NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अदालत ने पत्रकार अब्देलकरिम ज़ेगिलेचे की सजा घटाकर एक साल की
ज़ेगिलेचे को छह महीने तक जेल में सजा काटने के बाद इस साल दिसंबर में रिहा होने की उम्मीद है।
पीपल्स डिस्पैच
09 Nov 2020
अब्देलकरिम ज़ेगिलेचे

अल्जीरिया की एक अदालत ने रविवार 8 नवंबर को पत्रकार अब्देलकरिम ज़ेगिलेचे की सज़ा की अवधि को घटाकर एक साल कर दिया। जिसमें छह महीने जेल में बिताने हैं। जेल अधिकार समूह के अनुसार इस साल अगस्त महीने में दो साल की जेल की सजा के ख़िलाफ़ अपील के बाद ये फैसला आया है।

अल्जीरियाई क़ैदी के अधिकार समूह सीएनएलडी (नेशनल कमेटी फॉर लिबरेशन ऑफ डिटेनीज) ने कहा है कि ज़ेगिलेचे की सजा में कमी होने के मद्देनज़र छह महीने की जेल की सजा पूरी होने के बाद दिसंबर में रिहा करने की उम्मीद है।

ज़ेगिलेचे को 23 जून से प्री-ट्रायल डिटेंशन में जेल में रखा जा रहा था और उन पर कई गंभीर आपराधिक आरोप लगाए गए थे जिसमें "राष्ट्रीय एकता को कमज़ोर करना" और "गणतंत्र के राष्ट्रपति के व्यक्तित्व को विकृत करना" जिसके लिए अभियोजन पक्ष ने अदालत से कहा था कि इस दोष के लिए तीन साल की कठोर सजा दी जाए।

ज़ेगिलेचे अल्जीरियाई ऑनलाइन रेडियो चैनल रेडियो सर्बाकेन (Sarbacane) के प्रमुख हैं और अल्जीरिया की सत्ता-विरोधी हिरक आंदोलन के लंबे समय से सक्रिय समर्थक रहे हैं। इस आंदोलन ने पिछले साल अल्जीरियाई तानाशाह-राष्ट्रपति अब्देलअज़ीज़ बाउटेफ्लिका को सफल तरीके से उखाड़ फेंका था। उनके रेडियो चैनल ने आम अलजीरियाई लोगों के लिए हिरक कार्यकर्ताओं और नेताओं को विचार और एजेंडे को प्रस्तुत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य किया। इसके कारण ज़ेगिलेचे उन अल्जीरियाई सरकारी अधिकारियों का निशाना बन गए जो पहले से ही सश्कत लोगों और सत्ता के ख़िलाफ़ आलोचनात्मक और विरोध की आवाज़ को दबा रहे थे।

राष्ट्रपति अब्देलमदजीद तेब्बौने की नई अल्जीरियाई सरकार ने हिरक आंदोलन, इसके नेताओं, कार्यकर्ताओं, समर्थकों के साथ-साथ अन्य विपक्षी लोगों और आलोचकों जैसे पत्रकारों, वकीलों, ब्लॉगरों इत्यादि पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है। जेगिलेचे उन पत्रकारों में से हैं जिन पर लीगल और फिजिकल दोनों तरीके से हमले किए गए। जेगिलेचे के मामले में उनके रेडियो स्टेशन का ऑपरेशन बंद करने के लिए मजबूर करते हुए अल्जीरियाई सुरक्षा बलों ने उनके रेडियों स्टेशन और कार्यस्थल पर छापे मारे और ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से उपकरण और आधिकारिक दस्तावेज़ ले गए। अल्जीरियाई अधिकारियों ने बाद में रेडियो स्टेशन के लिए ऑपरेटिंग लाइसेंस को भी निलंबित कर दिया और विरोध को कुचलने के प्रयास में ज़ेगिलेचे के ख़िलाफ़ इन आपराधिक आरोपों को लगाया।

algiria
Algirian Journalist
Abdelmadjid Tebboune
Algirian Protest

Related Stories

अल्जीरिया में पत्रकारों ने विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर सरकारी उत्पीड़न का विरोध किया

पिछले हफ़्ते अल्जीरिया में गिरफ़्तार हुए 23 हिरक प्रदर्शनकारियों ने भूख हड़ताल शुरु की

अल्जीरिया : राष्ट्रपति का संसद भंग करने का ऐलान, समय से पहले चुनाव की उम्मीद

अल्जीरियाः अदालत ने हिरक आंदोलन के प्रदर्शनकारी यासीन मेबार्की को 10 साल जेल की सज़ा सुनाई

अल्जीरियाः नवंबर में जनमत संग्रह के बाद जल्द संसदीय चुनाव


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    लखीमपुर मामला : आशीष मिश्रा को ज़मानत देने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फ़ैसले को उच्चतम न्यायालय ने किया खारिज
    18 Apr 2022
    मुख्य न्यायाधीश एन वी रमण और न्यायमूर्ति सूर्यकांत व न्यायमूर्ति हिमा कोहली की विशेष पीठ ने आरोपी को एक सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने को भी कहा। मिश्रा की जमानत रद्द करवाने के लिये दायर किसानों की…
  • बी. सिवरामन
    कर्नाटक में बदनाम हुई भाजपा की बोम्मई सरकार, क्या दक्षिण भारत होगा- “भाजपा मुक्त”
    18 Apr 2022
    भाजपा की मूल संस्था, आरएसएस ने जल्द ही समझ लिया है कि भ्रष्टाचार का कैंसर सभी भाजपा राज्य सरकारों में फैल रहा है। इसके प्रभाव से बचने के लिए ध्रुवीकरण की राजनीति को और अधिक टाइट किया जा रहा है। 
  • media
    सुहित के सेन
    डराये-धमकाये जा रहे मीडिया संगठन, लेकिन पलटकर लड़ने की ज़रूरत
    18 Apr 2022
    अगर मीडिया अपनी ज़मीन पर खड़ा रहे, तो भारत में लोकतंत्र का संकट कम विकट होगा, ख़ासकर जिस समय हुकूमत की तरफ़ से या उसके संरक्षण में पत्रकारों पर हमला किया जा रहा हो।
  • सत्यम् तिवारी
    हिमाचल प्रदेश के ऊना में 'धर्म संसद', यति नरसिंहानंद सहित हरिद्वार धर्म संसद के मुख्य आरोपी शामिल 
    18 Apr 2022
    ऊना ज़िले के मुबारकपुर गाँव में हुई धर्म संसद में यति नरसिंहानंद ने की मुसलमानों की लक्षित हत्या की बात, रागिनी तिवारी ने खुद को कहा लेडी गोडसे और यह सब हुआ पुलिस की मौजूदगी में।
  • सत्यम् तिवारी
    रुड़की : हनुमान जयंती पर भड़की हिंसा, पुलिस ने मुस्लिम बहुल गांव में खड़े किए बुलडोज़र
    18 Apr 2022
    भगवानपुर के डाडा जलालपुर गांव में शोभायात्रा में मस्जिद के बाहर गाली भरे गाने चलाने के बाद हिंसा भड़की जिसके बाद पुलिस ने मुस्लिम समुदाय के 11 लोगों को गिरफ़्तार कर लिया। मुसलमानों के शुद्धिकरण की बात…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License