NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
कोरोना के कारण ‘समाजवादी विचार यात्रा’ के पहले चरण का सेवा आश्रम में समापन
समाजवादी समागम के बैनर तले ‘भारत जोड़ो-संविधान बचाओ’ के साथ समाजवादी विचार यात्रा 30 जनवरी को दिल्ली के राजघाट से शुरू की गई थी। पहले चरण का समापन आज भगत सिंह, सुखदेव और राजगरु के शहादत दिवस पर हैदराबाद में होना था, लेकिन कोरोना के कारण यात्रा का समापन 21 मार्च को सेवा आश्रम, वर्धा में कर दिया गया।
राजु कुमार
23 Mar 2020
Samajwadi Yatra

महात्मा गांधी और कस्तूरबा गांधी के 150वीं जयंती वर्ष में देश-दुनिया में कई यात्राएं निकाली जा रही हैं, जिसमें गांधीवादी, समाजवादी एवं वामपंथी विचारों से जुड़े लोग शामिल हैं। 30 जनवरी को गांधी जी के शहादत दिवस पर दिल्ली के राजघाट से समाजवादी समागम के बैनर तले ‘भारत जोड़ो-संविधान’ बचाओ नारे के साथ समाजवादी विचार यात्रा की शुरुआत की।

यात्रा गांधी जी की 150वीं जयंती और समाजवादी आंदोलन के 85 वर्ष पूरा होने के अवसर पर स्वतंत्रता आन्दोलन व समाजवादी आन्दोलन के मूल्यों की पुनर्स्थापना और संवैधानिक मूल्यों की स्थापना के साथ-साथ सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ निकाली गई। यात्रा के पहले चरण में 13 राज्यों में डेढ़ सौ से ज्यादा सभाओं का आयोजन करते हुए इसका समापन आज 23 मार्च को भगत सिंह, सुखदेव और राजगरु के शहादत दिवस पर हैदराबाद में किया जाना था, लेकिन कोरोना वायरस के कारण यात्रा का समापन 21 मार्च को सेवा आश्रम, वर्धा में कर दिया गया। इस दरम्यान 13 राज्यों में समाजवादी समागम ने 51 दिनों में 162 सभाओं का आयोजन किया गया।

यात्रा में मौजूदा समय की कई समस्याओं पर चर्चा की गई, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्रों के निजीकरण, बढ़ती बेरोजगारी, गैर बराबरी, मॉब लिंचिंग, करोड़ों आदिवासियों को उजाड़ने की साजिश, दलितों, महिलाओं एवं अल्पसंख्यकों पर बढ़ते जुल्म, गहराते कृषि संकट, श्रम क़ानूनों को ख़त्म कर पचपन करोड़ श्रमिकों के जीवन को असुरक्षित बनाने जैसी कई मुद्दे शामिल किए गए हैं। समाजवादी विचार यात्रा में प्रमुख रूप से राष्ट्र सेवा दल, हिन्द मजदूर सभा, जनांदोलनों के राष्ट्रीय समन्वय, हम समाजवादी संस्थाएं, हम भारत के लोग, यूसुफ मेहेर अली सेंटर, इंसोको और नशा मुक्त भारत आंदोलन शामिल हैं। साथ ही विभिन्न राज्यों में स्थानीय संस्थाओं एवं जन संगठनों का सहयोग भी इसमें शामिल हैं। 

Samajwadi Yatra 4_0.jpeg

यात्रा 51वें दिन नागपुर में दीक्षा भूमि पहुंची। नागपुर में करोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिहाज से सभी दुकानें एवं आवागमन के साधनों को बंद कर दिया गया था। दीक्षा भूमि के बंद होने के कारण बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को गेट पर ही पुष्पांजलि अर्पित की गई। यात्रा नागपुर से होकर वर्धा सेवा ग्राम आश्रम तक गई, जहां गांधी जी ने आजादी के आंदोलन के दौरान 10 वर्ष से अधिक समय बिताया था। इसी आश्रम में गांधी जी ने 1942 के आंदोलन को अंतिम रूप दिया था।

वर्धा में यात्रा संयोजक अरूण श्रीवास्तव ने कहा कि हम भले ही हैदराबाद में समाजवादी समागम करोना संक्रमण के चलते नहीं कर पाएं, लेकिन जल्द ही हैदराबाद में समाजवादी समागम आयोजित किया जाएगा, जिसमें भावी कार्यक्रमों की घोषणा की जाएगी।

यात्रा के प्रमुख नेता डॉ. सुनीलम ने इस यात्रा के अनुभवों को ‘न्यूज़क्लिक’ के साथ साझा करते हुए कहा कि यात्रा इस मायने में सफल रही कि समाजवादी समागम के यात्री साथियों को देश के महिलाओं और युवाओं के नेतृत्व में चल रहे सीएए, एनआरसी और एनपीआर आंदोलन में सक्रिय भागीदारी करने का मौका मिला। यात्रा की शुरुआत गिरफ्तारी के साथ हुई, जब अंतिम समय में प्रशासन ने राजघाट से यात्रा शुरू करने की अनुमति को रद्द कर दिया।

इस यात्रा में सबसे ज्यादा सीएए, एनआरसी और एनपीआर का मुद्दा छाया रहा। समाजवादी यात्रा में शामिल नेता और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने 13 राज्यों के 47 धरना स्थलों पर जाकर युवाओं और महिलाओं को संबोधित किया, जहां महिलाएं शाहीन बाग़ की तरह धरना दे रही हैं। हर धरना स्थल पर एक प्रमुख नारा सुनाई पड़ता था - हम क्या चाहें - आजादी, गांधी, भगत सिंह, अशफाक वाली आजादी। यहां रोजाना संविधान की प्रस्तावना को पढ़ा जाना और कार्यक्रम को राष्ट्र गान से खत्म करना एक नया अनुभव रहा।

इस आंदोलन को देखकर डॉ. सुनीलम् ने कहा कि देश में आजादी के पहले 1942 का भारत छोड़ो आंदोलन, आजादी के बाद जेपी का आंदोलन व अन्ना आंदोलन के बाद सीएए के खिलाफ आंदोलन को सबसे बड़ा आंदोलन कहा जा सकता है। इसकी आंशिक सफलता है कि पहले अमित शाह कह रहे थे, एक भी आदमी को बख्शा नहीं जाएगा लेकिन अब कहने लगे कि किसी को भी संदिग्ध नागरिक घोषित नहीं किया जाएगा। हालांकि अभी तक नागरिकता कानून के नियमों में बदलाव नहीं किया गया है। पहले 4 राज्य सरकारों ने इसके खिलाफ प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन अब 16 राज्य नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हैं। इस आंदोलन को आजाद हिन्दुस्तान के सबसे ताकतवर आंदोलन के रूप में देखा जा सकता है।

यात्रा के दौरान पेरियार, सावित्री बाई फूले, बाबा साहेब अंबेडकर, लिंगायत मठों जैसे समाज सुधारकों के स्थानों पर भी यात्री गए। इन स्थानों को देखकर कहा जा सकता है कि बड़े आंदोलन के लिए बड़ी जगह या बड़े संसाधन की ज़रूरत नहीं है, बल्कि विचार और इच्छाशक्ति की जरूरत है। आज सरकारी सहयोग से कॉर्पोरेट किसानों की जमीन हथिया रहा है। भूमि अधिग्रहण में भी किसानों की जमीनें जा रही हैं।

महिलाओं, दलितों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ वातावरण बनाया जा रहा है। ऐसे में यात्रा के माध्यम से देखा गया कि अलग-अलग आंदोलन एक साथ आकर व्यापक स्तर पर जन आंदोलन खड़ा करने की इच्छा व्यक्त कर रहे हैं। इसके साथ ही लोगों की आम शिकायत विचारहीन राजनीति को लेकर है। गोवा, कर्नाटक और मध्यप्रदेश में बिना जनादेश के दल-बदल को नए तरीके से अंजाम देकर सरकार बनाने की भाजपा की साजिश को लोगों ने देखा है। ऐसी स्थिति रही, तो कोई भी सरकार स्थिर नहीं है और यह पूरी लोकतांत्रिक राजनीति को बर्बाद कर देगा।

यात्रा के माध्यम से देशभर के समाजवादी, गांधीवादी, सर्वोदयी, वामपंथी, अंबेडकरवादी विचारधारा से जुड़े जन आंदोलनकारियों, मानव अधिकारवादियों, पर्यावरणवादियों और सभी लोकतंत्र व धर्मनिरपेक्षता में विश्वास रखने वाले संगठनों और व्यक्तियों को एकजुट करना है। यात्रा का दूसरा चरण 11 अप्रैल को चंपारण से शुरू किया जाएगा, जिसका समापन 17 मई को पटना में होगा, इस दौरान 10 राज्यों की यात्रा की जाएगी। तीसरा चरण 11 अक्तूबर को सिताबदियारा (बलिया) से शुरू किया जाएगा और 31 अक्टूबर को नरेंद्र निकेतन, दिल्ली में उसका समापन किया जाएगा। समाजवादी विचार यात्रा के तहत देश भर में 500 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

Corona Virus
novel coronavirus
COVID-19
भारत जोड़ो-संविधान बचाओ
समाजवादी विचार यात्रा
Bhagat Singh
sukhdev
Rajguru
Mahatma Gandhi
CAA
NRC
NPR
save constitution
BJP
Amit Shah
Narendra modi

Related Stories

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

दलितों पर बढ़ते अत्याचार, मोदी सरकार का न्यू नॉर्मल!

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल


बाकी खबरें

  • Mohan Bhagwat
    अनिल जैन
    संघ से जुड़े संगठन अपने प्रमुख मोहन भागवत की ही बातों को क्यों नहीं मानते?
    17 Dec 2021
    संघ प्रमुख की बातों के विपरीत अल्पसंख्यकों और दलितों पर हमले की जो घटनाएं होती हैं उसकी औपचारिक निंदा भी कभी संघ की ओर से नहीं की जाती है। आख़िर क्यों?
  • manikpur
    सौरभ शर्मा
    यूपी चुनाव: बुंदेलखंड से पलायन जारी, सरकारी नौकरियों का वादा अधूरा
    17 Dec 2021
    बेहिसाब खराब मौसम ने इस क्षेत्र में कृषि को अव्यवहारिक या नुकसान का सौदा बना दिया है, जियाके कारण नौकरियों की तलाश में युवाओं का बड़ा हिस्सा इस क्षेत्र से पलायन कर रहा जो चुनाव में एक प्रमुख मुद्दा…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 7,447 नए मामले, ओमिक्रॉन से अब तक 87 लोग संक्रमित 
    17 Dec 2021
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 47 लाख 26 हज़ार 49 हो गयी है।
  • Hindutva
    अशोक कुमार पाण्डेय
    हिंदू दक्षिणपंथियों को यह पता होना चाहिए कि सावरकर ने कहा था "हिंदुत्व हिंदू धर्म नहीं है"
    17 Dec 2021
    उन्हें यह भी पता होना चाहिए कि जैसे ही सावरकर ने हिंदुओं को 'अपने आप में एक राष्ट्र' कहा था, तो वे जातीय-धार्मिक आधार पर दो राष्ट्रों के सिद्धांत का प्रतिपादन करने वाले पहले व्यक्ति बन गये थे।
  • bank strike
    न्यूज़क्लिक टीम
    निजीकरण के खिलाफ़ बैंक कर्मियों की देशव्यापी हड़ताल
    16 Dec 2021
    यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने दो सरकारी बैंकों के प्रस्तावित निजीकरण के खिलाफ 16 दिसंबर से दो दिन की देशव्यापी हड़ताल पर है । इसके तहत देशभर में बैंक कर्मी सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License