NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
मेडिटेरियन पार कर यूरोप जाने की कोशिश में मरे प्रवासियों की संख्या 2021 के पहले 6 महीनों में दोगुनी हुई
यूएन की एजेंसी आईओएम ने दावा किया है कि जनवरी से जून के बीच 1,146 से ज़्यादा लोगों की मौत समुद्र में डूब कर हुई है, जबकि यह संख्या पिछले साल 513 थी। 
पीपल्स डिस्पैच
15 Jul 2021
मेडिटेरियन पार कर यूरोप जाने की कोशिश में मरे प्रवासियों की संख्या 2021 के पहले 6 महीनों में दोगुनी हुई

इंटरनेशनल आर्गेनाइज़ेशन ऑफ़ माइग्रेशन(आईओएम) के अनुसार, उत्तरी अफ्रीकी तट से समुद्र पार करने की कोशिश के दौरान मरने वाले प्रवासियों की संख्या पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में चालू वर्ष के पहले वर्ष में दोगुनी से अधिक हो गई है। आईओएम ने क्षेत्र के राज्यों से भविष्य में ऐसी मौतों को रोकने के लिए तत्काल उपाय करने का आह्वान किया।

IOM के मिसिंग माइग्रेंट्स प्रोजेक्ट द्वारा एकत्र किए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 के पहले छह महीनों में यूरोप पहुंचने की कोशिश में समुद्र में कम से कम 1,146 लोगों की मौत हो गई। पिछले वर्ष इसी अवधि के लिए यह आंकड़ा 513 था। वर्ष 2019 में ऐसी मौतों की संख्या 674 थी। हालांकि, IOM का दावा है कि विश्वसनीय जानकारी की कमी के कारण रिपोर्ट के तहत कुछ क्षेत्रों में मौतों की वास्तविक संख्या अधिक हो सकती है।

बुधवार, 14 जुलाई की न्यूज ब्रीफिंग में यह भी कहा गया है कि दुनिया भर में कोविड-19 प्रतिबंधों के बावजूद, पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में इस साल जनवरी और जून के बीच यूरोप जाने के लिए समुद्र पार करने की कोशिश करने वालों की संख्या में 58% की वृद्धि हुई है।

IOM ने पाया कि प्रवास की संख्या में वृद्धि को अच्छी तरह से जानने के बावजूद राज्यों ने हाल के महीनों में अपर्याप्त खोज और बचाव अभियान चलाया है। यूरोप के राज्यों, उदाहरण के लिए इटली, ने भी निजी स्वयंसेवी खोज और बचाव कार्यों को कोरसीविंग विधियों का उपयोग करके या ऐसा करने की धमकी देकर रोका है। IOM के महानिदेशक एंटोनियो विटोरिनो ने राज्यों से "यूरोप में समुद्री प्रवास मार्गों पर जीवन के नुकसान को कम करने और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत अपने दायित्वों को बनाए रखने के लिए तत्काल और सक्रिय कदम उठाने" के लिए कहा।

विटोरिनो ने राज्यों से "खोज और बचाव प्रयासों" को बढ़ाने और "पूर्वानुमानित लैंडिंग तंत्र" स्थापित करने और लोगों के जीवन को बचाने के लिए "सुरक्षित और कानूनी प्रवास मार्गों" का बीमा करने के लिए कहा।

International Organization of Migration
IOM
Migrant workers
UN
Europe
migrants

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

जम्मू-कश्मीर के भीतर आरक्षित सीटों का एक संक्षिप्त इतिहास

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

यूक्रेन-रूस युद्ध के ख़ात्मे के लिए, क्यों आह्वान नहीं करता यूरोप?

यूक्रेन युद्ध में पूंजीवाद की भूमिका

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने रूस को शीर्ष मानवाधिकार संस्था से निलंबित किया

यूरोप धीरे धीरे एक और विश्व युद्ध की तरफ बढ़ रहा है

कर्नाटक: मलूर में दो-तरफा पलायन बन रही है मज़दूरों की बेबसी की वजह

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया


बाकी खबरें

  • brooklyn
    एपी
    ब्रुकलिन में हुई गोलीबारी से जुड़ी वैन मिली : सूत्र
    13 Apr 2022
    गौरतलब है कि गैस मास्क पहने एक बंदूकधारी ने मंगलवार को ब्रुकलिन में एक सबवे ट्रेन में धुआं छोड़ने के बाद कम से कम 10 लोगों को गोली मार दी थी। पुलिस हमलावर और किराये की एक वैन की तलाश में शहर का चप्पा…
  • non veg
    अजय कुमार
    क्या सच में हिंदू धर्म के ख़िलाफ़ है मांसाहार?
    13 Apr 2022
    इतिहास कहता है कि इंसानों के भोजन की शुरुआत मांसाहार से हुई। किसी भी दौर का कोई भी ऐसा होमो सेपियंस नही है, जिसने बिना मांस के खुद को जीवित रखा हो। जब इंसानों ने अनाज, सब्जी और फलों को अपने खाने में…
  • चमन लाल
    'द इम्मोर्टल': भगत सिंह के जीवन और रूढ़ियों से परे उनके विचारों को सामने लाती कला
    13 Apr 2022
    कई कलाकृतियों में भगत सिंह को एक घिसे-पिटे रूप में पेश किया जाता रहा है। लेकिन, एक नयी पेंटिंग इस मशहूर क्रांतिकारी के कई दुर्लभ पहलुओं पर अनूठी रोशनी डालती है।
  • एम.के. भद्रकुमार
    रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं
    13 Apr 2022
    यह दोष रेखाएं, कज़ाकिस्तान से म्यांमार तक, सोलोमन द्वीप से कुरील द्वीप समूह तक, उत्तर कोरिया से कंबोडिया तक, चीन से भारत, पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान तक नज़र आ रही हैं।
  • ज़ाहिद खान
    बलराज साहनी: 'एक अपरिभाषित किस्म के कम्युनिस्ट'
    13 Apr 2022
    ‘‘अगर भारत में कोई ऐसा कलाकार हुआ है, जो ‘जन कलाकार’ का ख़िताब का हक़दार है, तो वह बलराज साहनी ही हैं। उन्होंने अपनी ज़िंदगी के बेहतरीन साल, भारतीय रंगमंच तथा सिनेमा को घनघोर व्यापारिकता के दमघोंटू…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License