NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
बढ़ता जा रहा है बीजेपी नेताओं का विरोध, विधायक की कार का घेराव
मुज़फ़्फ़रनगर में 5 सितंबर की किसान महापंचायत की तैयारी तेज़ हो गई है साथ ही हरियाणा के करनाल में किसानों पर बर्बर लाठीचार्ज की घटना को लेकर लोगों में और गुस्सा बढ़ गया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
30 Aug 2021
cartoon

मुज़फ़्फ़रनगर में 5 सितंबर की किसान महापंचायत की तैयारी तेज़ हो गई है। इसी के साथ बीजेपी के नेताओं का विरोध भी तेज़ हो गया है। हरियाणा के करनाल में किसानों पर बर्बर लाठीचार्ज की घटना को लेकर लोगों में और गुस्सा बढ़ गया है।

इस सबके चलते रविवार को मुज़फ़्फ़रनगरमें किसानों ने भाजपा विधायक विक्रम सिंह की कार का घेराव किया और वापस जाओ के नारे लगाए।

भाजपा विधायक जब मीरापुर दलपत गांव बैठक में शामिल होने आए तो भाकियू कार्यकर्ताओं ने ‘‘विक्रम सिंह वापस जाओ’’ जैसे नारे लगाए और उन्हें काले झंडे दिखाए।

किसान नेता जोगिंदर सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केंद्र द्वारा पारित तीन कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। बाद में खतौली से भाजपा विधायक सिंह को सुरक्षा के लिए जानसठ पुलिस थाने में ले जाया गया।

गौरतलब है कि 14 अगस्त को भाकियू समर्थकों ने सिसौली में बुढ़ाना से भाजपा विधायक उमेश मलिक की कार क्षतिग्रस्त कर दी थी।

किसानों पर लाठीचार्ज के विरोध में रालोद कार्यकर्ताओं ने हरियाणा के मुख्यमंत्री का पुतला फूंका

राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के कार्यकर्ताओं ने करनाल में 28 अगस्त को किसानों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में सोमवार को मुज़फ़्फ़रनगरमें हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर का पुतला जलाया।

पार्टी कार्यकर्ता पिन्ना गांव में जमा हुए और उन्होंने हरियाणा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारी किसानों के ‘सिर फोड़ने’ का आदेश देने वाले आईएएस अधिकारी की व्यापक निंदा

करनाल में प्रदर्शन कर रहे किसानों का कथित तौर पर ‘सिर फोड़ने’ का आदेश पुलिस को देने वाले आईएएस अधिकारी की विभिन्न दलों के नेताओं और नौकरशाहों ने निंदा की है।

हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वर्ष 2018 बैच के अधिकारी आयुष सिन्हा की टिप्पणी को अस्वीकार्य करार देते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया है।

करनाल में किसानों के प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर तैनात सिन्हा कैमरे पर पुलिसवालों को कथित तौर पर किसानों का सिर फोड़ने की बात कहते हुए नजर आ रहे हैं। उनका यह वीडियो वायरल हो गया है।

जननायक जनता पार्टी (जजपा) नेता और हरियाणा की भाजपा सरकार में साझेदार चौटाला ने कहा कि आईएएस अधिकारी द्वारा ऐसी भाषा का इस्तेमाल निंदनीय है। उन्होंने कहा कि सिन्हा ने जो किया वह निश्चित तौर पर अधिकारियों से उम्मीद की जाने वाली नैतिकता से मेल नहीं खाती। सरकार निश्चित तौर पर उचित कार्रवाई करेगी।

विभिन्न दलों के नेताओं ने भी मजिस्ट्रेट की टिप्पणी की निंदा की।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता शरद पवार ने ट्वीट किया, ‘‘हरियाणा पुलिस द्वारा करनाल के घरोंदा में किसानों पर बर्बर लाठीचार्ज निश्चित तौर पर अवांछित था। किसानों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण होने के बावजूद पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज किया, जिसमें कई किसान घायल हो गए।’’

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने भी पुलिस कार्रवाई की निंदा की है।

सिद्धू ने ट्वीट किया, ‘‘किसानों पर निंदनीय हमला हर भारतीय के मूल अधिकारों पर हमला है...जिसे स्वतंत्रता संग्राम के दौरान असंख्य कुर्बानियों को देकर प्राप्त किया गया। यह संविधान की भावना को प्रभावित एवं बाधित करता है और भारत के लोकतंत्र की रीढ़ को तोड़ता है।’’

तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मित्रा ने कहा कि अधिकारी को सार्वजनिक रूप से नाम लेकर शर्मिंदा करना चाहिए।

उन्होंने ट्वीट किया,‘‘अगर आए तो सर फूटा होना चाहिए उसका। स्पष्ट है आपको?- करनाल एसडीएम आयुष सिन्हा, 2018 बैच आईएएस हरियाणा काडर। इस तलवे चाटने वाले का नाम लेकर शर्मिंदा करें। याद करें कि हॉलोकास्ट कैंप (यहूदी नरसंहार शिविर) में नाजी सुरक्षाकर्मियों ने दावा किया था कि वे ड्यूटी कर रहे थे।’’

हरियाणा के नूंह में किसानों की महापंचायत में संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के कई वरिष्ठ सदस्यों ने हिस्सा लिया। वरिष्ठ एसकेएम नेता योगेंद्र यादव ने कहा, ‘‘आयुष सिन्हा को तत्काल सेवा से बर्खास्त करना चाहिए।’’

किसानों के गैर सरकारी संगठन भारत कृषक समाज के अध्यक्ष अजय वीर जाखड़ ने उच्चतम न्यायालय और पंजाब-हरियाण उच्च न्यायालय से मामले पर स्वत: संज्ञान लेने और अधिकारी को सेवा से बर्खास्त करने का अनुरोध किया।

उन्होंने करनाल के एसडीएम आयुष सिन्हा का वीडियो साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘‘सेवा में, पंजाब-हरियाण उच्च न्यायालय, उच्चतम न्यायालय कृपया स्वत: संज्ञान लें। उनके (सिन्हा) खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा चलाएं और सेवा से बर्खास्त करें।’’

पूर्व राजनयिक के सी सिंह ने ट्वीट किया, ‘‘करनाल के नजदीक प्रदर्शन कर रहे किसानों पर पुलिस का बर्बर हमला। वीडियो में एसडीएम पुलिस से सिर फोड़ने की बात कर रहे हैं, जो स्तब्ध करने वाला है। प्रशासनिक अधिकारी पुलिस की बर्बरता रोकने के लिए होते हैं, न कि उकसाने के लिए। हरियाणा के खराब शासन को प्रतिबिंबित करता है।’’

कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने कहा कि किसानों पर हरियाणा पुलिस द्वारा उस समय बर्बर लाठीचार्ज किया गया, जब वे शांतिपूर्ण तरीके से मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की बैठक का विरोध कर रहे थे।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ केवल निर्दयी सरकार ही इस प्राणघातक बल का इस्तेमाल हमारे रक्षा विहीन अन्नदाता के खिलाफ कर सकती है। भारत की जनता इसे नहीं भूलेगी।’’

भारत सरकार के पूर्व सचिव अनिल स्वरूप ने कहा, ‘‘ऐसे प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे महकमे को शर्मिंदा कर दिया। वे इस तथ्य की अनदेखी करते हैं कि इस तरह के बयान का इस्तेमाल शायद उनके खिलाफ आपराधिक मामले के लिए किया जा सकता है। वह भूल गए कि उनके बचाव में कोई नहीं आएगा। उनका यह जोश उन्हें मुसीबत में डाल सकता है।’’

छत्तीसगढ़ काडर के आईएएस अधिकारी अवनीश सरन ने कहा, ‘‘ ‘प्रशासनिक सेवा परीक्षा’ उत्तीर्ण करना और ‘सभ्य होने’ में कोई सबंध नहीं है। ’’

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

farmers protest
Farm Bills
MSP
kisan andolan
Samyukt Kisan Morcha
BJP
cartoon click
Irfan ka cartoon
cartoon

Related Stories

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

आंगनवाड़ी महिलाकर्मियों ने क्यों कर रखा है आप और भाजपा की "नाक में दम”?

NEP भारत में सार्वजनिक शिक्षा को नष्ट करने के लिए भाजपा का बुलडोजर: वृंदा करात


बाकी खबरें

  • ukraine russia
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूक्रेन पर रूसी हमला जारी, क्या निकलेगी शांति की राह, चिली-कोलंबिया ने ली लाल करवट
    15 Mar 2022
    'पड़ताल दुनिया भर की' में, वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने यूक्रेन पर रूसी हमले के 20वें दिन शांति के आसार को टटोला न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के साथ। इसके अलावा, चर्चा की दो लातिन…
  • citu
    न्यूज़क्लिक टीम
    स्कीम वर्कर्स संसद मार्च: लड़ाई मूलभूत अधिकारों के लिए है
    15 Mar 2022
    CITU के आह्वान पर आज सैकड़ों की संख्या में स्कीम वर्कर्स ने संसद मार्च किया और स्मृति ईरानी से मुलाकात की. आखिर क्या है उनकी मांग? क्यों आंदोलनरत हैं स्कीम वर्कर्स ? पेश है न्यूज़क्लिक की ग्राउंड…
  • yogi
    रवि शंकर दुबे
    चुनाव तो जीत गई, मगर क्या पिछले वादे निभाएगी भाजपा?
    15 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भले ही भाजपा ने जीत लिया हो लेकिन मुद्दे जस के तस खड़े हैं। ऐसे में भाजपा की नई सरकार के सामने लोकसभा 2024 के लिए तमाम चुनौतियां होने वाली हैं।
  • मुकुल सरल
    कश्मीर फाइल्स: आपके आंसू सेलेक्टिव हैं संघी महाराज, कभी बहते हैं, और अक्सर नहीं बहते
    15 Mar 2022
    क्या आप कश्मीर में पंडितों के नरसंहार के लिए, उनके पलायन के लिए मुसलमानों को ज़िम्मेदार नहीं मानते—पड़ोसी ने गोली की तरह सवाल दागा।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः खेग्रामस व मनरेगा मज़दूर सभा का मांगों को लेकर पटना में प्रदर्शन
    15 Mar 2022
    "बिहार में मनरेगा मजदूरी मार्केट दर से काफी कम है। मनरेगा में सौ दिनों के काम की बात है और सम्मानजनक पैसा भी नहीं मिलता है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License