NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
न्यूज़क्लिक के साथ आए लेखक संगठन; कहा- अभिव्यक्ति की आज़ादी पर सरकारी हमले के ख़िलाफ़ हम एकजुट
“हम अभिव्यक्ति की आज़ादी को कुचलने के लिए प्रवर्तन निदेशालय के इस्तेमाल की निंदा करते हैं और ज़ोर देकर कहना चाहते हैं कि प्रवर्तन निदेशालय को अपना काम ज़रूर करना चाहिए, पर जाँच को उत्पीड़न का हथियार बनाना हर तरह से निंदनीय है।”
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
10 Feb 2021
न्यूज़क्लिक के साथ आए लेखक संगठन; कहा- अभिव्यक्ति की आज़ादी पर सरकारी हमले के ख़िलाफ़ हम एकजुट

देश के प्रमुख कवि-लेखकों और संस्कृतिकर्मियों के संगठनों ने न्यूज़क्लिक पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी की निंदा करते हुए इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी पर प्रहार बताया है।

आपको बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार, 9 फरवरी की सुबह न्यूज़क्लिक के दफ़्तर और प्रमुख संपादक प्रबीर पुरकायस्थ और संपादक प्रांजल सहित इसके निदेशकों के घरों पर छापेमारी की। आपको मालूम हो कि अन्य जन मुद्दों के अलावा न्यूज़क्लिक इस समय दिल्ली की सीमाओं समेत देशभर में चल रहे किसान आंदोलन का व्यापक कवरेज़ कर रहा है। इसके चलते हाल में इस स्वतंत्र समाचार वेबसाइट और यू-ट्यूब पोर्टल की पाठक और दर्शक संख्या में भारी इजाफ़ा हुआ है।

न्यूज़क्लिक ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि, “सत्य की जीत होगी। हमें न्याय के तंत्र पर पूरा भरोसा है।”

दलित लेखक संघ, प्रगतिशील लेखक संघ, जन संस्कृति मंच, इप्टा, प्रतिरोध का सिनेमा, न्यू सोशलिस्ट इनीशिएटिव और जनवादी लेखक संघ ने एक संयुक्त बयान जारी करके कहा है कि मोदी सरकार शुरुआत से ही सच का साथ देनेवाले पत्रकारों और मीडिया संस्थानों को निशाने पर लेती आई है। प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग, पुलिस—इन सभी महकमों का इस्तेमाल निडर मीडिया को डराने-धमकाने और ग़लत मामलों में फँसाने में किया जाता रहा है।

पूरा बयान इस प्रकार है:-

प्रवर्तन निदेशालय  द्वारा 09/02/2021 को स्वतंत्र मीडिया पोर्टल ‘न्यूज़क्लिक’ के दफ़्तर पर तथा उसके स्वत्वाधिकारी, निदेशकों और सम्बद्ध पत्रकारों के घरों पर छापे डालना बेबाक पत्रकारिता का दमन करने की कोशिशों की सबसे ताज़ा कड़ी है। मोदी सरकार शुरुआत से ही सच का साथ देनेवाले पत्रकारों और मीडिया संस्थानों को निशाने पर लेती आई है। प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग, पुलिस—इन सभी महकमों का इस्तेमाल निडर मीडिया को डराने-धमकाने और ग़लत मामलों में फँसाने में किया जाता रहा है। सीएए विरोधी आंदोलन और किसान आंदोलन के साथ इस तरह की दमनकारी हरकतों में और तेज़ी आई है।

ज़्यादा दिन नहीं हुए, अपनी आलोचनात्मक धार के लिए सुपरिचित छह पत्रकारों पर राष्ट्रद्रोह के आरोप के साथ एफआईआर दर्ज की गई थी। सिंघु बॉर्डर से पत्रकारों की गिरफ़्तारियाँ भी हुईं। कश्मीर में पत्रकारों का उत्पीड़न लगातार जारी है और उत्तर प्रदेश में हाथरस मामले की रिपोर्टिंग करते पत्रकारों को फ़र्ज़ी आरोपों के तहत गिरफ़्तार किए जाने की घटना भी अभी पुरानी नहीं पड़ी है।

‘न्यूज़क्लिक’ एक ऐसा मीडिया पोर्टल है जो इस सरकारी दहशत के माहौल में निर्भीकता से सच को लोगों तक पहुँचाता रहा है। सरकार की गोद में बैठकर लोकतंत्र की जड़ें खोदनेवाले मीडिया संस्थानों के मुक़ाबले ‘न्यूज़क्लिक’ मीडिया जगत के उस छोटे हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है जिस पर भारतीय लोकतंत्र की उम्मीदें क़ायम हैं। उसके खिलाफ़ यह जाँच सरकार द्वारा उत्पीड़न की जानी-पहचानी चाल के निर्लज्ज इस्तेमाल का नमूना है।

 हम अभिव्यक्ति की आज़ादी को कुचलने के लिए प्रवर्तन निदेशालय के इस्तेमाल की निंदा करते हैं और ज़ोर देकर कहना चाहते हैं कि प्रवर्तन निदेशालय को अपना काम ज़रूर करना चाहिए, पर जाँच को उत्पीड़न का हथियार बनाना हर तरह से निंदनीय है।

जारीकर्त्ता:

जन संस्कृति मंच | दलित लेखक संघ | प्रगतिशील लेखक संघ | इप्टा | प्रतिरोध का सिनेमा | न्यू सोशलिस्ट इनीशिएटिव | जनवादी लेखक संघ  

इसे भी पढ़ें : ‘सच की जीत होगी, हमें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है'

Enforcement Directorate
Newsclick
Prabir Purkayastha
ED Raids

Related Stories

ED के निशाने पर सोनिया-राहुल, राज्यसभा चुनावों से ऐन पहले क्यों!

ईडी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी को धन शोधन के मामले में तलब किया

झारखंडः आईएएस पूजा सिंघल के ठिकानों पर छापेमारी दूसरे दिन भी जारी, क़रीबी सीए के घर से 19.31 करोड़ कैश बरामद

ईडी ने शिवसेना सांसद संजय राउत से संबंधित संपत्ति कुर्क की

महाराष्ट्र: फडणवीस के खिलाफ याचिकाएं दाखिल करने वाले वकील के आवास पर ईडी का छापा

ख़बरों के आगे-पीछे: विपक्ष को पोस्टल बैलेट में खेल होने का डर

हम लड़ेंगे और जीतेंगे, हम झुकेंगे नहीं: नवाब मलिक ने ईडी द्वारा गिरफ़्तारी पर कहा

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक से ईडी कर रही है पूछताछ

अवैध रेत खनन मामला: ईडी ने पंजाब में कई स्थानों पर की छापेमारी

लक्ष्मी जी और ईडी का छापा


बाकी खबरें

  • kisan
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसानों ने देश को संघर्ष करना सिखाया - अशोक धवले
    25 Dec 2021
    किसान आंदोलन ने इस देश के मजदूरों और किसानों को नई हिम्मत दी है। ऑल इंडिया किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक धवले ने न्यूज़क्लिक के साथ ख़ास बातचीत में कहा कि आंदोलन के कामयाब होने की बुनियादी शर्त…
  • yogi
    अजय कुमार
    योगी सरकार का काम सांप्रदायिकता का ज़हर फैलाना है या नौजवानों को बेरोज़गार रखना?
    25 Dec 2021
    उत्तर प्रदेश का चुनावी माहौल हिंदू-मुस्लिम धार पर बर्बाद करने की कोशिश की जा रही है। तो आइए इस नफ़रत के माहौल को काटते हुए उत्तर प्रदेश की बेरोज़गारी पर बात करते हैं।
  • manipur
    शशि शेखर
    मणिपुर : ड्रग्स का कनेक्शन, भाजपा और इलेक्शन
    25 Dec 2021
    मणिपुर में ड्रग कार्टेल और भाजपा नेताओं की उसमे संलिप्तता की कई खबरें आ चुकी हैं। टेररिस्ट संगठन से लिंक के आरोपी, थोनाजाम श्याम कुमार सिंह, 2017 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ते हैं। विधायकी की…
  • up
    सत्येन्द्र सार्थक
    यूपी चुनाव 2022: पूर्वांचल में इस बार नहीं हैं 2017 वाले हालात
    25 Dec 2021
    पूर्वांचल ख़ासकर गोरखपुर में सभी प्रमुख पार्टियां अपनी जीत का दावा कर रही हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में गोरखपुर ज़िले की 9 सीटों में से 8 पर भाजपा ने जीत हासिल की थी, लेकिन जानकारों का मानना है कि…
  • bhasha singh
    भाषा सिंह
    बात बोलेगी : दरअसल, वे गृह युद्ध में झोंकना चाहते हैं देश को
    24 Dec 2021
    हरिद्वार में 17 से 19 दिसंबर 2021 तक चली बैठक को धर्म संसद का नाम देने वाले वे सारे उन्मादी मारने-काटने की बात करने वाले, ख़ुद को स्वामी और साध्वी कहलाने वाले शख़्स दरअसल समाज को उग्र हिंदु राष्ट्र के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License