NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
पराग्वेः हज़ारों डॉक्टरों, किसानों, शिक्षकों और ट्रक चालकों ने विरोध प्रदर्शन किया
विभिन्न क्षेत्र राष्ट्रपति मारियो अब्दो बेनिटेज़ की अतिदक्षिणपंथी सरकार के साथ हुए समझौतों के लागू करने की मांग कर रहे हैं।
पीपल्स डिस्पैच
11 Aug 2021
पराग्वेः

10 अगस्त को हजारों डॉक्टरों, किसानों, शिक्षकों और ट्रक चालकों ने पराग्वे की राजधानी असुनसियन की सड़कों पर उतरकर राष्ट्रपति मारियो अब्दो बेनिटेज़ की अतिदक्षिणपंथी सरकार के साथ हुए समझौतों के लागू करने की मांग की।

ट्रक चालकों ने अपने ट्रकों के साथ कोस्टानेरा एवेन्यू को जाम किए हुए हैं। किसानों ने अभियोजक के कार्यालय, लोक निर्माण मंत्रालय, शहरी, आवास और आवास मंत्रालय और कांग्रेस के सामने प्रदर्शन किया। डॉक्टरों ने स्वास्थ्य मंत्रालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया।

पिछले सप्ताह से हड़ताल कर रहे ट्रक चालक निंदा करते हुए कहते हैं कि उन्हें कृषि-निर्यातकों द्वारा माल ढुलाई की लागत के लिए कम भुगतान किया जा रहा है। ट्रक चालकों के यूनियन ने एक फ्रेट कानून के अनुमोदन और अधिनियमन की मांग की है जो अन्य चीजों के अलावा एक तकनीकी समिति के निर्माण की स्थापना करता है जो एक ट्रैक्टर-ट्रेलर और सेमी ट्रेलर के लिए लोड के अनुसार माल की परिचालन लागत और संबंधित लागत का निर्धारण करेगा।

देश के विभिन्न हिस्सों से राजधानी आए किसान, कानून 6669 के अनुपालन की मांग की जो कृषक पारिवार की रिकवरी के लिए प्रोत्साहन और निवेश के उपाय तैयार करता है। यह छोटी कृषि की सहायता के लिए 25 मिलियन अमेरिकी डॉलर की राशि आवंटित करता है, जिसमें से लगभग 16 मिलियन डालर सीधे लाभार्थियों को हस्तांतरित किए जाने की व्यवस्था हैं और शेष सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण के लिए उपयोग किए जाने की व्यवस्था है।

दो दिवसीय हड़ताल कर रहे शिक्षक साल 2018 में पारित एक कानून के लागू करने की मांग कर रहे हैं जिसमें इस अक्टूबर से शिक्षकों के वेतन में क्रमिक रूप से 16% की वृद्धि की व्यवस्था है। शिक्षक संघ एजुकेटर्स फेडरेशन ऑफ पराग्वे (एफईपी) ने कांग्रेस की पटल पर मौजूद इस बिल को खारिज कर दिया, जो सभी सिविल सेवकों के लिए COVID-19 महामारी के कारण आर्थिक संकट का सामना करने के लिए वेतन वृद्धि पर रोक लगाता है।

डॉक्टर समान वेतन और काम के घंटों के अनुसार वेतन पाने के लिए विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरे। नेशनल यूनियन ऑफ फिजिशियन (सिनामेड) भी इस क्षेत्र के लिए बजट को 15 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक बढ़ाने के लिए हस्ताक्षर किए गए एक समझौते के अनुपालन की मांग करता है। यह मांग करता है कि महामारी के दौरान डॉक्टरों को उनके काम के लिए मुआवजा देने के लिए उक्त राशि आवंटित की जाए।

paraguay
protest in paraguay
peoples protest in paraguay

Related Stories

पराग्वे में राष्ट्रपति और उनके मंत्रिमंडल के इस्तीफ़े की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी

पराग्वे के छात्र और किसान सार्वजनिक शिक्षा के लिए अधिक बजट की मांग की


बाकी खबरें

  • iran
    शिरीष खरे
    ईरान के नए जनसंख्या क़ानून पर क्यों हो रहा है विवाद, कैसे महिला अधिकारों को करेगा प्रभावित?
    21 Feb 2022
    ईरान का नया जनसंख्या कानून अपनी एक आधुनिक समस्या के कारण सुर्खियों में है, जिसके खिलाफ अब ईरान ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के कुछ मानवाधिकार संगठन आवाज उठा रहे हैं।
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 16,051 नए मामले, 206 मरीज़ों की मौत
    21 Feb 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.47 फ़ीसदी यानी 2 लाख 2 हज़ार 131 हो गयी है।
  • education
    निवेदिता सरकार, अनुनीता मित्रा
    शिक्षा बजट: डिजिटल डिवाइड से शिक्षा तक पहुँच, उसकी गुणवत्ता दूभर
    21 Feb 2022
    बहुत सारी योजनाएं हैं, लेकिन शिक्षा क्षेत्र के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता उसकी खुद की विरोधाभासी नीतियों और वित्तीय सहायता की कमी से बुरी तरह प्रभावित हैं।
  • Modi
    सुबोध वर्मा
    यूपी चुनाव : कैसे यूपी की 'डबल इंजन’ सरकार ने केंद्रीय योजनाओं को पटरी से उतारा 
    21 Feb 2022
    महामारी के वर्षों में भी, योगी आदित्यनाथ की सरकार प्रमुख केंद्रीय योजनाओं को पूरी तरह से लागू नहीं कर पाई। 
  • ayodhya
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    अयोध्या में कम्युनिस्ट... अरे, क्या कह रहे हैं भाईसाहब!
    21 Feb 2022
    यह बात किसी सामान्य व्यक्ति को भी हैरान कर सकती है कि भारतीय दक्षिणपंथ के तूफ़ान का एपीसेंटर बन चुके अयोध्या में वामपंथी कहां से आ गए ? लेकिन यह सच है…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License