NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
हिमाचल में हुई पहली किसान महापंचायत, कृषि क़ानूनों के विरोध के साथ स्थानीय मुद्दे भी उठाए गए!
महापंचायत में हिमाचल प्रदेश के अलावा उत्तराखंड और हरियाणा के हजारों किसानों ने हिस्सा लिया । इस दौरान किसान ने राज्य के किसानी से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने दूध और सेब के दाम पर कंपनियों की मनमानी का मुद्दा भी उठाया। 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
08 Apr 2021
हिमाचल में हुई पहली किसान महापंचायत, कृषि क़ानूनों के विरोध के साथ स्थानीय मुद्दे भी उठाए गए!

देशभर में किसान आंदोलन का लगातर विस्तार हो रहा है। किसान आंदोलन अब मैदानी इलाको से हटकर अब पहाड़ी राज्यों में भी फैल रहा है। बुधवार 7 अप्रैल को  हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पांवटा साहिब के अंतर्गत हरिपुर टोहाना मैदान में बुधवार को किसान महापंचायत हुई। महापंचायत में राष्ट्रीय किसान नेता राकेश टिकैत के अलावा संयुक्त मोर्चा के कई नेता और हिमाचल के किसान नेता भी शामिल हुए। महापंचायत में हिमाचल प्रदेश के अलावा उत्तराखंड और हरियाणा के हजारों किसान शामिल हुए। इस दौरान किसानों ने राज्य के किसानी से जुड़े मुद्दे उठाए।  उन्होंने दूध और सेब के दाम पर कंपनियों की मनमानी का मुद्दा भी उठाया।  

हिमाचल किसान सभा के अध्यक्ष डॉ कुलदीप सिंह ने आंदोलन में शहीद किसानों को श्रद्धांजलि  देते हुए अपना संबोधन शुरू किया।  उन्होंने कहा तीन काले क़ानून के खिलाफ तो यह संघर्ष है, लेकिन हम इस आंदोलन के माध्यम से हमारे राज्य के किसानों की समस्याओं को आगे रखना चाहते हैं।  

कुलदीप सिंह ने आगे कहा हमारे यहां सेब ,सब्ज़ी और दूध उत्पादक किसान अधिक है लेकिन हमे कोई न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलता है।  जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने खुद 2014 में कहा था की कैसे हिमाचल की महिलाएं पशुओं के लिए मुश्किल हालात में चारा लती हैं लेकिन उनके दूध का उचित दाम उन्हें नहीं मिलता है। मोदी ने वादा किया था कि वो दूध का उचित दाम दिलाएंगे लेकिन उन्होंने भी कुछ नहीं किया।आखिर में कुलदीप सिंह ने कहा हिमाचल और उत्तराखंड भी इस आंदोलन में बढ़चढ़कर हिस्सा लेगा।  पर्वतीय क्षेत्रों में जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान का किसानों को मुआवजा दिया जाए : टिकैतभारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने बुधवार को कहा कि सरकार पर्वतीय क्षेत्र के किसानों को जानवरों द्वारा नष्ट की गई फसलों का मुआवजा प्रदान करे।

टिकैत ने यह भी कहा कि सरकार को किसानों के उत्पादन को उनके खेतों से थोक बाजारों तक ले जाने के प्रबंध भी करना चाहिए।

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में पांवटा साहिब के पास हरिपुर टोहाना गांव में किसानों की महापंचायत को संबोधित करते हुए टिकैत ने कहा, ‘‘सरकार जब बात करना चाहेगी, हम उससे बात करेंगे, लेकिन हम आंदोलन के लिए भी तैयार हैं। आंदोलन का पहला चरण नवंबर-दिसंबर तक चलेगा और उसके बाद यदि जरूरी हुआ तो इसे तेज किया जाएगा।’’

उन्होंने कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन में सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा क्योंकि कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं।टिकैत ने कहा कि हालांकि कर्फ्यू या लॉकडाउन के बावजूद आंदोलन जारी रहेगा, इसे खत्म नहीं किया जाएगा।

राकेश टिकैत ने कहा कि देश में कोई सरकार नहीं है बल्कि देश में लुटेरे बैठे हैं। देश की शान और अस्मिता को बचाने के लिए सरकार के खिलाफ लड़ाई जरूरी है। राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार पर भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ये समझ लो कि ये शाहीन बाग का आंदोलन नहीं है जो कोरोना के आने से खत्म हो जाएगा या पश्चिम बंगाल का चुनाव निपटते ही सब कुछ सामान्य हो जाएगा। कोरोना क्या उसके रिश्तेदार भी साथ में आ जाएं तब भी किसान आंदोलन खत्म नहीं होगा।

(भाषा इनपुट के साथ )

Himachal Pradesh
Kisan Mahapanchayat
Farm Laws
Uttrakhand
Haryana
Himachal Kisan Sabha

Related Stories

हिसारः फसल के नुक़सान के मुआवज़े को लेकर किसानों का धरना

हिमाचल: प्राइवेट स्कूलों में फ़ीस वृद्धि के विरुद्ध अभिभावकों का ज़ोरदार प्रदर्शन, मिला आश्वासन 

हड़ताल के कारण हरियाणा में सार्वजनिक बस सेवा ठप, पंजाब में बैंक सेवाएं प्रभावित

हरियाणा: आंगनबाड़ी कर्मियों का विधानसभा मार्च, पुलिस ने किया बलप्रयोग, कई जगह पुलिस और कार्यकर्ता हुए आमने-सामने

हिमाचल प्रदेश: नियमित करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरीं आंगनबाड़ी कर्मी

हरियाणा : आंगनवाड़ी कर्मचारियों की हड़ताल 3 महीने से जारी, संगठनों ने सरकार से की बातचीत शुरू करने की मांग

केंद्र सरकार को अपना वायदा याद दिलाने के लिए देशभर में सड़कों पर उतरे किसान

हरियाणा: आंगनवाड़ी कर्मचारियों के आंदोलन के 50 दिन पूरे

ख़बर भी-नज़र भी: किसानों ने कहा- गो बैक मोदी!

हरियाणा की 20,000 हड़ताली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता करनाल में करेंगी रैली


बाकी खबरें

  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटे में 12,729 नए मामले, 221 मरीज़ों की मौत
    05 Nov 2021
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 43 लाख 33 हज़ार 754 हो गयी है।
  • Diagnosis and Recovery Long
    दित्सा भट्टाचार्य
    अध्ययन बताता है कि मल्टीड्रग-रेसिस्टेंट ट्यूबरकुलोसिस रोगियों की पहचान और इलाज का सफ़र लंबा और महंगा है
    05 Nov 2021
    इस रिपोर्ट में ज़िक़्र किया गया है कि कैसे एमडीआर-टीबी के 128 (49%) रोगियों में से 62 रोगियों के होने वाले ख़र्च के आकलन से पता चला कि औसत ख़र्च 10,000 रुपये था, और 14 (23%) रोगियों ने बताया कि यह…
  • akhilesh
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    उत्तर प्रदेशः छोटी छोटी पार्टियों की बड़ी बेचैनी
    05 Nov 2021
    ध्यान से देखा जाए तो यह होड़ उत्तर प्रदेश की विभिन्न जातियों की सामाजिक-राजनीतिक हलचल है। यह छोटी जातियों का राजनीतिकरण है जो हिंदुत्व और समाजवाद के बड़े बड़े आख्यानों के बीच अपने लिए सम्मान और सत्ता…
  • kisan diwali
    लाल बहादुर सिंह
    उपचुनाव नतीजों के बाद पैनिक मोड में आई मोदी सरकार क्या किसान-आंदोलन पर भी यू-टर्न लेगी? 
    05 Nov 2021
    अगले 1-2 महीने बेहद निर्णायक हैं आंदोलन के भविष्य के लिए। इस दौरान  एक ओर सरकार किसी न किसी तरह आंदोलन खत्म कराने के अधिकतम दबाव में रहेगी, दूसरी ओर आंदोलन के सामने न सिर्फ अपने को मजबूती से टिकाए…
  • diwali crackers
    शंभूनाथ शुक्ल
    दिवाली, पटाख़े और हमारी हवा
    04 Nov 2021
    दशहरा या दिवाली पर पटाख़े फोड़ने का कोई भी धार्मिक विधि-विधान नहीं है लेकिन जिनके पास अतिरिक्त धन है, उनको दिवाली पर पटाख़ों को फोड़ने में आनंद मिलता है। शायद इस तरह वे अपने वैभव का प्रदर्शन करते हों।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License