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म्यांमार में तख्तापलट शासन ने लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ हिंसात्मक कार्रवाई की
1 फरवरी को हुए तख्तापलट के बाद से गत रविवार को देश के विभिन्न हिस्सों में सशस्त्र बलों द्वारा हिंसात्मक कार्रवाई में कम से कम 18 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई।
पीपल्स डिस्पैच
01 Mar 2021
म्यांमार

म्यांमार में लगभग एक महीने से जारी लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों का रविवार 28 फरवरी को सबसे खून खराबे वाला दिन रहा। तख्तापलट सरकार द्वारा इन प्रदर्शनकारियों पर हिंसात्मक कार्रवाई की गई जिसमें क़रीब 18 लोग मारे गए। पुलिस और सशस्त्र बलों ने देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस, वाटर केनन और गोलियां चलाईं जिसमें कई लोगों की मौत हो गई और कई लोग गंभीर रुप से घायल हो गए।

संयुक्त राष्ट्र और कई अन्य देशों द्वारा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ तेज की गई हिंसात्मक कार्रवाई की निंदा की गई है। रविवार की घटना के बाद म्यांमार में तख्तापलट विरोधी और लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शन में मृतकों की संख्या 21 तक पहुंच गई है। 1 फरवरी को हुए सैन्य तख्तापलट के बाद से ये प्रदर्शन शुरू हुआ था। पिछले साल हुए चुनावों में आंग सान सू की की नेशनल लीग ऑफ डेमोक्रेसी पर हेराफेरी का आरोप लगया गया था। इस चुनाव में सू की की पार्टी को वियजी घोषित किया गया था।

माना जाता है कि रविवार को 1,000 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने पिछले सप्ताह एक पत्रकार थीन ज़ॉ को भी गिरफ्तार किया जो अभी पुलिस हिरासत में है।

सशस्त्र बलों द्वारा अपनाई गई मजबूत सशस्त्र रणनीति और सैन्य नेतृत्व वाले तख्तापलट सरकार की रणनीति को चुनौती देते हुए हजारों की संख्या में लोग म्यांमार के शहरों दवई, म्येइक, यंगून, मंडालेय, पोकोक्कु जैसे शहरों में सड़कों पर उतर गए और तख्तापलट शासन के खिलाफ लोकतंत्र के समर्थन में नारे लगाए। 20 फरवरी को मंडालेय में सुरक्षा बलों द्वारा दो प्रदर्शनकारियों की हत्या के बाद विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है।

आंग सान सू की की निर्वाचित सरकार को सत्ता सौंपने की मांग करने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सेना द्वारा की गई कार्रवाईयों में रविवार को हुई हत्या की घटनाओं में सबसे अधिक प्रदर्शनकारी हताहत हुए हैं।

इस बीच, तख्तापलट प्रशासन द्वारा सू की के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करने के लिए वह सोमवार को अदालत में पेश हुईं।

Myanmar
Myanmar armed forces
Aung San Suu

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