NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
बात बोलेगी: दलित एक्टिविस्ट नोदीप कौर की गिरफ़्तारी, यौन हिंसा, मज़दूर-किसान एकता को तोड़ने की साज़िश!
पंजाब की नोदीप को हरियाणा के कुंडली से मज़दूर आंदोलन से गिरफ्तार करके, गंभीर धारा में बुक करने से गहरा आक्रोश, नोदीप की बहन राजवीर ने लगाए गंभीर आरोप
भाषा सिंह
23 Jan 2021
दलित एक्टिविस्ट नोदीप कौर की गिरफ़्तारी, यौन हिंसा, मज़दूर-किसान एकता को तोड़ने की साज़िश!

वह पिछले 11 दिन से हिरासत में हैं। पहले पुलिस लॉकअप में पिटाई औऱ उसके बाद जेल। उन पर बहुत गंभीर आईपीसी की धाराएं लगाई गई हैं—हत्या का प्रयास (307), सशस्त्र हथियार के साथ दंगा करना, लोकसेवक को अपने कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए आपराधिक हमला करना (धारा 332) आदि। हरियाणा पुलिस ने उनके खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई (FIR संख्या 25/ 2021 और 26 /2021), इन सारी संगीन धाराओं को लगाया गया 22-23 साल की दलित महिला एक्टिविस्ट पर जिनका नाम है नोदीप कौर, जो पंजाब की रहने वाली हैं और पिछले कुछ समय से हरियाणा के कुंडली के कारखानों में मजदूरों के बीच सक्रिय हैं। इस गिरफ्तारी और नोदीप के साथ हुए यौन हिंसा प्रशासन के महिला-दलित विरोधी चेहरे को उजागर करती है और साथ ही मजदूरों-किसानों की संगठित आवाज़ को कुचलने की बड़ी साजिश को भी सामने लाती है।  

नोदीप कौर की बहन राजवीर कौर ने आज, शनिवार को दिल्ली के प्रेस क्लब में एक संवाददाता सम्मेलन में यह आरोप लगाया कि नोदीप को पुलिस हिरासत में यातना दी गई, टॉर्चर किया गया औऱ उनके साथ यौन हिंसा भी हुई है।

दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली राजवीर कौर का कहना है कि नोदीप कौर को सोनीपत के कुंडली में एम.एस. एलेकमेच प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के बाहर 12 जनवरी को प्रदर्शन करने के दौरान ही पुरुष पुलिसकर्मियों ने गिरफ्तार कर लिया। वे नोदीप को घसीटते हुए ले गए—जो सरासर गैर-कानूनी है। महिला को गिरफ्तार करने के लिए महिला पुलिस नियुक्त होती है, लेकिन यहां मार-पिटाई से लेकर गिरफ्तारी सब पुरुष पुलिसकर्मियों ने की। बाद में यह बात सामने आई की नोदीप के साथ यौन हिंसा भी की गई और उनकी टांगों से खून बह रहा था।

इस सबके बारे में राजवीर कौर ने न्यूज़क्लिक से ख़ास बातचीत की, जिसे आप इस वीडियो में सुन सकते हैं---

राजवीर का कहना है कि चूंकि उनकी बहन लंबे समय से फैक्टरी के मजदूरों को संगठित करने का काम कर रही थी, उनके वेतन के भुगतान के लिए संघर्षरत थी, इसलिए उसे निशाने पर लिया गया है। कुंडली के बगल में ही सिंघु ब़ॉर्डर पर किसान 26 नवंबर से बैठे हुए हैं और नोदीप यहां के मजदूरों के साथ किसानों का समर्थन भी करके आईं थीं। नोदीप कौर मजदूर अधिकार संगठन (एमएएस) के साथ जुड़ी हुई थीं और कई बार मजदूरों की मांगों को सफलता के मुकाम तक पहुंचा चुकी थीं।

तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का जो जुझारू आंदोलन देश की राजधानी की सभी सीमाओं पर चल रहा है, उसमें बड़ी संख्या में खेतिहर मजदूरों और श्रमिकों का समर्थन मिल रहा है। श्रमिकों के भीतर इन कृषि कानूनों के खिलाफ इसलिए भी बहुत आक्रोश है, क्योंकि इसमें आवश्यक वस्तुओं को खुले बाजार के हवाले कर दिया गया है। इससे गरीबों और मेहनतकशों पर बहुत मार पड़ेगी। इस कड़ी को जोड़ने का काम नोदाप कर रही थीं। आज नोदीप को तुंरत रिहा करने की मांग पर हुए संवाददाता सम्मेलन में भारतीय किसान यूनियन -क्रांतिकारी के नेता और भारतीय किसान यूनियन-उग्राहा के नेता दरबारा सिंह की उपस्थिति दोनों की एकता की मिसाल पेश कर रही थी। सभी का कहना था कि जिस तरह से पंजाब की एक नौजवान दलित लड़की को गिरफ्तार करके यौन उत्पीड़न का शिकार हरियाणा पुलिस ने बनाया है, उसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इसकी कड़ी आलोचना तो होनी ही चाहिए, इसके दोषी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए और नोदीप की तुरंत रिहाई के लिए सभी मिलकर आंदोलन करेंगे।

इस गिरफ्तारी के बारे में पुलिस का कहना है कि नोदीप मजदूरों को भड़काने का काम कर रही थीं और उनसे अवैध वसूली कर रही थीं। बाकी जो एफआईआर हैं और उसमें जो धाराएं लगाई गई हैं, वह अपने आप में पुलिस की कहानी को बयां करने के लिए पर्याप्त है। लेकिन जिस तरह से गिरफ्तारी हुई और जो गंभीर धाराएं पुलिस ने लगाई हैं, उससे एक बात साफ है कि वह नोदीप कौर की गिरफ्तारी के बहाने श्रमिकों के आंदोलन को कुचलने की तैयारी में है। किसानों के साथ श्रमिकों की बढ़ती एकजुटता ने पुलिस के साथ-साथ सरकारों को बहुत परेशान कर दिया है। और, शायद यही वजह है कि किसान यूनियनों ने भी नोदीप की रिहाई को अपने एजेंडे पर लिया है। बहुजन समाजवादी मंच के संजीव माथुर ने नोदीप की तुरंत रिहाई के साथ-साथ यह भी मांग उठाई कि यौन हिंसा घटना की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए औऱ पत्रकारों को भी इसमें सच को सामने लाने के लिए काम करना चाहिए।

पूरे घटनाक्रम से साफ है कि नोदीप शायद पुलिस के लिए आसान शिकार थी—महिला और दलित होने के नाते, इसलिए उन्हें टार्गेट किया गया। इसके साथ ही भाजपा सरकारें जिस तरह से तीन कृषि कानूनों पर मजदूर किसान एकता को तोड़ने की साजिश रच रही हैं, उससे भी नोदीप की गिरफ्तारी जुड़ सकती है।

Nodeep Kaur
Dalit activist Nodeep Kaur
sexual violence
punjab
Haryana
Labor rights organization
farmers protest
Farm Bills
BJP
Modi government

Related Stories

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

हिसारः फसल के नुक़सान के मुआवज़े को लेकर किसानों का धरना

लुधियाना: PRTC के संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

विशाखापट्टनम इस्पात संयंत्र के निजीकरण के खिलाफ़ श्रमिकों का संघर्ष जारी, 15 महीने से कर रहे प्रदर्शन

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल


बाकी खबरें

  • लव पुरी
    क्या यही समय है असली कश्मीर फाइल को सबके सामने लाने का?
    04 Apr 2022
    कश्मीर के संदर्भ से जुडी हुई कई बारीकियों को समझना पिछले तीस वर्षों की उथल-पुथल को समझने का सही तरीका है।
  • लाल बहादुर सिंह
    मुद्दा: क्या विपक्ष सत्तारूढ़ दल का वैचारिक-राजनीतिक पर्दाफ़ाश करते हुए काउंटर नैरेटिव खड़ा कर पाएगा
    04 Apr 2022
    आज यक्ष-प्रश्न यही है कि विधानसभा चुनाव में उभरी अपनी कमजोरियों से उबरते हुए क्या विपक्ष जनता की बेहतरी और बदलाव की आकांक्षा को स्वर दे पाएगा और अगले राउंड में बाजी पलट पायेगा?
  • अनिल अंशुमन
    बिहार: विधानसभा स्पीकर और नीतीश सरकार की मनमानी के ख़िलाफ़ भाकपा माले का राज्यव्यापी विरोध
    04 Apr 2022
    भाकपा माले विधायकों को सदन से मार्शल आउट कराये जाने तथा राज्य में गिरती कानून व्यवस्था और बढ़ते अपराधों के विरोध में 3 अप्रैल को माले ने राज्यव्यापी प्रतिवाद अभियान चलाया
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में एक हज़ार से भी कम नए मामले, 13 मरीज़ों की मौत
    04 Apr 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.03 फ़ीसदी यानी 12 हज़ार 597 हो गयी है।
  • भाषा
    श्रीलंका के कैबिनेट मंत्रियों ने तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दिया
    04 Apr 2022
    राजनीतिक विशेषज्ञों ने कहा कि विदेशी मुद्रा भंडार में कमी के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट से सरकार द्वारा कथित रूप से ‘‘गलत तरीके से निपटे जाने’’ को लेकर मंत्रियों पर जनता का भारी दबाव था।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License