NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
राजशाही के अपमान के आरोपी तीन थाईलैंड के एक्टिविस्ट ज़मानत पर रिहा
परित चिरावक, चाइयामॉर्न कइविबूनपान और फ्रॉमसोर्न वीरथमजारी को 11 मई को जेल से रिहा कर दिया गया। पिछले कुछ दिनों से इसी तरह के आरोपों का सामना कर रहे चार अन्य एक्टिविस्टों को भी ज़मानत मिल गई है।
पीपल्स डिस्पैच
12 May 2021
राजशाही

नागरिक संगठनों और मानवाधिकारों के समूहों द्वारा कई सप्ताह के विरोध प्रदर्शनों के बाद लेसे मैजेस्टे (राजशाही का अपमान करने) के आरोप में हिरासत में रखे गए थाईलैंड के तीन एक्टिविस्ट को रिहा कर दिया गया। मंगलवार 11 मई को बैंकाक की आपराधिक अदालत ने परित "पेंगुइन" चिरावक और चाइयामॉर्न कइविबूनपान को जमानत दे दी जबकि एक क्षेत्रीय अपीलीय अदालत ने फ्रॉमसोर्न फह वीरथमजारी को सशर्त जमानत दे दी।

एक अन्य एक्टिविस्ट पानुपोंग जदनोक की जमानत की सुनवाई को बैंकाक आपराधिक न्यायालय ने COVID-19 जांच लंबित होने के चलते स्थगित कर दिया था। तीनों राजनैतिक कैदी थे जिन्हें 6 मई को पानुसाया सिथिजिरोवट्टनकुल, 7 मई को वनावाली थम्मासत्याया और हथैरत केवसिकरम को और 9 मई को सिराफोप फुम्फुएन्गफुट को जमानत दिए जाने के बाद रिहा होने वाले राजनीतिक कैदी थे।

सभी रिहा किए गए एक्टिविस्टों को भारी बाॉन्ड और इस शर्त के तहत जमानत दी गई थी कि वे "समाज को बाधित करने वाली गतिविधियों" में भाग नहीं लेंगे। इनमें से फ्रॉमसोर्न को इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग ब्रेसलेट पहनने की भी आवश्यकता है।

रिहा किए गए एक्टिविस्टों का उनके समर्थकों, उनके परिवारों और इकट्ठा लोगों ने स्वागत किया। रिहाई से पहले मानवाधिकार के मुखर, समर्थक, मीडियाकर्मी और यहां तक कि पानुसाया जैसे पूर्व के कैदी भी बैंकाक की विशेष जेल के बाहर इंतजार किया जहां उन्हें रखा गया था।

जमानत पर रिहा होने वाले एक्टिविस्टों में, फ़ॉर्मसोर्न, परित और पानुसाया सभी राजनीतिक बंदियों की रिहाई की मांग को लेकर लंबे समय से भूख हड़ताल पर थे। जेल में एक्टिविस्टों को साइबर अपराध और राष्ट्रद्रोह जैसे आरोपों का सामना करना पड़ रहा था।

जनवरी और मार्च महीने के बीच थाई अधिकारियों द्वारा एक्टिविस्टों और प्रदर्शनकारियों पर भारी कार्रवाई के दौरान अधिकांश को गिरफ्तार किया गया था। मिसाल के तौर पर परित कुल 92 दिनों तक जेल में रहे और 58 दिनों तक भूख हड़ताल पर रहे। 17 मार्च से फ़ॉर्मसोर्न हिरासत में थे। एक सड़क दुर्घटना में गंभीर से घायल होने के दो दिन बाद ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया था।

इस महीने की शुरुआत में 2 मई को परित को बैंकॉक में जेल अधिकारियों द्वारा उस समय अस्पताल में भर्ती कराया गया था जब उनका स्वास्थ्य बहुत तेजी से बिगड़ गया था और जेल के मेडिकल स्टाफ को सलाइन- इंडूस्ड शॉक का डर था। अस्पताल में भर्ती होने का विवरण गुप्त था और उनकी रिहाई की मांग करते हुए प्रदर्शन हुए।

Thailand
thai activists
monarchy
thailand monarchy

Related Stories

थाईलैंड : प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई में 9 नाबालिगों सहित दर्जनों गिरफ़्तार

थाईलैंडः प्रयुत के अविश्वास प्रस्ताव जीतने के बाद राजधानी में "कार रैली" और प्रदर्शन

थाईलैंडः पुलिस की कार्रवाई के बावजूद "कार" रैली में हज़ारों लोग शामिल हुए

थाईलैंड : बेहतर कोविड राहत की मांग करने वाले प्रदर्शनकारियों पर दमनात्मक कार्रवाई

थाईलैंड के नए संविधान संशोधन विधेयक को व्यापक जनसमर्थन

बैंकाक में भूख हड़ताल कर रहे बंदियों की रिहाई की मांग करते हुए सैकड़ों लोगों ने किया प्रदर्शन

क्या भारत भी कुछ सीखेगा: मास्क नहीं पहनने पर थाईलैंड के प्रधानमंत्री पर जुर्माना

थाईलैंडः प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई में दर्जनों लोग घायल और कई लोग हिरासत में

थाईलैंड : "राजशाही के अपमान" को लेकर प्रदर्शनकारियों पर मुक़दमा शुरू

थाई एयरवेज़ इंटरनेशनल की पुनर्गठन योजनाओं के ख़िलाफ़ श्रम विवाद तेज़


बाकी खबरें

  • बिहार शेल्टर होम कांड-2: युवती ने अधीक्षिका पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- होता है गंदा काम
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार शेल्टर होम कांड-2: युवती ने अधीक्षिका पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- होता है गंदा काम
    02 Feb 2022
    राजधानी पटना में गाय घाट स्थित महिला रिमांड होम से भागी एक युवती ने इस रिमांड होम की अधीक्षिका वंदना गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वहां खूबसबरत लड़कियां मैम को प्यारी होती हैं। उसने कहा कि…
  • uttarakhand
    न्यूज़क्लिक टीम
    उत्तराखंड चुनाव: थपलियालखेड़ा सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा से वंचित
    02 Feb 2022
    उत्तराखंड राज्य बने लगभग 22 साल हो गए हैं, पर आज भी अंतर्राष्ट्रीय सीमा और पहाड़ी इलाकों में जरुरी सुविधा से लोग वंचित हैं। गांव के लोगों को ज़रूरी सुविधाओं के लिए नेपाल पर निर्भर होना पड़ता है।
  • ASEEM
    अनिल सिन्हा
    यूपी के चुनाव मैदान में आईपीएस अफसरः क्या नौकरशही के इस राजनीतिकरण को रोकना नहीं चाहिए?
    02 Feb 2022
    ईडी के संयुक्त निदेशक राजेश्वर सिंह और कानपुर के पुलिस कमिश्नर असीम अरुण को टिकट देकर भाजपा ने निश्चित तौर पर नौकरशाही की विश्वसनीयता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
  • सोनिया यादव
    जेंडर बजट में कटौती, मोदी सरकार के ‘अमृतकाल’ में महिलाओं की नहीं कोई जगह
    02 Feb 2022
    महामारी के बाद की स्थिति में भी महिलाओं की जिंदगी दोबारा पटरी पर लाने के लिए सरकार कोई खास पहल करती दिखाई नहीं दे रही। वित्तीय वर्ष 2021-22 में जेंडर बजट का हिस्सा कुल बजट का केवल 4.4 प्रतिशत था, जो…
  • Myanmar
    चेतन राणा
    तख़्तापल्ट का एक वर्ष: म्यांमार का लोकतंत्र समर्थक प्रतिरोध आशाजनक, लेकिन अंतरराष्ट्रीय एकजुटता डगमग
    02 Feb 2022
    आसियान, भारत और चीन ने म्यांमार में सैन्य तख्तापलट की न केवल निंदा की है, बल्कि अलग-अलग स्तर पर सैन्य सत्ता को वैधता भी प्रदान की है। इनकी प्रेस विज्ञप्तियों में वहां लोकतंत्र के प्रति सामान्य…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License