NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
2019 के विरोध प्रदर्शन में शामिल पश्चिमी पापुआन के तीन क़ैदी "राजद्रोह" के दोषी
यूएलएमडब्ल्यूपी के बुचतर तबूनी सहित तीन प्रदर्शनकारी राजद्रोह के उन सात आरोपी क़ैदियों में पहले हैं जिन्हें पिछले साल प्रदर्शन के लिए दोषी ठहराया गया है।
पीपल्स डिस्पैच
17 Jun 2020
2019 के विरोध प्रदर्शन में शामिल पश्चिमी पापुआन के तीन क़ैदी "राजद्रोह" के दोषी
'बालिकपपन सेवन' सात एक्टिविस्ट और छात्र हैं जिन पर इंडोनेशियाई अधिकारियों द्वारा राजद्रोह के आरोप लगाया गया है।

बुधवार 17 जून को इंडोनेशिया की एक अदालत द्वारा पश्चिम पापुआन के तीन लोगों को राजद्रोह का दोषी ठहराया गया है। इन तीनों प्रतिवादियों में यूनाइटेड लिब्रेशन मूवमेंट फॉर वेस्ट पापुआ (यूएलएमडब्ल्यूपी) के एक नेता बुचतर तबूनी शामिल हैं। पापुआ वासियों के स्वाधीनता के लिए लड़ने वाले पश्चिमी पापुआ समूहों का ये अनुषंगी संगठन है। अन्य दो दोषी फेरी गोमबो और इरवानस यूरोपम्बिन हैं जो पश्चिम पापुआ की राजधानी जयापुरा में स्थित सेंडेरावसीह यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट एक्टिविस्ट हैं।

अपराध की प्रकृति जिसको लेकर उन्हें दोषी ठहराया गया है और अभियोजन के कठोर सजा के आग्रह के बावजूद अदालत ने प्रत्येक को केवल 10 महीने की जेल की सबसे कम सजा सुनाई है। ये फैसला तीन अलग अलग मुक़दमों में से पहला है जो अलग पश्चिमी पापुआन के सात क़ैदियों के ख़िलाफ़ चलाया जा रहा है। सातों क़ैदियों पर इंडोनेशिया सरकार द्वारा राजद्रोह का आरोप लगाया गया है। ये मुक़दमा पूर्व कालीमंतन के बोर्नियन प्रांत में बालिकपपन में चलाया जा रहा है और इस घटना से इंडोनेशिया में पापुआन के राजनीतिक क़ैदियों और नागरिक स्वतंत्रता पर बड़ी बहस छिड़ गई है।

इन सातों क़ैदियों को बालिकपपन सेवन के रुप में अक्सर बताया जाता है। इन्हें पिछले साल अगस्त और सितंबर के बीच बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में इंडोनेशिया के पापुआन प्रांत से गिरफ़्तार किया गया था। गिरफ़्तार किए जाने के बाद इन सातों को इंडोनेशियाई अधिकारियों द्वारा "सुरक्षा मामले" को लेकर बालिकपपन ले जाया गया। देश के अटॉर्नी जनरल के कार्यालय द्वारा उनके ख़िलाफ़ मामलों को आगे बढ़ाया गया।

विरोध करने के लिए अपने संवैधानिक रुप से गारंटीकृत अधिकारों के उल्लंघन के रुप में मानवाधिकार और नागरिक स्वतंत्रता के पैरोकारों ने खुद ही इस मुक़दमे की निंदा की है। यूएलएमडब्ल्यूपी में अपनी गतिविधियों के लिए 2008 से 2011 के बीच पिछले तीन साल जेल की सजा काटने वाले तबूनी ने अदालत के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, "मेरे विवेक में, मैं निर्दोष हूं।"

 

Papuan protest
United Liberation Movement for West Papua

Related Stories

राजनीतिक क़ैदियों की रिहाई और हिंसा को समाप्त करने की मांग करते हुए पश्चिमी पापुआ में विरोध प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • ramnavami
    संदीप चक्रवर्ती
    पश्चिम बंगाल: विहिप की रामनवमी रैलियों के उकसावे के बाद हावड़ा और बांकुरा में तनाव
    12 Apr 2022
    हावड़ा में बहुसंख्यक मुस्लिम रिहाइश वाले इलाकों से गुजरते रामनवमी जुलूस ने उनके खिलाफ नारेबाजी की और उन पर पथराव किया।
  • NOIDA
    श्याम मीरा सिंह
    देर रात डीजे बजाने को लेकर न्यूज-18 के पत्रकार और जागरण आयोजकों के बीच क्या हुआ? जानिये पूरा घटनाक्रम
    12 Apr 2022
    पत्रकार सौरभ ने आयोजकों को डीजे बंद करने के लिए कहा, लेकिन ये बात आयोजकों को इतनी नागवार गुज़री कि वे सौरभ शर्मा को मौके पर ही सबक़ सिखाने के लिए दौड़ पड़े। आयोजकों ने उन्हें पाकिस्तानी कहते हुए परिवार…
  • उपेंद्र स्वामी
    दुनिया भर की: सोमालिया पर मानवीय संवेदनाओं की अकाल मौत
    12 Apr 2022
    यह अप्रैल का महीना चल रहा है। कई लोगों का कहना है कि सोमालिया के लिए जीवन या विनाश का विकल्प देने वाला महीना साबित हो सकता है। यह महीना सोमालिया और मध्य-पूर्वी अफ्रीकी देशों में बारिश शुरू होने का…
  • भाषा
    सीबीआई को आकार पटेल के खिलाफ मुकदमा चलाने की मिली अनुमति
    12 Apr 2022
    केंद्र ने केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को ‘एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया’ और उसके पूर्व प्रमुख आकार पटेल के खिलाफ विदेशी चंदा विनियमन कानून (एफसीआरए) के कथित उल्लंघन के मामले में मुकदमा चलाने की…
  • भाषा
    ओडिशा के क्योंझर जिले में रामनवमी रैली को लेकर झड़प के बाद इंटरनेट सेवाएं निलंबित
    12 Apr 2022
    ओडिशा के क्योंझर जिले में एक दिन पहले राम नवमी की रैली को लेकर दो समुदायों के बीच संघर्ष के बाद मंगलवार को इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License