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मंत्री पर 40 फीसदी कमीशन मांगने का आरोप लगाने वाला ठेकेदार होटल में मृत मिला
कर्नाटक के ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री के एस ईश्वरप्पा पर एक ठेके लिये 40 फीसदी कमीशन मांगने का आरोप लगाने वाला ठेकेदार मंगलवार सुबह उडुपी के एक लॉज में मृत मिला।
भाषा
12 Apr 2022
K S Eshwarappa
Image courtesy : The Hindu

बेंगलुरु: कर्नाटक के ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री के एस ईश्वरप्पा पर एक ठेके लिये 40 फीसदी कमीशन मांगने का आरोप लगाने वाला ठेकेदार मंगलवार सुबह उडुपी के एक लॉज में मृत मिला। पुलिस ने इसकी जानकारी दी। 

पुलिस को शक है कि यह खुदकुशी का मामला है और उसने जांच शुरू कर दी है। 

पुलिस के अनुसार, बेलगावी जिले के संतोष के पाटिल का शव निजी लॉज के एक कमरे में मिला था। उन्होंने बताया कि उसके दोस्त उसके बगल के कमरे में ठहरे हुए थे।

पाटिल ने कुछ मीडिया संस्थानों को कथित तौर पर कुछ संदेश भेजे हैं जिसमें कहा गया है कि वह आत्महत्या कर रहा है और आरोप लगाया कि उसकी मृत्यु के लिए ईश्वरप्पा जिम्मेदार हैं।

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए ईश्वरप्पा ने कहा कि उन्हें आत्महत्या के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

ईश्वरप्पा ने कहा, “मुझे कोई जानकारी नहीं है। मैंने आरोप लगाने के लिए उसके खिलाफ (मानहानि का) मुकदमा दायर किया था और मामला स्वीकार कर लिया गया है। मुझे आप (मीडिया) से उसकी खुदकुशी के बारे में पता चल रहा है।”

यह पूछे जाने पर कि पाटिल ने उन्हें अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है, मंत्री ने कहा, " मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। मुझे नहीं पता कि उन्होंने मौत से पहले लिखे नोट में मेरा नाम क्यों लिखा और उन्होंने मुझ पर आरोप क्यों लगाया है। इसका जवाब तो सिर्फ वह ही दे सकते हैं लेकिन अब वह जीवित नहीं हैं।"

खुद को भाजपा कार्यकर्ता बताने वाले पाटिल ने 30 मार्च को आरोप लगाया था कि उसने आरडीपीआर विभाग में एक काम किया था और चाहते थे कि इसका भुगतान हो, लेकिन ईश्वरप्पा ने चार करोड़ रुपये के काम में 40 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी।

मंत्री ने न केवल आरोप का खारिज किया, बल्कि उसके खिलाफ मानहानि का मुकदमा भी दायर किया।

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के गृह मंत्री ए ज्ञानेंद्र ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक ने मौके का दौरा किया है।

प्रतिपक्ष के नेता सिद्धरमैया ने मंत्री की गिरफ्तारी, उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मामला दर्ज करने और उन्हें मंत्रालय से बर्खास्त करने की मांग की है।

karnataka
K S Eshwarappa

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CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License