NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
राजधानी में युवा पूछ रहे 'दिल्ली सरकार कहां हैं हमारा रोज़गार'?
"विभिन्न सरकारी विभागों में खाली पड़े हुए पदों पर भर्ती पर रोक लगा रखी है। वेतन में कटौती की जा रही है। काम के घंटे बढ़ाए जा रहे हैं। बेरोजगारी और मंहगाई अपनी चरम सीमा पर है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
03 Sep 2021
राजधानी में युवा पूछ रहे 'दिल्ली सरकार कहां हैं हमारा रोज़गार'?

भारत की जनवादी नौजवान सभा ( DYFI) ने दिल्ली के मुख्यमंत्री के घर का घेराव का आह्वान किया है। उनका कहना है कि दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार भी नौजवानों के सवालों पर चुप्पी साधे हुए है। उसने अपने कार्यकाल में न तो युवाओं को नौकरियां दी और न ही ठेके कर्मियों को पक्का किया है। इसलिए हमने उनके खिलाफ भी अपना मोर्चा खोला है।

DYFI की दिल्ली राज्य कमेटी ने अपने बयान में कहा है कि खाली पड़े हुए लाखों पदों पर जल्द भर्ती, बेरोजगारी भत्ता ₹5000 देने, स्कूलों में परीक्षा फीस खत्म करने, सरकारी स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने, सिविल डिफेंस और ठेका कर्मचारियों को पक्की नौकरी देने की मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और एलजी को दिल्ली के युवाओं का मांग पत्र भेजा। दिल्ली सरकार से युवाओं के इस मांग पत्र पर विचार करने के लिए मिलने का समय मांगा है। अगर सरकार इन समस्याओं पर विचार नहीं करती तो आने वाली 12 सितंबर 2021 को दिल्ली सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

भारत की जनवादी नौजवान सभा के राज्य अध्यक्ष संजय सिंह और अमन सैनी ने संयुक्त बयान में कहा गया है कि मोदी सरकार हो या केजरीवाल सरकार, दोनों सरकारें दिल्ली के युवाओं के साथ धोखा कर रही हैं। चुनाव के समय युवाओं को नौकरी देने का वादा करते हैं और चुनाव के बाद सब भूल जाते हैं। सरकार की रोजगार विरोधी नीतियों के चलते युवाओं की स्थिति और ज्यादा भयानक हो गई है।

अमन सैनी ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए बताया कि विभिन्न सरकारी विभागों में खाली पड़े हुए पदों पर भर्ती पर रोक लगा रखी गई है। वेतन में कटौती की जा रही है। काम के घंटे बढ़ाए जा रहे हैं। बेरोजगारी और मंहगाई अपनी चरम सीमा पर है। आज दिल्ली सरकार के अंतर्गत विभिन्न सरकारी विभागों में 50 प्रतिशत (लगभग 1 लाख) पद खाली हैं और केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में लगभग 9 लाख पद खाली पड़े हुए हैं। आज देश मे कम से कम 60 लाख कर्मचारियों की जरूरत है! केन्द्र और राज्य सरकार इन खाली पड़े हुए लाखों पदों पर तुरंत भर्ती करें।

DYFI ने बताया कि उन्होंने दिल्ली के युवाओं के विभिन्न समस्याओं को लेकर एक मांग पत्र तैयार किया है जिसको लेकर वो दिल्ली के विभिन्न इलाकों में दिल्ली सरकार जवाब दो, कहां हैं हमारा रोजगार? कहां है हमारा स्वास्थ्य? अभियान चला रही है। इसके साथ ही वो मोदी और केजरीवाल सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ दिल्ली भर में युवाओं के साथ मींटिग कर रही है। उसने पर्चा वितरण भी करने का दावा किया है। इससे पहले वो विधायक और सांसदों को इन मांगों को लेकर ज्ञापन भी देगी।

उनकी मुख्य माँगे इस प्रकार है -

• खाली पड़े हुए दिल्ली सरकार के अंतर्गत 1 लाख और केंद्र सरकार के स्तर पर 9 लाख पदों पर तुरंत भर्ती हो।

• भगत सिंह शहरी रोजगार गारंटी योजना कानून बनाओ

• युवाओं को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए बेरोजगारी भत्ता प्रतिमाह 5000 रूपये दो

• ठेका प्रथा बंद करो, स्थाई स्वरूप वाले काम में लगे कच्चे कर्मचारियों को पक्का करो

• सिविल डिफेन्स में काम कर रहे युवाओं की नौकरी को स्थाई करो

• सरकारी स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करो।

• स्कूलों में परीक्षा फीस को खत्म कर के.जी. से पी.जी. तक शिक्षा मुफ्त करो

• हर ब्लाक स्तर पर कम से कम सरकारी कॉलेज, पुस्तकालय और खेलकूद के लिए मैदान का प्रबन्ध करो

• सभी को राशन किट वितरित किया जाए जिसमें गेंहू व चावल के साथ-साथ दाल, खाद्य, तेल, चीनी, नमक, मसाले, साबुन व वाशिंग पाउडर भी हो।

• चार लेबर कोड्स रद्द करो

वैसे केंद्र और दिल्ली दोनों ही सरकार बेरोज़गारी को रोक पाने में असफल रही है। पहले से बेरोज़गारी का संकट झेल रहे लोगों पर ये कोरोना माहमारी ने और भी मुश्किलें पैदा कर दी हैं। पूरे देश में ही बेरोजगारी अपने चरम पर है। मोदी सरकार जो वादा करके आयी थी कि वो नौजवानों को दो करोड़ नौकरियां हर साल देगी, लेकिन वो अभी तक ऐसा नहीं कर पाई है। इसी तरह देश की राजधानी में दिल्ली की सत्ता पर काबिज़ आम आदमी पार्टी की सरकार ने भी पाने पहले पांच सालो में आठ लाख नौकरियां देने का वाद किया था। हालाँकि वो पिछले कुछ सालों से नौकरी के सवाल पर कुछ भी बोलने से बचती रही है। उसने अपने अंतिम चुनावी घोषणा पत्र में इसका जिक्र तक नहीं किया था।   

DYFI
Democratic Youth Federation of India
Delhi
Arvind Kejriwal
AAP
unemployment

Related Stories

डरावना आर्थिक संकट: न तो ख़रीदने की ताक़त, न कोई नौकरी, और उस पर बढ़ती कीमतें

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

धनशोधन क़ानून के तहत ईडी ने दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ़्तार किया

मोदी@8: भाजपा की 'कल्याण' और 'सेवा' की बात

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

ख़बरों के आगे-पीछे: MCD के बाद क्या ख़त्म हो सकती है दिल्ली विधानसभा?

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश


बाकी खबरें

  • modi
    अनिल जैन
    खरी-खरी: मोदी बोलते वक्त भूल जाते हैं कि वे प्रधानमंत्री भी हैं!
    22 Feb 2022
    दरअसल प्रधानमंत्री के ये निम्न स्तरीय बयान एक तरह से उनकी बौखलाहट की झलक दिखा रहे हैं। उन्हें एहसास हो गया है कि पांचों राज्यों में जनता उनकी पार्टी को बुरी तरह नकार रही है।
  • Rajasthan
    सोनिया यादव
    राजस्थान: अलग कृषि बजट किसानों के संघर्ष की जीत है या फिर चुनावी हथियार?
    22 Feb 2022
    किसानों पर कर्ज़ का बढ़ता बोझ और उसकी वसूली के लिए बैंकों का नोटिस, जमीनों की नीलामी इस वक्त राज्य में एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। ऐसे में गहलोत सरकार 2023 केे विधानसभा चुनावों को देखते हुए कोई जोखिम…
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव, चौथा चरण: केंद्रीय मंत्री समेत दांव पर कई नेताओं की प्रतिष्ठा
    22 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश चुनाव के चौथे चरण में 624 प्रत्याशियों का भाग्य तय होगा, साथ ही भारतीय जनता पार्टी समेत समाजवादी पार्टी की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। एक ओर जहां भाजपा अपना पुराना प्रदर्शन दोहराना चाहेगी,…
  • uttar pradesh
    एम.ओबैद
    यूपी चुनाव : योगी काल में नहीं थमा 'इलाज के अभाव में मौत' का सिलसिला
    22 Feb 2022
    पिछले साल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि "वर्तमान में प्रदेश में चिकित्सा सुविधा बेहद नाज़ुक और कमज़ोर है। यह आम दिनों में भी जनता की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त…
  • covid
    टी ललिता
    महामारी के मद्देनजर कामगार वर्ग की ज़रूरतों के अनुरूप शहरों की योजना में बदलाव की आवश्यकता  
    22 Feb 2022
    दूसरे कोविड-19 लहर के दौरान सरकार के कुप्रबंधन ने शहरी नियोजन की खामियों को उजागर करके रख दिया है, जिसने हमेशा ही श्रमिकों की जरूरतों की अनदेखी की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License