NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
झांसी में ननों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले तीन व्यक्ति गिरफ़्तार
गिरफ़्तार लोगों में एक हिंदूवादी संगठन के अध्यक्ष अंचल अर्जरिया एवं पुरूकेस अमरया शामिल है।
भाषा
03 Apr 2021
झांसी में ननों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले तीन व्यक्ति गिरफ़्तार
प्रतीकात्मक तस्वीर।

झांसी (उप्र): राजकीय रेलवे पुलिस ने ट्रेन में नन के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने वाले तीन व्यक्तियों को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) झांसी के पुलिस क्षेत्राधिकारी नईम खान मंसूरी ने शुक्रवार को बताया कि बृहस्पतिवार की देर रात रेलवे स्टेशन पर गश्त के दौरान प्रभारी निरीक्षक सुनील सिंह को पता चला कि पुराने बुकिंग हॉल के पास दो युवक पुलिसकर्मियों से विवाद कर रहे हैं कि पिछले दिनों ननों के मामले में पुलिस ने उचित कार्यवाही न करते हुए उन्हें छोड़ दिया था। इस संबंध में वह पुनः प्रदर्शन करने की धमकी देते हुए उलझ रहे थे।

क्षेत्राधिकारी ने बताया कि मामले की गंभीरता देखते हुए उपरोक्त दोनों युवकों को शांति भंग की आशंका के तहत एवं उपरोक्त ननों संबंधित विवाद के चलते गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार लोगों में एक हिंदूवादी संगठन के अध्यक्ष अंचल अर्जरिया एवं पुरूकेस अमरया शामिल है।

उन्होंने बताया कि बाद में इस मामले में अजय शंकर तिवारी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

तीनों को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें 14 दिनों के लिए अस्थायी जेल में भेज दिया गया।

उल्लेखनीय है कि 19 मार्च को उत्कल एक्सप्रेस से उड़ीसा के राउरकेला की यात्रा कर रही नई दिल्ली निवासी दो ननो एवं उनके साथ उड़ीसा की दो लड़कियों को देख एक धार्मिक संगठन के नेता अजय शंकर तिवारी की शिकायत पर जीआरपी पुलिस ने पूछताछ के लिए ट्रेन से उतार लिया था एवं शिकायत के अनुसार धर्म परिवर्तन जैसा कोई मामला नहीं होने पर अगली ट्रेन से उन्हें रवाना कर दिया था। इस मामले को लेकर तिवारी के साथ कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया था और ननों के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया था।

क्षेत्राधिकारी नईम अंसारी ने कहा था कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि लड़कियों को जबरन धर्म परिवर्तन के लिए ले जाया जा रहा है, हालांकि पूछताछ के दौरान ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया तो चारों को अगली ट्रेन से जाने की अनुमति दे दी गई।

इसे पढ़ें : ज़रा सोचिए: अपनी सेवा से दिल जीतती ननें!

Jhansi
Abusers of Nuns

Related Stories

यूपी: अब झांसी में अवैध खनन की रिपोर्टिंग करने गए पत्रकार पर हमला, कहां है कानून व्यवस्था? 

केरल: चर्चित नन रेप केस में आरोपी बिशप बरी, फ़ैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगी नन

झांसी: बीजेपी नेताओं का पुलिस पर हमला!, विपक्ष ने योगी सरकार पर उठाए सवाल


बाकी खबरें

  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    यूपी: योगी 2.0 में उच्च-जाति के मंत्रियों का दबदबा, दलितों-पिछड़ों और महिलाओं की जगह ख़ानापूर्ति..
    02 Apr 2022
    52 मंत्रियों में से 21 सवर्ण मंत्री हैं, जिनमें से 13 ब्राह्मण या राजपूत हैं।
  • अजय तोमर
    कर्नाटक: मलूर में दो-तरफा पलायन बन रही है मज़दूरों की बेबसी की वजह
    02 Apr 2022
    भारी संख्या में दिहाड़ी मज़दूरों का पलायन देश भर में श्रम के अवसरों की स्थिति को दर्शाता है।
  • प्रेम कुमार
    सीबीआई पर खड़े होते सवालों के लिए कौन ज़िम्मेदार? कैसे बचेगी CBI की साख? 
    02 Apr 2022
    सवाल यह है कि क्या खुद सीबीआई अपनी साख बचा सकती है? क्या सीबीआई की गिरती साख के लिए केवल सीबीआई ही जिम्मेदार है? संवैधानिक संस्था का कवच नहीं होने की वजह से सीबीआई काम नहीं कर पाती।
  • पीपल्स डिस्पैच
    लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया
    02 Apr 2022
    इज़रायल के क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में और विदेशों में रिफ़्यूजियों की तरह रहने वाले फ़िलिस्तीनी लोग लैंड डे मनाते हैं। यह दिन इज़रायली क़ब्ज़े के ख़िलाफ़ साझे संघर्ष और वापसी के अधिकार की ओर प्रतिबद्धता का…
  • मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद ज़ीशान अहमद
    भारत को अपने पहले मुस्लिम न्यायविद को क्यों याद करना चाहिए 
    02 Apr 2022
    औपनिवेशिक काल में एक उच्च न्यायालय के पहले मुस्लिम न्यायाधीश, सैयद महमूद का पेशेवराना सलूक आज की भारतीय न्यायपालिका में गिरते मानकों के लिए एक काउंटरपॉइंट देता है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License