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2019 के विरोध प्रदर्शन में शामिल पश्चिमी पापुआन के तीन क़ैदी "राजद्रोह" के दोषी
यूएलएमडब्ल्यूपी के बुचतर तबूनी सहित तीन प्रदर्शनकारी राजद्रोह के उन सात आरोपी क़ैदियों में पहले हैं जिन्हें पिछले साल प्रदर्शन के लिए दोषी ठहराया गया है।
पीपल्स डिस्पैच
17 Jun 2020
2019 के विरोध प्रदर्शन में शामिल पश्चिमी पापुआन के तीन क़ैदी "राजद्रोह" के दोषी
'बालिकपपन सेवन' सात एक्टिविस्ट और छात्र हैं जिन पर इंडोनेशियाई अधिकारियों द्वारा राजद्रोह के आरोप लगाया गया है।

बुधवार 17 जून को इंडोनेशिया की एक अदालत द्वारा पश्चिम पापुआन के तीन लोगों को राजद्रोह का दोषी ठहराया गया है। इन तीनों प्रतिवादियों में यूनाइटेड लिब्रेशन मूवमेंट फॉर वेस्ट पापुआ (यूएलएमडब्ल्यूपी) के एक नेता बुचतर तबूनी शामिल हैं। पापुआ वासियों के स्वाधीनता के लिए लड़ने वाले पश्चिमी पापुआ समूहों का ये अनुषंगी संगठन है। अन्य दो दोषी फेरी गोमबो और इरवानस यूरोपम्बिन हैं जो पश्चिम पापुआ की राजधानी जयापुरा में स्थित सेंडेरावसीह यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट एक्टिविस्ट हैं।

अपराध की प्रकृति जिसको लेकर उन्हें दोषी ठहराया गया है और अभियोजन के कठोर सजा के आग्रह के बावजूद अदालत ने प्रत्येक को केवल 10 महीने की जेल की सबसे कम सजा सुनाई है। ये फैसला तीन अलग अलग मुक़दमों में से पहला है जो अलग पश्चिमी पापुआन के सात क़ैदियों के ख़िलाफ़ चलाया जा रहा है। सातों क़ैदियों पर इंडोनेशिया सरकार द्वारा राजद्रोह का आरोप लगाया गया है। ये मुक़दमा पूर्व कालीमंतन के बोर्नियन प्रांत में बालिकपपन में चलाया जा रहा है और इस घटना से इंडोनेशिया में पापुआन के राजनीतिक क़ैदियों और नागरिक स्वतंत्रता पर बड़ी बहस छिड़ गई है।

इन सातों क़ैदियों को बालिकपपन सेवन के रुप में अक्सर बताया जाता है। इन्हें पिछले साल अगस्त और सितंबर के बीच बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में इंडोनेशिया के पापुआन प्रांत से गिरफ़्तार किया गया था। गिरफ़्तार किए जाने के बाद इन सातों को इंडोनेशियाई अधिकारियों द्वारा "सुरक्षा मामले" को लेकर बालिकपपन ले जाया गया। देश के अटॉर्नी जनरल के कार्यालय द्वारा उनके ख़िलाफ़ मामलों को आगे बढ़ाया गया।

विरोध करने के लिए अपने संवैधानिक रुप से गारंटीकृत अधिकारों के उल्लंघन के रुप में मानवाधिकार और नागरिक स्वतंत्रता के पैरोकारों ने खुद ही इस मुक़दमे की निंदा की है। यूएलएमडब्ल्यूपी में अपनी गतिविधियों के लिए 2008 से 2011 के बीच पिछले तीन साल जेल की सजा काटने वाले तबूनी ने अदालत के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, "मेरे विवेक में, मैं निर्दोष हूं।"

 

Papuan protest
United Liberation Movement for West Papua

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CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License