप में सत्ता संभालने के बाद पहली बार अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित करते हुए बाइडन ने कहा कि "अमेरिकी नेतृत्व का अर्थ है अफगानिस्तान में हमेशा के लिए युद्ध को समाप्त करना" और अमेरिकी सैनिकों ने उस देश में अपने उद्देश्यों को प्राप्त कर लिया है।

हालांकि, अटकलें काफी ज्यादा हैं कि अमेरिकी सैनिकों को देश से निकालने का निर्णय वित्त पर बोझ को कम करने के लिए लिया गया या इसका मतलब देश में युद्ध के एक और दौर की शुरुआत से होगा क्योंकि तालिबान अभी भी मजबूत उपस्थिति में है।

पिछले साल डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन ने तालिबान के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किया था जिसके अनुसार सभी अमेरिकी सेनाएं 1 मई तक इंट्रा-अफगान शांति वार्ता में भाग लेने और अल-कायदा और आईएसआईएस की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के बदले में देश से वापस आ जाएंगी। दोहा समझौते के रूप में जाना जाने वाले इस समझौते को एक साल से अधिक समय हो गया है लेकिन इंट्रा-अफगान शांति वार्ता आगे नहीं बढ़ पाया है।

इस महीने की शुरुआत में तुर्की को अफगान सरकार और तालिबान के बीच इस तरह की बातचीत को स्थगित करना पड़ा था क्योंकि तालिबान ने विदेशी सैनिकों की उपस्थिति का हवाला देते हुए अनिच्छा जाहिर की थी।

अफगानिस्तान में विदेशी सैनिकों की संख्या धीरे-धीरे कम होकर कुछ हजार तक पहुंच गई। साल 2011 में इन सैनिकों की सबसे ज्यादा 130,000 से अधिक हो गई थी। अमेरिकी सैनिकों की संख्या अभी 2,500 है। इन सभी शेष सैनिकों की अब सितंबर तक वापसी की उम्मीद है।

America
US Army
kabul
Afghanistan

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

भोजन की भारी क़िल्लत का सामना कर रहे दो करोड़ अफ़ग़ानी : आईपीसी

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

तालिबान को सत्ता संभाले 200 से ज़्यादा दिन लेकिन लड़कियों को नहीं मिल पा रही शिक्षा

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

काबुल में आगे बढ़ने को लेकर चीन की कूटनीति

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम


बाकी खबरें

  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    जम्मू-कश्मीर परिसीमन से नाराज़गी, प्रशांत की राजनीतिक आकांक्षा, चंदौली मे दमन
    07 May 2022
    हफ़्ते की बात के इस अंक में वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश बात कर रहे हैं जम्मू-कश्मीर के परिसीमन की। साथ ही वे नज़र डाल रहे हैं प्रशांत किशोर की राजनीतिक सियासत की।
  • रवि शंकर दुबे
    तीन राज्यों में उपचुनाव 31 मई को: उत्तराखंड में तय होगा मुख्यमंत्री धामी का भविष्य!
    07 May 2022
    चुनाव आयोग ने तीन राज्यों की तीन सीटों पर विधानसभा चुनावों की तारीख घोषित कर दी है, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण उत्तराखंड की चंपावत सीट को माना जा रहा है। क्योंकि यहां से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी…
  • पीपुल्स डिस्पैच
    पाकिस्तान में बलूच छात्रों पर बढ़ता उत्पीड़न, बार-बार जबरिया अपहरण के विरोध में हुआ प्रदर्शन
    07 May 2022
    राष्ट्रीय राजधानी इस्लामाबाद में पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) के परिसर से दिन दहाड़े एक बलूच छात्र बेबाग इमदाद को उठाए जाने के बाद कई छात्र समूहों ने इसके विरोध में प्रदर्शन किया।
  • राहुल कुमार गौरव
    पिता के यौन शोषण का शिकार हुई बिटिया, शुरुआत में पुलिस ने नहीं की कोई मदद, ख़ुद बनाना पड़ा वीडियो
    07 May 2022
    पीड़ित बेटी ने खुद अपने पिता की गंदी करतूत का वीडियो बनाया और फिर उसे लेकर थाने पहुंची। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने गुरुवार को 50 वर्षीय आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन पीड़िता को अपने…
  • सुबोध वर्मा
    ओडिशा: अयोग्य शिक्षकों द्वारा प्रशिक्षित होंगे शिक्षक
    07 May 2022
    शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए उपलब्ध 8 कॉलेजों में 62 फैकल्टी हैं, जिनमें से सिर्फ 20 रेगुलेटरी बॉडी की योग्यता के मानदंडों को पूरा करते हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License