NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
विवादित तीन कृषि क़ानूनों के  ख़िलाफ़ सीकर में माकपा के नेतृत्व में कृषि मंडी में हज़ारों किसानों ने किया रोष प्रदर्शन
इस सभा में नेताओं ने तीन नए विवादित कृषि कानूनों के साथ ही आम जन मानस से जुड़े मुद्दे भी उठाए। सभा के बाद मंच स्थल पर राज्य सरकार के प्रतिनिधि को ज्ञापन दिया गया और सभा के दौरान राजस्थान के लोकप्रिय किसान नेता व माकपा राज्य सचिव अमराराम ने किसान संयुक्त मोर्चा के 27 सितंबर को भारत बंद के प्रस्ताव को रखा जिसको हजारों हाथों ने इंकलाबी नारा लगाते हुए समर्थन किया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
16 Sep 2021
विवादित तीन कृषि क़ानूनों के  ख़िलाफ़ सीकर में माकपा के नेतृत्व में कृषि मंडी में हज़ारों किसानों ने किया रोष प्रदर्शन

आज गुरुवार को भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी माकपा की ओर से कृषि मंडी सीकर में विशाल आम सभा का आयोजन किया गया। जिसके लिए माकपा पिछले पंद्रह दिन से जन जागरण अभियान चला रही थी।  इस सभा में नेताओ ने तीन नए विवादित कृषि कानूनों के साथ ही आम जन मानस से जुड़े मुद्दे भी उठाए।  
 
सभा के बाद मंच स्थल पर राज्य सरकार के प्रतिनिधि को ज्ञापन दिया गया और सभा के दौरान राजस्थान के लोकप्रिय किसान नेता व माकपा राज्य सचिव  अमराराम ने किसान संयुक्त मोर्चा के 27 सितंबर को भारत बंद के प्रस्ताव को रखा जिसको हजारों हाथों ने इंकलाबी नारा लगाते हुए समर्थन किया।
 
हजारों किसानों को संबोधित करते हुए  अमराराम ने कहा कि पिछले सात सालों से केंद्र में बीजेपी की जो सरकार है उसने देश की जनता के टैक्स से पिछले सत्तर सालों में जो भी कुछ बनाया गया है वो चाहे हमारा रेलवे,बीमा,बैंक या सड़क हो सब कुछ कौड़ियों के दाम देसी विदेशी पूंजीपतियों को बेचा जा रहा है।

गुलामी के वक्त अंग्रेजों की जो नीति थी वही बांटो,लूटो और राज करो की नीति भाजपा आरएसएस की है लेकिन देश में पिछले नो महीनों से चल रहे किसान आंदोलन ने देश में भाईचारा कायम करते हुए एकजुटता बनाने का काम किया है। पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में आयोजित किसान महापंचायत ने बांटने वाली ताकतों को करारा जवाब देते हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में विभाजनकारी ताकतों को हराने का संकल्प लिया है।

अमराराम ने आगे कहा मोदी सरकार देसी विदेशी कंपनियों के फायदे के लिए कृषि कानून लेकर आई है। भाजपा नेताओं ने किसानों को नक्सलवादी,खालिस्तानी कहने के अलावा स्थानीय भाजपा नेताओं के सहारे दिल्ली बॉर्डर पर किसानों के मोर्चे कमजोर करने की कोशिश की लेकिन देश के किसानों की एकजुटता ने तमाम बाधाओं को पार करते हुए किसान आंदोलन को देश के आम जनता आंदोलन बना दिया है। प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं एमएसपी थी,है और रहेगी लेकिन राजस्थान में बाजरे का समर्थन मूल्य 2150 रूपये होने के बावजूद एक भी दाना नहीं खरीदा गया इसलिए किसान संगठन एमएसपी को कानूनी गारंटी देने की मांग कर रहे हैं। यह देश की जनता है जो कुर्सी पर बिठाना जानती है तो कुर्सी से नीचे लाना भी जानती है।

अमराराम ने कांग्रेस पार्टी के दिखावे पर चुटकी लेते हुए कहा कि गहलोत और कांग्रेस के नेता कहते हैं कि हम किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ हैं लेकिन शाहजहांपुर बॉर्डर पर कांग्रेस के 107 विधायकों में से सिर्फ चार विधायक जाकर आए हैं।दिल्ली के किसी भी बॉर्डर पर कांग्रेस के किसान संगठन का एक भी तंबू नहीं है वहीं टोल नाकों पर बैठे किसानों पर राजस्थान की पुलिस केस दर्ज कर रही है।

माकपा नेताओ ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के 73 विधायक गहलोत सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ जुबान नहीं खोलते हैं लेकिन यह हमारा लाल झंडा ही है जिसका 2017 में कोई भी विधायक नहीं होने के बावजूद वसुंधरा सरकार के घुटने टेक कर किसानों का 8000 करोड़ रुपए का कर्ज माफ करवाया गया था।

अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेशाध्यक्ष पेमाराम ने कहा कि यह कारपोरेट परस्त नीतियां ही हैं जिनके कारण देश में बेरोजगारी,महंगाई और भ्रष्टाचार बढ़ा है।इन सरकारों ने पिछले दो साल से शिक्षा को चौपट कर दिया।राजस्थान का किसान शाहजहांपुर बॉर्डर पर शानदार मोर्चा लगाकर कृषि के काले कानूनों का विरोध कर रहा है। यह हमारे अस्तित्व की लड़ाई है और हम इसे जीत के रहेंगे।

माकपा जिला सचिव किशन पारीक ने कहा कि आज भारी संख्या में किसान मजदूर व आमजन ने इस विरोध सभा में भाग लेकर केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की है।हम आम जनता की मांगों को हल कराने के लिए 14 सूत्री मांग पत्र प्रधानमंत्री व 13 सूत्री मांग पत्र गहलोत सरकार को देकर आज की इस सभा के द्वारा मांग करते हैं कि कृषि के काले कानूनों को वापस लिया जाए,श्रमिक विरोधी चार श्रम संहिताओं को रद्द करने,बिजली की रेट कम करने, स्थाई शुल्क व वीसीआर की लूट बंद करने,रोजगार देने,फ्री राशन देने,पेट्रोल डीजल पर टैक्स वेट कम करने तथा भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग की गई है।

Rajasthan
sikar
kisan andolan
CPI-M
MSP

Related Stories

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

दिल्ली: सांप्रदायिक और बुलडोजर राजनीति के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

NEP भारत में सार्वजनिक शिक्षा को नष्ट करने के लिए भाजपा का बुलडोजर: वृंदा करात

क्यों है 28-29 मार्च को पूरे देश में हड़ताल?

28-29 मार्च को आम हड़ताल क्यों करने जा रहा है पूरा भारत ?

मोदी सरकार की वादाख़िलाफ़ी पर आंदोलन को नए सिरे से धार देने में जुटे पूर्वांचल के किसान

ग़ौरतलब: किसानों को आंदोलन और परिवर्तनकामी राजनीति दोनों को ही साधना होगा

एमएसपी पर फिर से राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेगा संयुक्त किसान मोर्चा

दिल्ली में गूंजा छात्रों का नारा— हिजाब हो या न हो, शिक्षा हमारा अधिकार है!

कृषि बजट में कटौती करके, ‘किसान आंदोलन’ का बदला ले रही है सरकार: संयुक्त किसान मोर्चा


बाकी खबरें

  • Ludhiana
    न्यूज़क्लिक टीम
    ग्राउंड रिपोर्ट; लुधियानाः क्या दलित कार्ड पार लगाएगा नैया या भारी दूसरे दांव
    18 Feb 2022
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह पहुंची लुधियाना और भगत सिंह के भांजे प्रो. जगमोहन सिंह से लेकर सफाई कर्मचारी समाज, नौजवानों से मिलकर जाना चुनावी मौसम का हाल
  • Udupi Ground Report
    शिवम चतुर्वेदी
    उडुपी ग्राउंड रिपोर्ट : हिजाब के समर्थन में हैं कॉलेज की हिंदू लड़कियां, पर उन्हें मीडिया से बात करने की इजाज़त नहीं
    18 Feb 2022
    कुसुम ने कहा, "हिंदू लड़के कभी भी भगवा गमछा पहन कर पहले नहीं आया करते थे शायद वह किसी के उकसावे में आकर भगवा गमछा पहन कर आ रहे हैं।"
  • narendra modi
    पार्थ एस घोष
    क्या यह मोदी लहर के ख़ात्मे की शुरूआत है?
    18 Feb 2022
    अब राजनीतिक प्रतिद्वंदी बीजेपी से खौफ़ नहीं खाते हैं, ना ही वह धारणा रही है कि बीजेपी को हराया नहीं जा सकता। अब बीजेपी को समझ आ रहा है कि लोग अच्छे प्रशासन की अपेक्षा रखते हैं।
  • Modi channi kejriwal
    रवीश कुमार
    चन्नी का बयान ग़लत है लेकिन निंदा करने वाले उससे भी ज़्यादा ग़लत हैं
    18 Feb 2022
    प्रधानमंत्री मोदी बताएं कि तालाबंदी के समय यूपी और बिहार के मज़दूर जब दर-दर भटक रहे थे तब वे क्या कर रहे थे? पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह ने तो बयान दिया है लेकिन हरियाणा की खट्टर सरकार ने तो…
  • yogi
    भाषा
    सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध जारी 274 भरपाई नोटिस वापस लिए गए: उप्र सरकार
    18 Feb 2022
    न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति सूर्यकान्त की पीठ ने कहा कि राज्य सरकार करोड़ों रुपये की पूरी राशि वापस करेगी जो 2019 शुरू की गई कार्रवाई के तहत कथित प्रदर्शनकारियों से वसूली गई थी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License