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भारत
राजनीति
झांसी में ननों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले तीन व्यक्ति गिरफ़्तार
गिरफ़्तार लोगों में एक हिंदूवादी संगठन के अध्यक्ष अंचल अर्जरिया एवं पुरूकेस अमरया शामिल है।
भाषा
03 Apr 2021
झांसी में ननों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले तीन व्यक्ति गिरफ़्तार
प्रतीकात्मक तस्वीर।

झांसी (उप्र): राजकीय रेलवे पुलिस ने ट्रेन में नन के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने वाले तीन व्यक्तियों को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) झांसी के पुलिस क्षेत्राधिकारी नईम खान मंसूरी ने शुक्रवार को बताया कि बृहस्पतिवार की देर रात रेलवे स्टेशन पर गश्त के दौरान प्रभारी निरीक्षक सुनील सिंह को पता चला कि पुराने बुकिंग हॉल के पास दो युवक पुलिसकर्मियों से विवाद कर रहे हैं कि पिछले दिनों ननों के मामले में पुलिस ने उचित कार्यवाही न करते हुए उन्हें छोड़ दिया था। इस संबंध में वह पुनः प्रदर्शन करने की धमकी देते हुए उलझ रहे थे।

क्षेत्राधिकारी ने बताया कि मामले की गंभीरता देखते हुए उपरोक्त दोनों युवकों को शांति भंग की आशंका के तहत एवं उपरोक्त ननों संबंधित विवाद के चलते गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार लोगों में एक हिंदूवादी संगठन के अध्यक्ष अंचल अर्जरिया एवं पुरूकेस अमरया शामिल है।

उन्होंने बताया कि बाद में इस मामले में अजय शंकर तिवारी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

तीनों को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें 14 दिनों के लिए अस्थायी जेल में भेज दिया गया।

उल्लेखनीय है कि 19 मार्च को उत्कल एक्सप्रेस से उड़ीसा के राउरकेला की यात्रा कर रही नई दिल्ली निवासी दो ननो एवं उनके साथ उड़ीसा की दो लड़कियों को देख एक धार्मिक संगठन के नेता अजय शंकर तिवारी की शिकायत पर जीआरपी पुलिस ने पूछताछ के लिए ट्रेन से उतार लिया था एवं शिकायत के अनुसार धर्म परिवर्तन जैसा कोई मामला नहीं होने पर अगली ट्रेन से उन्हें रवाना कर दिया था। इस मामले को लेकर तिवारी के साथ कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया था और ननों के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया था।

क्षेत्राधिकारी नईम अंसारी ने कहा था कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि लड़कियों को जबरन धर्म परिवर्तन के लिए ले जाया जा रहा है, हालांकि पूछताछ के दौरान ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया तो चारों को अगली ट्रेन से जाने की अनुमति दे दी गई।

इसे पढ़ें : ज़रा सोचिए: अपनी सेवा से दिल जीतती ननें!

Jhansi
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