NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बैंकॉक में सरकार-विरोधी प्रदर्शन में हज़ारों लोग सड़क पर उतरे
राजनीतिक सुधारों को लेकर चल रहे छात्रों के इस आंदोलन का समर्थन करते हुए क़रीब हज़ारों लोगों ने इस प्रदर्शन में भाग लिया।
पीपल्स डिस्पैच
17 Aug 2020
बैंकॉक

चल रहे छात्रों के विरोध का समर्थन करते हुए थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में रविवार 16 अगस्त को हज़ारों नागरिकों ने प्रदर्शन किया। ये प्रदर्शन प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओ-चा के नेतृत्व में नागरिक-सैन्य शासन और राजशाही में व्यापक सुधारों के ख़िलाफ़ जारी विरोध प्रदर्शनों का हिस्सा है।

आयोजकों के अनुसार रविवार को हुए विरोध प्रदर्शन में क़रीब 10,000 लोग शामिल हुए जो हाल के इतिहास में थाईलैंड में आयोजित किए जाने वाले सबसे बड़े प्रदर्शनों में से एक है। प्रदर्शनकारियों ने रैली निकाली और डेमोक्रेसी मोनूमेंट के पास इकट्ठा हुए जो 1932 के सियामीज संवैधानिक क्रांति को याद करने का ऐतिहासिक स्थल है। इस क्रांति ने देश की राजशाही को समाप्त कर दिया था।

प्रदर्शनकारियों को "लोकतंत्र ज़िंदाबाद" और प्रयुत सरकार के इस्तीफ़े की मांग करते हुए नारा लगाते हुए देखा गया। राजधानी में जारी विरोध प्रदर्शनों में लोगों के बढ़ते समर्थन को देखा गया जिसे विश्वविद्यालय परिसरों में छात्रों द्वारा बड़े पैमाने पर आयोजित किया गया।

पिछले हफ्ते छात्रों और पुलिस का बैंकॉक के थम्मासैट विश्वविद्यालय परिसर में आमना सामना हो गया क्योंकि हज़ारों छात्रों ने राजशाही में सुधारों को लेकर क़रीब क़रीब रोज़ाना विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। थाई शासक रामा दशम हालांकि राजनीतिक रूप से सक्रिय होने के लिए संवैधानिक रूप से सीमित है वे दुनिया भर के देशों में सबसे धनी प्रमुख है और राजशाही के ख़िलाफ़ अपराध के सख्त कानूनों के माध्यम से आलोचनाओं से व्यापक सुरक्षा प्राप्त है।

इस साल फरवरी महीने के बाद से लोकतंत्र समर्थक विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। इस समय थानाथोर्न जुआनग्रून्गरुआंगकिट के नेतृत्व वाली विपक्षी फ्यूचर फॉरवर्ड पार्टी को तकनीकी रूप से संवैधानिक न्यायालय द्वारा भंग कर दिया गया था। हाल ही में राजशाही के ख़िलाफ़ अपराध के लिए एक्टिविस्ट और छात्रों की गिरफ़्तारी को लेकर छात्रों को सुधारों की मांग करने के लिए प्रेरित किया। चूंकि छात्रों के इस विरोध को समाज के बड़े हिस्से से व्यापक समर्थन प्राप्त है ऐसे में लोकतंत्र समर्थक आंदोलन को एक नई गति मिली है।

प्राचताई (Prachatai) के अनुसार रविवार के प्रदर्शन से पहले राजशाही-समर्थक और सरकार-समर्थक समूहों के कुछ लोगों ने भी जवाबी प्रदर्शन किया।

Thailand
Bangkok
Prayut Chan-o-cha
Anti government protest

Related Stories

हड़ताल-आंदोलन की धार कुंद नहीं पड़ी

शीर्ष कोर्ट के फ़ैसले से ख़तरे में आए थाईलैंड के लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शन

विचार: पूर्व के आंदोलनों से किस तरह अलग और विशिष्ट है किसान आंदोलन

थाईलैंड : प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई में 9 नाबालिगों सहित दर्जनों गिरफ़्तार

थाईलैंडः प्रयुत के अविश्वास प्रस्ताव जीतने के बाद राजधानी में "कार रैली" और प्रदर्शन

थाईलैंडः पुलिस की कार्रवाई के बावजूद "कार" रैली में हज़ारों लोग शामिल हुए

थाईलैंड : बेहतर कोविड राहत की मांग करने वाले प्रदर्शनकारियों पर दमनात्मक कार्रवाई

अल्जीरिया में 100 से अधिक हिरक प्रदर्शनकारी रिहा

थाईलैंड के नए संविधान संशोधन विधेयक को व्यापक जनसमर्थन

राजशाही के अपमान के आरोपी तीन थाईलैंड के एक्टिविस्ट ज़मानत पर रिहा


बाकी खबरें

  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    करनाल में किसान महापंचायत, रेलवे के निजीकरण के ख़िलाफ़ राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन और अन्य
    07 Sep 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी हरियाणा के करनाल में किसान महापंचायत, रेलवे के निजीकरण के ख़िलाफ़ रेल कर्मियों का बुधवार को राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन,यूपी में डेंगू और वायरल बुखार का…
  • निमहांस के बर्ख़ास्त किये गए कर्मचारी जुलाई से हैं हड़ताल पर
    रोसम्मा थॉमस
    निमहांस के बर्ख़ास्त किये गए कर्मचारी जुलाई से हैं हड़ताल पर
    07 Sep 2021
    19 कर्मचारियों को इसलिये बर्ख़ास्त कर दिया गया था क्योंकि उन्होंने अस्पताल प्रशासन से कोविड कर्फ़्यू के दौरान रात को घर जाने की व्यवस्था करने की मांग की थी।
  • मुज़फ़्फ़रनगर: 2013 की हिंसा के ज़ख़्म ज़िंदा है जौला गांव में
    न्यूज़क्लिक टीम
    मुज़फ़्फ़रनगर: 2013 की हिंसा के ज़ख़्म ज़िंदा है जौला गांव में
    07 Sep 2021
    ग्राउंड रिपोर्ट में मुज़फ़्फ़नगर के जौला गांव में पहुंची वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह, जहां 2013 के सांप्रदायिक हिंसा के शिकार लोगों को पनाह मिली। किसान आंदोलन के भविष्य का रास्ता जौला गांव से होकर ही…
  • पेगासस विवाद : उच्चतम न्यायालय ने केंद्र को जवाब दाखिल करने के लिए और समय दिया
    भाषा
    पेगासस विवाद : उच्चतम न्यायालय ने केंद्र को जवाब दाखिल करने के लिए और समय दिया
    07 Sep 2021
    मामले में अगली सुनवाई के लिए 13 सितंबर की तारीख तय की है।
  • जातीय जनगणना: जलता अंगार
    बी. सिवरामन
    जातीय जनगणना: जलता अंगार
    07 Sep 2021
    यदि नीतीश सचमुच में इस मुद्दे पर ईमानदार हैं, तो उन्हें मांग करनी चाहिये थी कि केंद्र सरकार, जिसको आरएसएस-भाजपा का ओबीसी मास्टहेड मोदी का नेतृत्व मिला है, 2011 के सामाजिक-आर्थिक व जातीय जनगणना के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License