NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
क़तर में इंट्रा-अफ़ग़ान वार्ता शुरू होने की संभावना के बावजूद हिंसा ख़त्म नहीं
ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस ने अफ़ग़ान सरकार से कहा कि वह उनके नागरिकों की हत्या में शामिल तालिबान क़ैदियों को न छोड़े। इसको लेकर बातचीत में और देरी हो रही है।
पीपल्स डिस्पैच
04 Sep 2020
क़तर में इंट्रा-अफ़ग़ान वार्ता शुरू होने की संभावना के बावजूद हिंसा ख़त्म नहीं

तालिबान वार्ताकारों द्वारा क़तर में लंबे समय से लंबित इंट्रा-अफ़ग़ान शांति वार्ता शुरू होने कुछ घंटे पहले ही 3 सितंबर को अफ़ग़ानिस्तान के नांगरहार प्रांत में एक अन्य सड़क विस्फोट में कम से कम तीन नागरिकों ने अपनी जान गंवा दी। पचेरागम ज़िले में ये घटना सुबह उस समय हुई जब ये लोग (पिता और पुत्र सहित) अपने निजी वाहन में जा रहे थें।

इससे पहले अशरफ ग़नी की अगुवाई वाली सरकार ने लंबित सूची में 120 तालिबान बंदियों को रिहा करने के बारे में अपनी अंतिम घोषणा की थी। अब तक अधिकारियों ने टोलो न्यूज़ को बताया कि पिछले दो दिनों में लगभग 200 तालिबान क़ैदियों को रिहा किया गया था जिनमें से सरकार द्वारा पकड़े गए 137 तालिबान बंदियों को कंधार की एक जेल और काबुल में पुल-ए-चरखी जेल से रिहा किया गया था।

ऑस्ट्रेलियाई और फ्रांस सहित कुछ पश्चिमी देशों ने तालिबान के छह हाई प्रोफाइल क़ैदियों की रिहाई पर नाराज़गी ज़ाहिर की थी जिसको लेकर उन्होंने कहा था कि उनके नागरिकों की जबरन हत्या में उनकी कथित संलिप्तता के लिए उन्हें ब्लैकलिस्ट में रखा गया था। अफ़ग़ान सरकार ने उक्त क़ैदियों को पूरी तरह रिहा करने के बजाय क़तर भेजने की पेशकश की है।

लंबित शांति वार्ता को फिर से शुरू करने से पहले हाई काउंसिल फॉर नेशनल रीकॉन्सिलिएशन के प्रवक्ता फ्रैदून ख्वाज़ून ने ट्वीट किया: “इंट्रा-अफ़ग़ान वार्ता के आगे की सभी बाधाएं हटा दी गई हैं। क़ैदी की वापसी की प्रक्रिया जल्द ही समाप्त हो जाएगी और इंट्रा-अफगान वार्ता शुरू होगी।”

साल 2020 के पहले तीन महीनों में जान गंवाने वाले कुल 1,293 नागरिकों में से एक तिहाई लोग बारूदी सुरंगों या इसी तरह के विस्फोटकों के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन ने अनुमान लगाया कि 11 मार्च से 23 मई के बीच स्वास्थ्य सुविधाओं को निशाना बनाते हुए लगभग 15 हमले किए गए थे।

पिछले एक साल में कई युद्धविराम की घोषणाओं के बावजूद तालिबान और अफ़ग़ान सरकार के बीच अब तक कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है। फरवरी महीने में दोहा में अमेरिका के साथ हुए तालिबान के शांति समझौते के दौरान इसके 5,000 क़ैदियों की रिहाई इंट्रा-अफगान वार्ता की एक शर्त थी।

Afghanistan
Qatar
australia
France
Afghan government
Taliban prisoners

Related Stories

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

ऑस्ट्रेलिया: नौ साल बाद लिबरल पार्टी सत्ता से बेदख़ल, लेबर नेता अल्बानीज होंगे नए प्रधानमंत्री

भोजन की भारी क़िल्लत का सामना कर रहे दो करोड़ अफ़ग़ानी : आईपीसी

फ्रांस में मैक्राँ की जीत से दुनियाभर में राहत की सांस

तालिबान को सत्ता संभाले 200 से ज़्यादा दिन लेकिन लड़कियों को नहीं मिल पा रही शिक्षा

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं

ऑस्ट्रेलिया-इंडिया इंस्टीट्यूट (AII) के 13 अध्येताओं ने मोदी सरकार पर हस्तक्षेप का इल्ज़ाम लगाते हुए इस्तीफा दिया

काबुल में आगे बढ़ने को लेकर चीन की कूटनीति

माली से फ़्रांसीसी सैनिकों की वापसी साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक जीत है

तालिबान के आने के बाद अफ़ग़ान सिनेमा का भविष्य क्या है?


बाकी खबरें

  • अदिति निगम
    25 मार्च, 2020 - लॉकडाउन फ़ाइल्स
    26 Mar 2022
    दो साल पहले भारत के शहरों से प्रवासी परिवारों का अब तक का सबसे बड़ा पलायन देखा गया था। इसके लिए किसी भी तरह की बस या ट्रेन की व्यवस्था तक नहीं की गयी थी, लिहाज़ा ग़रीब परिवार अपने गांवों तक पहुंचने…
  • सतीश भारतीय
    गुरुग्राम में कॉलेज छात्रों की गैंग जबरन कर रही है, रेहड़ी-पटरी वालों से ‘हफ़्ता वसूली‘
    25 Mar 2022
    फिल्मों में ‘हफ्ता वसूली‘ गुन्डे करते हैं और गुरुग्राम की धरती पर पढ़े लिखे नौजवान कर रहे हैं।
  • रवि शंकर दुबे
    योगी को फिर मुख्यमंत्री बनाना भाजपा की मज़बूती दर्शाता है या मजबूरी?
    25 Mar 2022
    योगी आदित्यनाथ जब दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे थे, तो भाजपा हाईकमान के चेहरे पर बिखरी खुशी कितनी असली थी कितनी नकली? शायद सबसे बड़ा सवाल यही है।
  • सोनिया यादव
    यूपी से लेकर बिहार तक महिलाओं के शोषण-उत्पीड़न की एक सी कहानी
    25 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश में जहां बीजेपी दूसरी बार सरकार बना रही है, तो वहीं बिहार में बीजेपी जनता दल यूनाइटेड के साथ गठबंधन कर सत्ता पर काबिज़ है। बीते कुछ सालों में दोनों राज्यों पितृसत्तात्मक राजनीति की…
  • अजय कुमार
    श्रीलंका की तबाही इतनी भयंकर कि परीक्षा के लिए कागज़ का इंतज़ाम भी नहीं हो पा रहा
    25 Mar 2022
    श्रीलंका में रसोई गैस के एक सिलेंडर की कीमत तकरीबन 4200 श्रीलंकन रुपये तक पहुंच गयी है। एक किलो दूध का पैकेट तकरीबन 600 श्रीलंकन रुपये में मिल रहा है। कागज की कमी की वजह से सरकार ने स्कूली परीक्षा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License