NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
म्यामां में तख़्ता पलट: सेना ने देश का नियंत्रण अपने हाथों में लिया
स्टेट काउंसलर आंग सान सू ची को नज़रबंजद कर लिया गया है और राजधानी में संचार के सभी माध्यम काट दिये गये हैं।
एपी
01 Feb 2021
म्यामां में तख़्ता पलट: सेना ने देश का नियंत्रण अपने हाथों में लिया

नेपीता: म्यामां (बर्मा) में सेना ने एक साल के लिए देश का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है।

सेना के स्वामित्व वाले मयावाडी टीवी ने सोमवार सुबह इसकी घोषणा की।

खबरों में कहा गया कि स्टेट काउंसलर आंग सान सू ची को नजरबंजद कर लिया गया है और राजधानी में संचार के सभी माध्यम काट दिये गये हैं।

नेपीता में फोन एवं इंटरनेट सेवा बंद है और सू ची की नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी पार्टी से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों ने इन खबरों पर चिंता व्यक्त की है और म्यामां की सेना से कानून के शासन का सम्मान करने का अनुरोध किया है।

अमेरिका में व्हाइट हाउस की प्रवक्ता जेन साकी ने एक बयान में कहा कि वह और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन म्यामां के घटनाक्रमों से अवगत हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘म्यामां में लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता के हस्तांतरण को नजरअंदाज कर सेना के तख्तापलट की खबर से अमेरिका चिंतित है। यहां तक कि स्टेट काउंसर आंग सान सू ची एवं अन्य अधिकारियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।’’

बयान में कहा गया, ‘‘अमेरिका हालिया चुनाव के नतीजों को पलटने के प्रयास या लोकतांत्रिक तरीके से म्यामां में सत्ता के हस्तांतरण को रोकने के कदम का विरोध करता है। अगर इन कदमों को पलटा नहीं गया तो अमेरिका इसके लिये जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।’’

ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री मारिसे पेने ने सू ची एवं हिरासत में बंद अन्य लोगों की रिहाई का आह्वान किया।

उन्होंने कहा, ‘‘हम नवंबर 2020 में हुए आम चुनाव के अनुरूप शांतिपूर्ण तरीके से देश की संसद नेशनल असेंबली के सत्र की शुरुआत का समर्थन करते हैं।’’

म्यामां के सांसद राजधानी नेपीता में संसद के पहले सत्र के लिए सोमवार को एकत्रित होने वाले थे। हालांकि सेना के हालिया बयानों से सैन्य तख्तापलट की आशंका दिख रही थी।

ऑनलाइन समाचार पोर्टल ‘म्यामां नाउ’ ने अज्ञात सूत्रों के हवाले से बताया कि सू ची और उनकी पार्टी के अध्यक्ष को सोमवार तड़के गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि पोर्टल पर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गयी है। ‘म्यामां विजुअल टेलीविजन’ और ‘म्यामां वॉइस रेडियो’ ने सुबह करीब साढ़े छह बजे फेसबुक पर पोस्ट किया कि उनके कार्यक्रम नियमित प्रसारण के लिए उपलब्ध नहीं हैं।

सू ची की पार्टी ने संसद के निचले और ऊपरी सदन की कुल 476 सीटों में से 396 पर जीत दर्ज की थी जो बहुमत के आंकड़े 322 से कहीं अधिक था, लेकिन वर्ष 2008 में सेना द्वारा तैयार किए गए संविधान के तहत कुल सीटों में 25 प्रतिशत सीटें सेना को दी गयी हैं जो संवैधानिक बदलावों को रोकने के लिए काफी है। कई अहम मंत्री पदों को भी सैन्य नियुक्तियों के लिए सुरक्षित रखा गया है।

सू ची (75) देश की सबसे अधिक प्रभावशाली नेता हैं और सैन्य शासन के खिलाफ दशकों तक चले अहिंसक संघर्ष के बाद वह देश की नेता बनीं।

सेना ने चुनाव में धोखाधड़ी का आरोप लगाया, हालांकि वह इसके सबूत देने में नाकाम रही। देश के स्टेट यूनियन इलेक्शन कमीशन ने पिछले सप्ताह सेना के आरोपों को खारिज कर दिया था।

इन आरोपों से पिछले सप्ताह उस वक्त राजनीतिक तनाव पैदा हो गया, जब सेना के एक प्रवक्ता ने अपने साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में एक पत्रकार के सवाल के जवाब में सैन्य तख्तापलट की आशंका से इनकार नहीं किया। मेजर जनरल जॉ मिन तुन ने कहा था कि सेना ‘‘संविधान के मुताबिक कानून का पालन करेगी।’’

कमांडर इन चीफ सीनियर जनरल मिन आंग लाइंग ने भी बुधवार को वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि अगर कानूनों को सही तरीके से लागू नहीं किया गया तो संविधान को रद्द कर दिया जाएगा। इसके साथ ही देश के कई बड़े शहरों की सड़कों पर बख्तरबंद वाहनों की तैनाती से सैन्य तख्तापलट की आशंका बढ़ गयी।

हालांकि सेना ने शनिवार को तख्तापलट की धमकी देने की बात से इनकार किया और अज्ञात संगठनों एवं मीडिया पर उसके बारे में भ्रामक बातें फैलाने तथा जनरल की बातों को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया।

सेना ने रविवार को भी अपनी बात दोहराते हुए तख्तापलट की आशंका को खारिज किया और इस बार उसने विदेशी दूतावासों पर सेना के बारे में भ्रामक बातें फैलाने का आरोप लगाया।

Aung San Suu Kyi
Myanmar
Myanmar military
Emergency in Myanmar

Related Stories

भारत के कर्तव्यों का उल्लंघन है रोहिंग्या शरणार्थियों की हिरासत और उनका निर्वासन

कैसे सैन्य शासन के विरोध ने म्यांमार को 2021 के तख़्तापलट के बाद से बदल दिया है

तख़्तापल्ट का एक वर्ष: म्यांमार का लोकतंत्र समर्थक प्रतिरोध आशाजनक, लेकिन अंतरराष्ट्रीय एकजुटता डगमग

म्यांमार के प्रति भारतीय विदेश नीति अब भी अस्पष्ट बनी हुई है

म्यांमार में 4,800 खदान कर्मचारियों की हड़ताल के छह महीने पूरे

म्यांमार की पुरानी रिपोर्ट कोलकाता में रोहिंग्या मुसलमानों द्वारा हिंदुओं की हत्या के नाम पर शेयर की

म्यांमार के नयपीडाव में सैन्य छापेमारी में 31 लोग मारे गए

रोहिंग्या कैंप: आग लगने के बाद अब क्या हैं हालात

दिल्ली के इकलौते रोहिंग्या कैंप में बार-बार आग लगने से उठते सवाल

सुप्रीम कोर्ट का रोहिंग्या मुसलमानों को वापस भेजने का फ़ैसला कितना मानवीय?


बाकी खबरें

  • kisan andolan
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसान आंदोलन बदलेगा उत्तर प्रदेश में राजनीतिक समीकरण
    01 Oct 2021
    उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनाव बड़े अहम् होने वाले हैं। किसान आंदोलन, सरकारी योजनाएं और जातिगत समीकरण का क्या असर होगा इन चुनावों में, बात कर रहे हैं परंजॉय गुहा ठाकुरता और राधिका रामाशेषन
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोयला विस्तार का प्रभाव, बिहार में महिला कमांडो दस्ता और अन्य ख़बरें
    01 Oct 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी देश के महानगरों पर पड़ेगा कोयला विस्तार का प्रभाव, बिहार में पहला महिला कमांडो दस्ता और अन्य ख़बरों पर।
  • liquor
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः प्रतिबंध के बावजूद पंचायत चुनावों के बीच शराब की तस्करी बढ़ी
    01 Oct 2021
    बिहार में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध है, इसके बावजूद इसकी तस्करी और कारोबार की खबरें अक्सर आती रहती हैं।
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: इस महंगाई के लिए थैंक्यू मोदी जी!
    01 Oct 2021
    अक्टूबर की शुरुआत होते ही एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है, लेकिन राहत की बात यह है कि यह बढ़ोतरी 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर में हुई है,…
  • Milwa Mnyaluza
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    दुनिया में अंतर्निहित नस्लवाद और असहिष्णुता के मूल कारणों की पड़ताल
    01 Oct 2021
    संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने इसी साल के जुलाई महीने में दुनिया में मौजूद नक्सलवाद और असहिष्णुता के मूल कारणों की पड़ताल के लिए एक कमेटी गठित की।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License