NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
इस बजट से गरीब और गरीब होंगे: वाम दल
'यह बजट न तो आम लोगों और न ही अर्थव्यवस्था में गति लाने के लिए है, बल्कि यह अमीरों को और अमीर तथा गरीबों को और गरीब बनाने वाला है।'
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
01 Feb 2021
इस बजट से गरीब और गरीब होंगे: वाम दल

नयी दिल्ली: वाम दलों ने आम बजट को लेकर सोमवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सिर्फ बयानबाजी हुई है तथा इस बजट से सिर्फ कॉरपोरेट जगत के लोगों को फायदा होगा।

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि यह बजट न तो आम लोगों और न ही अर्थव्यवस्था में गति लाने के लिए है, बल्कि यह अमीरों को और अमीर तथा गरीबों को और गरीब बनाने वाला है।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘बजट उन लोगों के साथ विश्वासघात है जो कोरोना महामारी और मंदी की दोहरी मार झेल रहे हैं।’’

येचुरी ने कहा, ‘‘कृषि क्षेत्र में आवंटन कम कर दिया गया। एमएसपी का वादा किया गया, लेकिन मूल्य समर्थन योजनाओं के लिए आवंटन घटा दिया गया है। पेट्रोल और डीजल पर अतिरिक्त उप कर लगा दिया गया।’’

भाकपा सांसद विनय विश्वास ने दावा किया कि यह बजट ‘बयानबाजी में एक नया मास्टर स्ट्रोक’ था और यही इस सरकार की पहचान बन गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था की खराब हालत के लिए कोरोना महामारी को बहाने के तौर पर इस्तेमाल किया और इस तथ्य को बड़ी सहजता से नजरअंदाज कर दिया कि अर्थव्यवस्था इस महामारी के आने से पहले ही संकट से घिर गई थी।’’
भाकपा -माले ने कहा कोविड महामारी के बाद आये मोदी सरकार के पहले बजट में खतरनाक रूप से नीचे गिर रही अर्थव्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में कोई कोशिश नहीं की गई है.  न ही इसमें नौकरियां खो चुके और आय व जीवनयापन के स्तर में भारी गिरावट से परेशान लोगों के लिए कोई तात्कालिक राहत दी गई है. उल्टे इसमें संकटग्रस्त अर्थव्यवस्था के बोझ को जनता के कंधों पर डाल बड़े काॅरपोरेटों के लिए अकूत सम्पत्ति जमा करने के और अवसर बना दिये गये हैं।  " 
 
माले अपने बयाना में कहा सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी की किसानों की लम्बे समय से चली आ रही मांग को सरकार ने एक बार फिर खारिज कर दिया है. भारत के छोटे किसान और माइक्रोफाइनांस कम्पनियों के कर्ज तले लोग परेशान हैं. पूरे देश में छोटे कर्जदारों के कर्जे माफ करने की मांग लगातार उठ रही हैं, लेकिन बजट 2021 ने इस महत्वपूर्ण मांग को नहीं माना है। 

left parties
union budget
Union Budget 2021-22
BJP
unemployment

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

डरावना आर्थिक संकट: न तो ख़रीदने की ताक़त, न कोई नौकरी, और उस पर बढ़ती कीमतें

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  • जितेन्द्र कुमार
    मुद्दा: बिखरती हुई सामाजिक न्याय की राजनीति
    11 Apr 2022
    कई टिप्पणीकारों के अनुसार राजनीति का यह ऐसा दौर है जिसमें राष्ट्रवाद, आर्थिकी और देश-समाज की बदहाली पर राज करेगा। लेकिन विभिन्न तरह की टिप्पणियों के बीच इतना तो तय है कि वर्तमान दौर की राजनीति ने…
  • एम.ओबैद
    नक्शे का पेचः भागलपुर कैंसर अस्पताल का सपना अब भी अधूरा, दूर जाने को मजबूर 13 ज़िलों के लोग
    11 Apr 2022
    बिहार के भागलपुर समेत पूर्वी बिहार और कोसी-सीमांचल के 13 ज़िलों के लोग आज भी कैंसर के इलाज के लिए मुज़फ़्फ़रपुर और प्रदेश की राजधानी पटना या देश की राजधानी दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरों का चक्कर काट…
  • रवि शंकर दुबे
    दुर्भाग्य! रामनवमी और रमज़ान भी सियासत की ज़द में आ गए
    11 Apr 2022
    रामनवमी और रमज़ान जैसे पर्व को बदनाम करने के लिए अराजक तत्व अपनी पूरी ताक़त झोंक रहे हैं, सियासत के शह में पल रहे कुछ लोग गंगा-जमुनी तहज़ीब को पूरी तरह से ध्वस्त करने में लगे हैं।
  • सुबोध वर्मा
    अमृत काल: बेरोज़गारी और कम भत्ते से परेशान जनता
    11 Apr 2022
    सीएमआईए के मुताबिक़, श्रम भागीदारी में तेज़ गिरावट आई है, बेरोज़गारी दर भी 7 फ़ीसदी या इससे ज़्यादा ही बनी हुई है। साथ ही 2020-21 में औसत वार्षिक आय भी एक लाख सत्तर हजार रुपये के बेहद निचले स्तर पर…
  • JNU
    न्यूज़क्लिक टीम
    JNU: मांस परोसने को लेकर बवाल, ABVP कठघरे में !
    11 Apr 2022
    जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में दो साल बाद फिर हिंसा देखने को मिली जब कथित तौर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से संबद्ध छात्रों ने राम नवमी के अवसर कैम्पस में मांसाहार परोसे जाने का विरोध किया. जब…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License