NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फ़िलीपींस में आतंकवादियों की सूची की व्यापक निंदा की गई
फ़िलीपींस में एंटी टेररिस्ट काउंसिल ने हाल में जारी सूची में 19 लोगों को शामिल किया है जिसको लेकर शांति संगठनों, मानवाधिकार समूहों और एक्टिविस्टों ने इसकी निंदा की है।
पीपल्स डिस्पैच
17 May 2021
फ़िलीपींस में आतंकवादियों की सूची की व्यापक निंदा की गई

फिलीपींस में एक्टिविस्ट और नागरिक समाज समूह एंटी-टेररिस्ट काउंसिल (एटीसी) द्वारा प्रकाशित "आतंकवादियों" की नई सूची के खिलाफ सामने आए हैं। रविवार 16 मई को, फिलीपीन इक्यूमेनिकल पीस प्लेटफॉर्म (पीईपीपी) पिछले सप्ताह एटीसी द्वारा 19 "आतंकवादियों" की सूची को प्रकाशित करने के खिलाफ बयान देने वाला नवीनतम समूह है जो फिलीपींस की प्रतिबंधित कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों और मोरो राष्ट्रवादी समूहों के सदस्यों में से हैं। इसमें पीस एक्टिविस्ट भी शामिल हैं।

पीईपीपी चर्च-आधारित विभिन्न समूहों का एक गठबंधन है जो शांति प्रक्रिया और हिंसा को समाप्त करने की वकालत करता है। बयान में पीईपीपी ने रोड्रिगो डुटेर्टे सरकार और सीपीपी के बीच निष्क्रिय शांति प्रक्रिया को लेकर "दूरगामी और प्रतिकूल परिणामों" की चेतावनी दी। नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ द फिलीपींस (एनडीएफपी) द्वारा सीपीपी का प्रतिनिधित्व किया जाता है।

इस बयान में शांति का आह्वान किया गया है "जो न केवल असंतोष की आवाज़ को दबा रहा है और आतंकवादियों के रूप में परिभाषित लोगों जीवन को नष्ट कर रहा है और जेलों में कैद कर रहा है बल्कि शांति जो असहमति के मूल कारणों को संबोधित करती है और बातचीत के माध्यम से समाधान चाहती है उसे भी दबा रहा है।"

13 मई को आतंकवादियों की सूची के प्रकाशन के बाद से नागरिक समाज समूहों ने हिंसा की संभावित वृद्धि और सरकारी निकायों द्वारा एक्टिविस्ट को निशाना बनाए जाने पर चिंता जताई है। इसने एटीसी के कामकाज में पीछे की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया है जो विवादास्पद आतंकवाद विरोधी अधिनियम के तहत काम करती है।

एटीसी द्वारा आतंकवादियों के रूप में नाम लिए गए लोगों में पीस एक्टिविस्ट भी शामिल हैं जो सरकार और कम्युनिस्ट विद्रोहियों के बीच शांति प्रक्रिया को पुनर्जीवित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। नाम लिए गए कई एक्टिविस्ट अभी भी कानूनी रूप से काम कर रहे हैं और पहले सरकारी अधिकारियों द्वारा "रेड-टैग" किए गए हैं जिससे हमलों और उत्पीड़न को बढ़ावा मिला है।

नाम जोड़े गए एक्टिविस्टों में से एक आतंकवाद विरोधी अधिनियम मामले में याचिकाकर्ता हैं जिसको लकेर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है। एटीए के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वालों सहित कई लॉयर मूवमेंट्स ने इस निर्णय को भी "रेड-टैगिंग" बताया है।

लंबे समय से राजनीतिक कैदी विंसेंटे लैडलैड की पत्नी फिदेस लिम ने कहा, "यह उस संकल्प का सार है जो एंटी टेररिज्म एक्ट की पेटेंट असंवैधानिकता के अंतिम निर्धारण को दरकिनार करने के लिए चल रहे सुप्रीम कोर्ट के विचार-विमर्श पर दुर्भावनापूर्ण रूप से उचित समय से पहले किया गया है।" फिदेस पीस एक्टिविस्ट हैं जिनका नाम एटीसी द्वारा आतंकवादी के रूप में शामिल किया गया है जबकि उनके मामले की अदालत में सुनवाई चल रही है।

Philippines
Anti Terrorist Council
PEPP
NDFP

Related Stories

फ़िलीपींस ने प्रतिबंधित कम्युनिस्ट पार्टी की राजनीतिक शाखा को "आतंकवादी" घोषित किया

फ़िलीपींस : सेना की गोलीबारी में एक नाबालिग़ सहित 3 आदिवासी मारे गए

फ़िलीपींस में पुलिस की छापेमारी में एक गिरफ़्तार और दो शांति कार्यकर्ताओं की मौत

फ़िलीपींस : 10 दिनों में 1,00,000 नए मामले, लॉकडाउन अगले सप्ताह तक बढ़ाया गया

9 राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या करने वाली पुलिस छापेमारी के मुद्दे पर डुटेर्टे सरकार के ख़िलाफ़ रोष

फ़िलीपींस के सेक्रेटरी ऑफ़ जस्टिस ने एंटी ड्रग ऑपरेशन में पुलिस की ग़लती मानी

विस्थापित जनजातीय छात्रों के स्कूल पर पुलिस छापेमारी को लेकर फ़िलीपींस में नाराज़गी

फ़िलिपींस : देश के क्रूर आतंकवाद विरोधी क़ानून के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू

फ़िलीपींस : विश्वविद्यालयों ने "रेड-टैगिंग" पर सरकार के बयान की निंदा की

फ़िलीपींस के सांसद और एक्टिविस्ट ने नेताओं की हत्याओं की जांच की मांग की


बाकी खबरें

  • लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव: पश्चिम से चली बदलाव की हवा के पूर्वांचल में आंधी में तब्दील होने के आसार
    02 Mar 2022
    वैसे तो हर इलाके की और हर फेज के चुनाव की अपनी विशिष्ठतायें हैं, लेकिन सच यह है कि इस चुनाव में-किसानों की तबाही, बेरोजगारी, महंगाई, सामाजिक न्याय, बुलडोजर राज का आतंक- कुछ ऐसे कॉमन मुद्दे उभर गए हैं…
  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव 2022 : सामाजिक ध्रुवीकरण, जातीय विभाजन और नज़रअंदाज़ होते मुद्दे
    01 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश के चुनावों में सामाजिक ध्रुवीकरण और जातीय विभाजन के नाम पर वोट मांगने की ज़ोरदार कोशिश की गई वहीँ दूसरी तरफ जनता के बुनियादी मुद्दे नज़रअंदाज़ किए गए. आखिर किन मुद्दों पर जनता ने डाला है…
  • modi
    विजय विनीत
    बनारस की जंग: क्या टूट रहा पीएम मोदी का जादू!
    01 Mar 2022
    "बनारस और इस शहर की तहजीब बुद्ध, कबीर, रैदास, और तुलसीदास की सोच पर खड़ी हुई है। भाजपा के लोग उसे मज़हब के संकीर्ण दायरों में बांधने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके चलते पीएम का जादू बेअसर होता जा रहा है।"
  • SWIFT
    आशुतोष पाण्डेय
    स्विफ्ट भुगतान प्रणाली वास्तव में क्या है?
    01 Mar 2022
    रूस को वैश्विक भुगतान प्रणाली से अलग नहीं करने के लिए यूरोपीय संघ की आलोचना की गई थी। लेकिन अमेरिका और ब्रिटेन के साथ,  इस ब्लॉक ने अब यूक्रेन में रूस के युद्ध के आलोक में यह कठोर कदम उठाने का फैसला…
  • strike
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिमाचल सरकार ने कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन, घेराव और हड़ताल पर लगाई रोक, विपक्ष ने बताया तानाशाही फ़ैसला
    01 Mar 2022
    इस चेतावनी के अनुसार जिस दिन कर्मचारी धरना प्रदर्शन करेंगे, उस दिन का उनका वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं। कानून का उल्लंघन करने पर तो उसी दिन संबंधित कर्मचारी को सस्पेंड कर दिया जाएगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License