NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
रेफ़रेंडम ने इटली की संसद में बड़े बदलावों को मंज़ूरी दी
20-21 सितंबर को हुई वोटिंग में इटली की जनता ने दोनों सदनों में सांसदों की संख्या कम करने के प्रस्ताव को स्वीकार किया है।
पीपल्स डिस्पैच
23 Sep 2020
इटली

इटली में प्रमुख संवैधानिक परिवर्तन, कुछ मुख्य राजनीतिक दलों द्वारा केंद्र से दूर दाईं ओर समर्थित, 20 सितंबर और 21 को राष्ट्रीय जनमत संग्रह में लगभग 70% मतदान करने वालों के साथ पुष्टि की गई थी। प्रस्ताव का इटली में सभी वाम दलों ने विरोध किया था।

संसद के आकार को कम करने के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडी) - फाइव स्टार मूवमेंट (M5S) के नेतृत्व वाली सरकार का प्रस्ताव - चैंबर ऑफ डेप्युटी में 630 से 400 तक और 315 से 200 तक सांसदों की संख्या में कटौती करके सीनेट - पहले अक्टूबर 2019 को संसद में अनुमोदित किया गया था।

रिपोर्टों के अनुसार, रविवार और सोमवार को आयोजित दो दिवसीय जनमत संग्रह में कुल मतदाताओं में से 51% ने मतदान किया। इस वर्ष मार्च के लिए शुरू में वोट किया गया था लेकिन COVID-19 के प्रसार के कारण स्थगित कर दिया गया था।

जनमत संग्रह द्वारा अनिवार्य बदलाव अगले इतालवी आम चुनावों से लागू होंगे। समर्थन में सांसदों की संख्या में कमी का प्रस्ताव करके पार्टियों ने कहा कि यह चुनावों के दौरान खर्च को काफी कम कर देगा। सांसदों की संख्या में कमी के साथ-साथ जनमत संग्रह ने संसद में एक सीट जीतने के लिए एक पार्टी के लिए आवश्यक वोटों की वृद्धि का समर्थन भी किया।

समान बदलावों का प्रस्ताव पहली बार 2016 में प्रस्तावित किया गया था जो तब राष्ट्रीय जनमत संग्रह में विफल रहा था।

कम्यूनिस्ट कम्युनिस्ट पार्टी (PRC), इतालवी कम्युनिस्ट पार्टी (PCI), पार्टिटो कोमुनिस्ता (PC) सहित कम्युनिस्ट समूहों ने सांसदों की संख्या में कमी का विरोध किया है और जनमत संग्रह में प्रस्तावित परिवर्तनों के खिलाफ लोगों से NO वोट करने का आह्वान किया है। उन्होंने तर्क दिया है कि परिवर्तन से लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व में कमी और संसद से छोटे राजनीतिक समूहों के बहिष्कार को बढ़ावा मिलेगा।

italy
Italian Parliament
Referendum
Communist Communist Party
Italian Communist Party
Partito Comunista

Related Stories

गिउलिअनो ब्रुनेटी: “नाटो के ख़िलाफ़ हमारा संघर्ष साम्राज्यवादी ताकतों के ख़िलाफ़ संघर्ष है”

इटली : डॉक्टरों ने स्वास्थ्य व्यवस्था के निजीकरण के ख़िलाफ़ हड़ताल की

रायशुमारी में 99 फीसदी से अधिक रक्षाकर्मियों ने ओएफबी के निगमीकरण के ख़िलाफ़ वोट दिए

मारियो ड्रेगी के नेतृत्व वाली नई सरकार का इटली की लेफ़्ट पार्टी ने विरोध किया

गुइलियो रेगेनी अपहरण व हत्या मामले में ईजिप्ट के अधिकारियों के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्यवाही की इटली का मांग

इटली के युवा ने मुफ़्त व सुरक्षित पब्लिक ट्रांस्पोर्ट की मांग की

इटली की अदालत ने मट्टेओ साल्विनी के शरणार्थी-विरोधी कार्यों पर मुक़दमा शुरू किया

कोविड से सबसे अधिक प्रभावित इन 5 देशो में एक जैसा क्या है?

कोरोना अपडेट: विश्व भर में 92 हज़ार के क़रीब नए मामले, 5,735 लोगों की मौत

महामारी के न्यूमोनिया में राष्ट्रवादी बुख़ार!


बाकी खबरें

  • women in politics
    तृप्ता नारंग
    पंजाब की सियासत में महिलाएं आहिस्ता-आहिस्ता अपनी जगह बना रही हैं 
    31 Jan 2022
    जानकारों का मानना है कि अगर राजनीतिक दल महिला उम्मीदवारों को टिकट भी देते हैं, तो वे अपने परिवारों और समुदायों के समर्थन की कमी के कारण पीछे हट जाती हैं।
  • Indian Economy
    प्रभात पटनायक
    बजट की पूर्व-संध्या पर अर्थव्यवस्था की हालत
    31 Jan 2022
    इस समय ज़रूरत है, सरकार के ख़र्चे में बढ़ोतरी की। यह बढ़ोतरी मेहनतकश जनता के हाथों में सरकार की ओर से हस्तांतरण के रूप में होनी चाहिए और सार्वजनिक शिक्षा व सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए हस्तांतरणों से…
  • Collective Security
    जॉन पी. रुएहल
    यह वक्त रूसी सैन्य गठबंधन को गंभीरता से लेने का क्यों है?
    31 Jan 2022
    कज़ाकिस्तान में सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (CSTO) का हस्तक्षेप क्षेत्रीय और दुनिया भर में बहुराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बदलाव का प्रतीक है।
  • strike
    रौनक छाबड़ा
    समझिए: क्या है नई श्रम संहिता, जिसे लाने का विचार कर रही है सरकार, क्यों हो रहा है विरोध
    31 Jan 2022
    श्रम संहिताओं पर हालिया विमर्श यह साफ़ करता है कि केंद्र सरकार अपनी मूल स्थिति से पलायन कर चुकी है। लेकिन इस पलायन का मज़दूर संघों के लिए क्या मतलब है, आइए जानने की कोशिश करते हैं। हालांकि उन्होंने…
  • mexico
    तान्या वाधवा
    पत्रकारों की हो रही हत्याओंं को लेकर मेक्सिको में आक्रोश
    31 Jan 2022
    तीन पत्रकारों की हत्या के बाद भड़की हिंसा और अपराधियों को सज़ा देने की मांग करते हुए मेक्सिको के 65 शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये हैं। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License