NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
अमेरिका ने तालिबान की भागीदारी के साथ अफगानिस्तान में अंतरिम सरकार का प्रस्ताव दिया
अमेरिका और तालिबान के बीच पिछले साल के समझौते की विफलता स्पष्ट दिख रही है क्योंकि अफगान वार्ता अभी तक किसी निश्चित दिशा में नहीं हुई है।
पीपल्स डिस्पैच
03 Mar 2021
अमेरिका

अमेरिका ने कथित तौर पर तालिबान सहित देश के सभी गुटों के साथ अफगानिस्तान में एक साझा सरकार का प्रस्ताव किया है। ये रिपोर्ट अफगानिस्तान की टोलो न्यूज ने मंगलवार 2 मार्च को प्रकाशित किया। इस रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान में अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि ज़ाल्मे खलीलज़ाद ने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी और देश के अन्य शीर्ष नेताओं के साथ हाल ही में बैठकों में इस प्रस्ताव पर चर्चा की।

खलीलज़ाद काबुल में थे जहां उन्होंने जाहिर तौर पिछले साल तालिबान के साथ अमेरीकी समझौते की स्थिति पर चर्चा करने के लिए राष्ट्रपति गनी और अफगानिस्तान हाई काउंसिल ऑफ नेशनल रिकॉन्सिलिएशन के प्रमुख अब्दुल्ला अब्दुल्ला से मुलाकात की।

इस मसौदा प्रस्ताव में दोहा में चल रही शांति वार्ता को दरकिनार करने और तालिबान की भागीदारी के साथ एक अंतरिम सरकार का खाका तैयार करने के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर की वार्ता शुरू करना शामिल है जो अफगानिस्तान की पारंपरिक लोया जिरगा की मंजूरी दे सकती है।

दोहा में इंट्रा-अफगान शांति वार्ता पिछले साल सितंबर में तालिबान और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच हुए समझौते के बाद शुरू हुई थी जिसके अनुसार अमेरिका ने मई 2021 के अंत तक देश से अपनी सेनाओं को वापस लेने पर सहमति व्यक्त की थी। इस तरह सरकार के साथ इंट्रा-अफगान वार्ता में भाग लेने के लिए तालिबान सहमत हो गए थे। हालांकि, अमेरिका और तालिबान के बीच इस समझौते का परिणाम अभी अनिश्चित है क्योंकि जो बाइडन के चुनाव जीतने के बाद उनके प्रशासन ने अफ़गानिस्तान से अपनी सेनाओं को पूरी तरह से वापस लेने पर आपत्ति जताई है।

तालिबान ने अफ़गान सरकार के खिलाफ अपना विरोध जारी रखा है और देश के उत्तर-पूर्व और दक्षिण के एक बड़े हिस्से पर कब्जा किए हुए है। इसने शांति प्रक्रिया के साथ साथ काबुल और अन्य सरकारी नियंत्रण वाले क्षेत्रों में नागरिकों और सशस्त्र बलों पर कई हमले किए हैं।

मंगलवार 2 मार्च को भी राजधानी काबुल के पूर्व में जलालाबाद शहर में हथियारबंद आतंकवादियों द्वारा एक मीडिया संगठन में काम करने वाली तीन युवतियों को गोलियों से भून दिया था। ये युवतियां काम के बाद घर लौट रही थीं।

हालांकि राष्ट्रपति गनी के कार्यालय ने अभी तक इस प्रस्ताव पर आधिकारिक रूप से टिप्पणी नहीं की है। अतीत में वे इस तरह के प्रस्तावों को लेकर यह कहते हुए आलोचनात्मक रहे थे कि जब तक वे जीवित हैं तब तक तालिबान अफगानिस्तान में किसी भी सरकार का हिस्सा नहीं होगा।

Afghanistan
TALIBAN
USA and afghanistan
USA and Taliban
Talibani govt in afghanistan

Related Stories

भोजन की भारी क़िल्लत का सामना कर रहे दो करोड़ अफ़ग़ानी : आईपीसी

तालिबान को सत्ता संभाले 200 से ज़्यादा दिन लेकिन लड़कियों को नहीं मिल पा रही शिक्षा

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं

काबुल में आगे बढ़ने को लेकर चीन की कूटनीति

तालिबान के आने के बाद अफ़ग़ान सिनेमा का भविष्य क्या है?

अफ़ग़ानिस्तान हो या यूक्रेन, युद्ध से क्या हासिल है अमेरिका को

बाइडेन का पहला साल : क्या कुछ बुनियादी अंतर आया?

सीमांत गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष: सभी रूढ़िवादिता को तोड़ती उनकी दिलेरी की याद में 

पाकिस्तान-तालिबान संबंधों में खटास

अफ़ग़ानिस्तान में सिविल सोसाइटी और अधिकार समूहों ने प्रोफ़ेसर फ़ैज़ुल्ला जलाल की रिहाई की मांग की


बाकी खबरें

  • Gujarat Riots
    बादल सरोज
    गुजरात दंगों की बीसवीं बरसी भूलने के ख़तरे अनेक
    05 Mar 2022
    इस चुनिन्दा विस्मृति के पीछे उन घपलों, घोटालों, साजिशों, चालबाजियों, न्याय प्रबंधन की तिकड़मों की याद दिलाने से बचना है जिनके जरिये इन दंगों के असली मुजरिमों को बचाया गया था।
  • US Army Invasion
    रॉजर वॉटर्स
    जंग से फ़ायदा लेने वाले गुंडों के ख़िलाफ़ एकजुट होने की ज़रूरत
    05 Mar 2022
    पश्चिमी मीडिया ने यूक्रेन विवाद को इस तरह से दिखाया है जो हमें बांटने वाले हैं। मगर क्यों न हम उन सब के ख़िलाफ़ एकजुट हो जाएं जो पूरी दुनिया में कहीं भी जंगों को अपने फ़ायदे के लिए इस्तेमाल करते हैं?
  • government schemes
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना के दौरान सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं ले पा रहें है जरूरतमंद परिवार - सर्वे
    05 Mar 2022
    कोरोना की तीसरी लहर के दौरान भारत के 5 राज्यों (दिल्ली, झारखंड, छत्तीसगढ, मध्य प्रदेश, ओडिशा) में 488 प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना हेतु पात्र महिलाओं के साथ बातचीत करने के बाद निकले नतीजे।
  • UP Elections
    इविता दास, वी.आर.श्रेया
    यूपी चुनाव: सोनभद्र और चंदौली जिलों में कोविड-19 की अनसुनी कहानियां हुईं उजागर 
    05 Mar 2022
    ये कहानियां उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और चंदौली जिलों की हैं जिन्हे ऑल-इंडिया यूनियन ऑफ़ फ़ॉरेस्ट वर्किंग पीपल (AIUFWP) द्वारा आयोजित एक जन सुनवाई में सुनाया गया था। 
  • Modi
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव : क्या पूर्वांचल की धरती मोदी-योगी के लिए वाटरलू साबित होगी
    05 Mar 2022
    मोदी जी पिछले चुनाव के सारे नुस्खों को दुहराते हुए चुनाव नतीजों को दुहराना चाह रहे हैं, पर तब से गंगा में बहुत पानी बह चुका है और हालात बिल्कुल बदल चुके हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License