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निर्भया कांड के दोषियों को अब एक फरवरी को फांसी 
राष्ट्रपति को भेजी गई मुकेश सिंह की दया याचिका के ख़ारिज होने पर चारों दोषियों के खिलाफ नया डेथ वारंट जारी किया गया है, जिसमें चारों को एक फरवरी को सुबह छह बजे फांसी पर लटकाया जाएगा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 Jan 2020
nirbhaya case

दिल्ली: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने निर्भया बलात्कार मामले के दोषी मुकेश सिंह की दया याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। इसे के साथ निर्भया कांड के दोषियों के खिलाफ नया डेथ वारंट जारी किया गया है, जिसमें चारों दोषियों को एक फरवरी को सुबह छह बजे फांसी पर लटकाया जाएगा।

सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार देर रात मुकेश सिंह दया याचिका राष्ट्रपति के पास भेजी जिसके बाद राष्ट्रपति ने इसे खारिज कर दिया। मुकेश 2012 के निर्भया सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले के चार दोषियों में से एक है जिन्हें फांसी की सजा का आदेश दिया गया है।

दया याचिका खारिज होने की खबर मिलने के बाद निर्भया के पिता ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘ यह बहुत अच्छी बात है। जब हमने ‘फांसी देने में देरी हो सकती है’ वाली खबर सुनी तो हमारी सारी उम्मीदें धूमिल पड़ गई थीं।’’ 

मुकेश सिंह ने दो दिन पहले ही दया याचिका दायर की थी।

दिल्ली की एक अदालत ने सात जनवरी को मृत्यु वारंट जारी करते हुए कहा था कि चारों दोषियों - मुकेश सिंह(32), विनय शर्मा (26), अक्षय कुमार सिंह (31) और पवन गुप्ता (25) को 22 जनवरी की सुबह सात बजे तिहाड़ जेल में फांसी दी जाएगी। 

हालांकि दिल्ली सरकार ने उच्च न्यायालय में कहा था कि दोषियों को फांसी नहीं दी जा सकती है क्योंकि दोषी मुकेश ने दया याचिका दायर कर रखी है। 

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने शुक्रवार सुबह कहा, ‘‘ गृह मंत्रालय ने मुकेश सिंह की दया याचिका राष्ट्रपति के पास भेज दी है। मंत्रालय ने इसे खारिज करने की दिल्ली के उप राज्यपाल की सिफारिश को दोहराया है।’’ 

दिल्ली के उप राज्यपाल अनिल बैजल के कार्यालय ने मुकेश सिंह की दया याचिका गुरूवार को गृह मंत्रालय के पास भेजी थी। इससे पहले दिल्ली सरकार ने दया याचिका को खारिज करने की सिफारिश की थी। 

आपको बता दें कि इन दोषियों की फांसी को लेकर दिल्ली में राजनीति तेज़ हो गई है। फांसी में देरी के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर आरोप लगाया है, जबकि आप ने इसके लिए बीजेपी को ज़िम्मेदार ठहराया है।  

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

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President Ram Nath Kovind
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