NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
चिली में संघर्ष के तीन महीने
लगातार पुलिस की कार्रवाई और सैन्य दमन के बावजूद चिली के लोग राष्ट्रीय संविधान सभा के माध्यम से एक नए समावेशी संविधान की मांग को लेकर अड़े हुए हैं।
पीपल्स डिस्पैच
20 Jan 2020
Chile Protest

जनरल ऑगस्टो पिनोशेत की पिछली नागरिक-सैन्य तानाशाही सरकार द्वारा लागू किए गए नवउदारवादी राज्य मॉडल के ख़िलाफ़ और राष्ट्रपति सेबास्टीनी पिनेरा की वर्तमान दक्षिणपंथी सरकार की कठोर नीतियों से परेशान होकर चिली के लोगों द्वारा शुरू किए गए संघर्ष ने 18 जनवरी 2020 को तीन महीने पूरा कर लिया।

चिली में लोकप्रिय विद्रोह के तीन महीने पूरे होने पर हजारों नागरिकों, छात्रों, श्रमिकों और कई सामाजिक आंदोलनों, मानवाधिकार संगठनों और ट्रेड यूनियनों के सदस्यों ने राष्ट्रीय संविधान सभा के माध्यम से एक नए समावेशी संविधान, पीनेरा का इस्तीफ़ा और सभी प्रकार के सरकारी दमन को समाप्त करने की मांग करते हुए देश भर में इकट्ठा हुए।

राजधानी सैंटियागो में काला कपड़े पहने सैकड़ों लोगों ने चिली के सुरक्षा बलों द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघन का विरोध करने के लिए सल्वाडोर मेट्रो स्टेशन से सरकार के कार्यालय ला मोनेडा पैलेस तक एक मौन मार्च निकाला।

सरकार-विरोधी इन प्रदर्शनों के पिछले तीन महीनों में चिली सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर अभूतपूर्व तरीक़े से दमन करने की कार्रवाई की। इस दौरान नागरिकों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करते हुए अंतर्राष्ट्रीय मानकों का बुरी तरह उल्लंघन किया है। देश में अवैध हिरासत, अत्याचार, यौन शोषण, बलात्कार, राजनीतिक उत्पीड़न, सामाजिक विरोध का अपराधीकरण, सार्वजनिक स्थानों का सैन्यीकरण, प्रेस स्वतंत्रता पर प्रतिबंध के हजारों मामले दर्ज किए गए हैं और इसकी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा की गई।

चिली में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन राइट्स (आईएनडीएच) के अनुसार 17 अक्टूबर से 15 जनवरी के बीच भारी पुलिस कार्रवाई के कारण 27 से अधिक लोग मारे गए, 10,253 लोग गिरफ्तार किए गए, 412 लोगों को यातनाएं दी गई और धमकी दी गई है, 191 लोग यौन उत्पीड़न के शिकार हुए, 842 लोगों पर अत्यधिक बल का इस्तेमाल किया गयाऔर 3,649 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलावा सुरक्षा बलों द्वारा नज़दीक से चलाई गई गोली के कारण 405 से अधिक लोगों की आंखों पर चोट लगी जिससे उनके आंखों की रौशनी चली गई।

ये सामाजिक आंदोलन 18 अक्टूबर से शुरू हुआ और राजधानी में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की लागत में वृद्धि के ख़िलाफ़ हाई स्कूल के छात्रों के विरोध से बढ़ गया। 11 अक्टूबर को हाई स्कूल के छात्रों ने मेट्रो टिकट खरीदने से इनकार करना शुरू कर दिया और इस वृद्धि का विरोध करने के लिए गेट पार करने लगे। चिली के युवाओं के नेतृत्व में विरोध ने देश में लंबे समय से असंतोष को जगाने के लिए उत्प्रेरक का काम किया।

सामाजिक असंतोष के चलते चिली सरकार एक नया संविधान लिखने के लिए सहमत हुई लेकिन सीमित रुप से। 15 नवंबर को सत्तारूढ़ दल और विपक्षी दलों के एक छोटे समूह ने मौजूदा संविधान को बदलने के लिए कुछ शर्तों पर बातचीत की और अप्रैल 2020 में एक नए संविधान के लिए जनमत संग्रह कराने के लिए एक समझौते के लिए तैयार हुए। ये जनमत संग्रह दो सवाल उठाएंगे, नए संविधान की आवश्यकता है या नहीं और यदि है तो किस प्रकार के निकाय "मिश्रित संविधान सम्मेलन" या "संविधान सभा" को लिखना चाहिए।

"मिश्रित संविधान सम्मेलन" में इस कार्य के लिए 50% सांसदों और 50% निर्वाचित सदस्यों का प्रतिनिधित्व होगा। "संविधान सभा" में इस कार्य के लिए नागरिकों द्वारा चुने गए सदस्यों का 100% प्रतिनिधित्व होगा। हालांकि, लामबंद होते लोकप्रिय और सामाजिक क्षेत्रों द्वारा इस समझौते को अस्वीकार कर दिया गया क्योंकि यह संविधान सभा के गठन और बहुराष्ट्रीय भागीदारी और लैंगिक समानता के तंत्र की गारंटी नहीं देता था जिसका सामाजिक आंदोलन मांग कर रहा था।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Chile protests
Chile Conflict
constitution
National Constituent Assembly
Sebastian Piñera
Protest
Protest Against govt.

Related Stories

विचारों की लड़ाई: पीतल से बना अंबेडकर सिक्का बनाम लोहे से बना स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी

मुंडका अग्निकांड के खिलाफ मुख्यमंत्री के समक्ष ऐक्टू का विरोध प्रदर्शन

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

बिजली संकट को लेकर आंदोलनों का दौर शुरू

नफ़रत देश, संविधान सब ख़त्म कर देगी- बोला नागरिक समाज

दिल्ली: लेडी हार्डिंग अस्पताल के बाहर स्वास्थ्य कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी, छंटनी के ख़िलाफ़ निकाला कैंडल मार्च

यूपी: खुलेआम बलात्कार की धमकी देने वाला महंत, आख़िर अब तक गिरफ़्तार क्यों नहीं

हिमाचल: प्राइवेट स्कूलों में फ़ीस वृद्धि के विरुद्ध अभिभावकों का ज़ोरदार प्रदर्शन, मिला आश्वासन 

स्कीम वर्कर्स संसद मार्च: लड़ाई मूलभूत अधिकारों के लिए है


बाकी खबरें

  • Sustainable Development
    सोनिया यादव
    सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में भारत काफी पीछे: रिपोर्ट
    03 Mar 2022
    एनुअल स्टेट ऑफ इंडियाज एनवायरमेंट 2022 रिपोर्ट के मुताबिक सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में भारत फिलहाल काफी पीछे है। ऐसे कम से कम 17 प्रमुख सरकारी लक्ष्य हैं, जिनकी समय-सीमा 2022 है और धीमी गति…
  • up elections
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पूर्वांचल की जंग: 10 जिलों की 57 सीटों पर सामान्य मतदान, योगी के गोरखपुर में भी नहीं दिखा उत्साह
    03 Mar 2022
    इस छठे चरण में शाम पांच बजे तक कुल औसतन 53.31 फ़ीसद मतदान दर्ज किया गया। अंतिम आंकड़ों का इंतज़ार है। आज के बाद यूपी का फ़ैसला बस एक क़दम दूर रह गया है। अब सात मार्च को सातवें और आख़िरी चरण के लिए…
  • election
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी चुनाव: बस्ती के इस गांव में लोगों ने किया चुनाव का बहिष्कार
    03 Mar 2022
    बस्ती जिले के हर्रैया विधानसभा में आधा दर्ज़न गांव के ग्रामीणों ने मतदान बहिष्कार करने का एलान किया है। ग्रामीणों ने बाकायदा गांव के बाहर इसका बैनर लगा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी…
  • gehariyaa
    एजाज़ अशरफ़
    गहराइयां में एक किरदार का मुस्लिम नाम क्यों?
    03 Mar 2022
    हो सकता है कि इस फ़िल्म का मुख्य पुरुष किरदार का अरबी नाम नये चलन के हिसाब से दिया गया हो। लेकिन, उस किरदार की नकारात्मक भूमिका इस नाम, नामकरण और अलग नाम की सियासत की याद दिला देती है।
  • Haryana
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हरियाणा: आंगनबाड़ी कर्मियों का विधानसभा मार्च, पुलिस ने किया बलप्रयोग, कई जगह पुलिस और कार्यकर्ता हुए आमने-सामने
    03 Mar 2022
    यूनियन नेताओं ने गुरुवार को कहा पंचकुला-यमुनानगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बरवाला टोल प्लाजा पर हड़ताली कार्यकर्ताओं और सहायकों पर  हरियाणा पुलिस ने लाठीचार्ज  किया।  
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License