NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ ने स्टेन स्वामी के निधन पर दुख जताया
संयुक्त राष्ट्र की ‘स्पेशल रेपोर्ट्योर ऑन ह्यूमन राइट्स’ मैरी लॉलर ने कहा, “आज भारत से बेहद दुखी करने वाली खबर आई है। मानवाधिकार कार्यकर्ता और ईसाई पादरी फादर स्टेन स्वामी का निधन हो गया है। उन्हें आतंकवाद के झूठे आरोपों में नौ महीने तक हिरासत में रखा गया था। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को जेल में रखना स्वीकार्य नहीं है।”
भाषा
06 Jul 2021
संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ ने स्टेन स्वामी के निधन पर दुख जताया

संयुक्त राष्ट्र/लंदन: संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ के उच्च मानवाधिकार अधिकारियों ने ईसाई पादरी और कार्यकर्ता स्टेन स्वामी के निधन पर दुख जताया और कहा कि भारत में मूल निवासियों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले 84 वर्षीय स्वामी को “आतंकवाद के झूठे आरोपों” में जेल में बंद किया गया था।

संयुक्त राष्ट्र की ‘स्पेशल रेपोर्ट्योर ऑन ह्यूमन राइट्स’ मैरी लॉलर ने कहा, “आज भारत से बेहद दुखी करने वाली खबर आई है। मानवाधिकार कार्यकर्ता और ईसाई पादरी फादर स्टेन स्वामी का निधन हो गया है। उन्हें आतंकवाद के झूठे आरोपों में नौ महीने तक हिरासत में रखा गया था। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को जेल में रखना स्वीकार्य नहीं है।” इससे पहले उन्होंने स्वामी की बिगड़ती हालत पर चिंता जताई थी और उनके लिए विशेष उपचार की मांग की थी। उन्होंने स्वामी के खिलाफ आरोपों को “आधारहीन” बताया।

यूरोपीय संघ के मानवाधिकार के लिए विशेष प्रतिनिधि ईमन गिलमोर ने लॉलर के ट्वीट को साझा कर ट्वीट किया, “भारत: मुझे यह सुनकर बहुत दुख हुआ कि स्टेन स्वामी का निधन हो गया है। वह मूलनिवासी लोगों को अधिकारों के लिए लड़ने वाले कार्यकर्ता थे। उन्हें पिछले नौ महीने से हिरासत में रखा गया था। ईयू ने बार-बार इस मामले को उठाया था।”

स्वामी का सोमवार को मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया था जहां उन्हें 29 मई को भर्ती कराया गया था। उन्हें एल्गार परिषद मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने अक्टूबर 2020 में रांची से गिरफ्तार किया था।

इसे पढ़ें: दुख की बात है कि हमारे समाज में फादर स्टेन स्वामी जैसे लोग हीरो नहीं बनते!

इसे भी- बात बोलेगी: संस्थागत हत्या है फादर स्टेन स्वामी की मौत

इसे देखें- फादर स्टेन स्वामी नहीं रहे, क्या कहें थैंक्यू मोदी जी!!

UN
EU
Stan Swamy

Related Stories

मोदी जी, देश का नाम रोशन करने वाले इन भारतीयों की अनदेखी क्यों, पंजाबी गायक की हत्या उठाती बड़े सवाल

UN में भारत: देश में 30 करोड़ लोग आजीविका के लिए जंगलों पर निर्भर, सरकार उनके अधिकारों की रक्षा को प्रतिबद्ध

‘मैं कोई मूक दर्शक नहीं हूँ’, फ़ादर स्टैन स्वामी लिखित पुस्तक का हुआ लोकार्पण

एनआईए स्टेन स्वामी की प्रतिष्ठा या लोगों के दिलों में उनकी जगह को धूमिल नहीं कर सकती

फादर स्टेन स्वामी की हिरासत में मौत 'हमेशा के लिए दाग': संयुक्त राष्ट्र समूह

यूक्रेन संकट : वतन वापसी की जद्दोजहद करते छात्र की आपबीती

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

कार्टून क्लिक: पर्यटन की हालत पर क्यों मुस्कुराई अर्थव्यवस्था!

स्टेन स्वामी की मौत एक संस्थानिक हत्या थी’: सह-कैदियों ने उद्धव ठाकरे को अपने पत्र में लिखा था

झारखण्ड : आंदोलनकारियों की हत्या, दमन के ख़िलाफ़ संयुक्त जन अभियान : एके राय - चारु मजुमदार संकल्प सप्ताह की शुरुआत 


बाकी खबरें

  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: कुछ भी मत छापो, श..श..श… देश में सब गोपनीय है
    10 Apr 2022
    एक कानून है, गोपनीयता का कानून। पहले से ही है। सरकारी गोपनीयता का कानून। बलिया में वह भंग कर दिया गया। तीन पत्रकारों ने उसे भंग किया।
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    जय श्री राम बनाम जय सिया राम
    10 Apr 2022
    आज रामनवमी है, और इतवार भी। इसलिए ‘इतवार की कविता’ में आज पढ़ते हैं जय श्री राम और जय सिया राम का फ़र्क़ और मर्म बताती मुकुल सरल की यह छोटी सी कविता।
  • worker
    पुलकित कुमार शर्मा
    पिछले तीन सालों में दिहाड़ी 50 रुपये नहीं बढ़ी, जबकि महंगाई आसमान छू गयी    
    10 Apr 2022
    देश में 30 करोड़ से भी ज्यादा ग्रामीण कामगार कृषि और गैर कृषि पेशों से जुड़े हुए हैं। जिनकी दिहाड़ी में पिछले तीन सालों में मामूली सी बढ़ोतरी हुई है, जबकि महंगाई आसमान छू रही है।  
  • नाइश हसन
    उर्दू पत्रकारिता : 200 सालों का सफ़र और चुनौतियां
    10 Apr 2022
    उर्दू अपना पहले जैसा मक़ाम हासिल कर सकती है बशर्ते हुकूमत एक खुली ज़ेहनियत से ज़बान को आगे बढ़ाने में साथ दे, लेकिन देखा तो यह जा रहा है कि जिस पैकेट पर उर्दू में कुछ छपा नज़र आ जा रहा है उस प्रोडक्ट से…
  • शारिब अहमद खान
    नेट परीक्षा: सरकार ने दिसंबर-20 और जून-21 चक्र की परीक्षा कराई एक साथ, फ़ेलोशिप दीं सिर्फ़ एक के बराबर 
    10 Apr 2022
    केंद्र सरकार द्वारा दोनों चक्रों के विलय के फैसले से उच्च शिक्षा का सपना देखने वाले हज़ारों छात्रों को धक्का लगा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License