NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
साहित्य-संस्कृति
भारत
राजनीति
तिरछी नज़र: 'शाखाओं’, पे उल्लू बैठे हैं, अंजामे गुलिस्तां...
उल्लू की हर किस्म के उजाले से दुश्मनी होती है। ज्ञान के उजाले से भी और तर्क के उजाले से भी। यहाँ तक कि वह आंकड़ों के उजाले से भी डरता है और आंकड़ों को भी अंधेरे में ही रखना चाहता है, आंकड़े भले ही बीमारी के हों या फिर मौतों के।
डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
23 May 2021
तिरछी नज़र: 'शाखाओं’, पे उल्लू बैठे हैं, अंजामे गुलिस्तां...
प्रतीकात्मक प्रयोग। तस्वीर साभार : freepik.com

कोरोना को हमारे देश में शुरू हुए लगभग डेढ़ वर्ष होने वाला है। कोरोना का पहला मरीज पिछले साल जनवरी में केरल में मिला था। इस डेढ़ साल में हमने बहुत प्रगति की है। इतनी कि उतार चढ़ाव झेलते हुए अब हम कोरोना की चोटी पर जा बैठे हैं। मोदी जी के कुशल नेतृत्व में इतनी प्रगति क्या कम है। ऐसा नहीं है कि हम एक दम से ही चोटी पर पहुंच गए हैं। कोरोना के मामले में हमने धीरे धीरे, चीजों को सोचते समझते हुए उन्नति की है।

हम सिर्फ विश्व गुरु ही नहीं, भविष्य दृष्टा भी हैं। हमारे मोदी जी को तो पहले से ही पता था कि कोरोना की इस बीमारी का पहला सिरमौर ब्राजील बनेगा। तो उन्होंने बीमारी फैलने से पहले ही, जनवरी, 2020 के गणतंत्र दिवस समारोह में, ब्राजील के राष्ट्रपति को आमंत्रित कर लिया। उन्हें यह भी पता था कि उसके बाद अगला राजा अमरीका बनेगा तो उन्होंने, इससे पहले कि कहीं आना जाना बंद हो, फरवरी 2020 में ट्रम्प को देश में आमंत्रित कर 'नमस्ते' कार्यक्रम कर डाला। पर अंततः मुकुट तो हमें ही पहनना था। और जब पहना तो शान से पहना। अब सभी देश हमारे कोरोना सम्राट का खिताब 'सेलिब्रिट' करने के लिए वेंटिलेटर, आक्सीजन कंसंट्रेटर, आक्सीजन टैंकर जैसे विभिन्न 'प्रेजेंटस्' लेकर दौड़े दौड़े आ रहे हैं।

कहते हैं कि हर एक उन्नति में किसी न किसी का बहुत बड़ा योगदान अवश्य होता है। हमारे देश की 'इस उन्नति' में उल्लूओं का बहुत बड़ा, बहुत खास योगदान है। उल्लू की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उसे उजाले से घृणा होती है और अंधेरे से प्यार। अंधेरे में ही उसे अधिक दिखाई देता है, साफ दिखाई देता है। वह अंधेरे में ही पनपता है। उजाले में उल्लू को दिखता ही नहीं है इसलिए वह कैसा भी उजाला बर्दाश्त नहीं कर पाता है। उल्लू की हर किस्म के उजाले से दुश्मनी होती है। ज्ञान के उजाले से भी और तर्क के उजाले से भी। यहाँ तक कि वह आंकड़ों के उजाले से भी डरता है और आंकड़ों को भी अंधेरे में ही रखना चाहता है, आंकड़े भले ही बीमारी के हों या फिर मौतों के। 

उल्लूओं को उजाले से इतनी दुश्मनी है कि उजाला देख उनका दिमाग काम करना बंद कर देता है। उजाला होते ही उसकी आंखें चौंधिया जाती हैं और उसे दिखाई देना तक बंद हो जाता है। उजाला देख उल्लू, कोरोना काल में भी मास्क और सामाजिक दूरी, सभी कुछ भूल जाते हैं और शाम को अंधेरा शुरू होते ही उन्हें यह सभी याद आ जाता है। दिन में बड़ी बड़ी भीड़ के सामने बिना मास्क के भाषण देने वाले उल्लूओं का दिमाग दिन ढलते ही चलने लगता है और उन्हें मास्क और सोशल डिस्टेसिंग पर भाषण देना याद आ जाता है। 

क्योंकि उल्लू उजाले से डरता है इसलिए वह चाहता है कि कोई और भी उजाला न करे। उसका बस चले तो पूरे विश्व में, या कम से कम भारत में तो सवेरा हो ही नहीं, सूरज निकले ही नहीं। उल्लू को कोई रोशनी दिखाता भी है तो उसे वह पसंद नहीं करता है। वह हर उस को अपना दुश्मन मानता है जो उजाला पसंद करता हो और चहूं ओर फैले अंधेरे को लेकर प्रश्न करता हो। वह उसे ट्रोल करता है, उसके उजाले पर अपनी तलवार चलाता है। उसे छिन्न-भिन्न कर देना चाहता है। उजाले को पैदा करने की चाहत करने वाले को जेल में बंद तक कर देना चाहता है। शायद उल्लू को पता नहीं है कि उजाला तो आत्मा की तरह अजर-अमर है। न उसे तलवार काट सकती है और न जेल उसे समाप्त कर सकती है। 

उल्लू देश में बहुत समय से पाये जाते हैं पर पिछले कुछ सालों से बहुत बढ़ गये हैं। इस समय देश में सभी शाखाओं पे उल्लू बैठा है। कहते हैं कि ये शाखाएं भी कुछ सालों में बढ़ गई हैं तो उल्लू तो बढऩे ही थे। या फिर यह भी कह सकते हैं कि उल्लू बढ़ गये हैं इसीलिए शाखाएं भी बढ़ गई हैं। इस कोरोना काल में तो उल्लू बेइंतहा बढ़े हैं। ये उल्लू कोरोना के शुरू होते ही दिखने लगे थे, बढ़ने लगे थे। 

कोरोना काल में उल्लूओं ने बहुत कुछ किया। वह सब कुछ किया जिसका कोरोना से कोई संबंध नहीं है और वह कुछ भी नहीं किया जिसका कोरोना से संबंध है। 'गो कोरोना गो' का जाप किया। ताली-थाली, दिया-बाती की और करवाई। गौमूत्र और गोबर की महिमा का बखान किया, उसका सेवन करवाया। उल्लू दिमाग जो न करवाये! कुछ उल्लू तो गौमूत्र से बनी चाय तक पीने बैठ गये और दूसरे फलेवर्ड (सुगंधित) गौमूत्र बनाने लगे। मतलब, किसी को गौमूत्र की गंध भी नापसंद हो सकती है। गौमाता का इतना बड़ा अपमान! 

हमारे देश के ये उल्लू किस बात पर चिंतित होंगे और किस बात पर नहीं, कोई नहीं जानता है। कोरोना काल के दौरान भी इन उल्लुओं के उल्लूपने में कोई कमी आई हो, ऐसा नहीं लगता है। बढ़ती बीमारी, मरते लोगों, बहते शवों को देख कर भी कोई उल्लू कभी इतना चिंतित नहीं दिखाई दिया जितना सबसे बड़े उल्लू की 'इमेज' को लेकर। बिस्तरों और अस्पतालों की कमी और आक्सीजन के बिना मरते लोगों को देख उल्लुओं में इतनी बेचैनी कभी नहीं हुई जितनी एक ट्वीट पर ट्विटर के टैग को लेकर हो गई। 

अंग्रेजी में उल्लूओं के समूह को 'पार्लियामेंट' कहा जाता है। पार्लियामेंट कहें तो संसद। अंग्रेज भले ही उल्लू को बुद्धिमान मानते हों पर हम तो उल्लू को निहायत ही बेवकूफ़ मानते हैं। अब उन अंग्रेजों के हिसाब से अगर संसद उल्लूओं का समूह हुआ तो सदन का नेता उल्लूओं का सरदार, यानी सबसे बड़ा उल्लू हुआ। अब जमाना ग्लोबलाइजेशन का है। सारी भाषाएं सभी जगह सुनी, बोली और पढी जाती हैं। अरे ओ अंग्रेजों! तुम्हारा शासन भी अब पूरे विश्व में नहीं चलता है। हम पार्लियामेंट, यानी संसद, का अंग्रेजी में ही सही, अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। मेरा मोदी जी से यह अनुरोध है कि वे अपने विश्व नेता होने का लाभ उठा कर आंग्ल भाषा में यह बदलाव करवा दें। अतीव कृपा होगी। अन्यथा हमारी संसद अंग्रेजों को भी 'सदन की अवमानना' का नोटिस दे सजा सुना सकती है।  

इसीलिए तो कहावत है कि (नये रूप में)

'शाखाओं' पे उल्लू बैठे हैं। 

अंजामे गुलिस्तां यही होगा।। 

(इस व्यंग्य स्तंभ के लेखक पेशे से चिकित्सक हैं।)

tirchi nazar
Satire
Political satire
Coronavirus
COVID-19
Narendra modi
Modi government

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • UTTARAKHAND
    सत्यम कुमार
    उत्तराखंड: विकास के नाम पर 16 घरों पर चला दिया बुलडोजर, ग्रामीणों ने कहा- नहीं चाहिए ऐसा ‘विकास’
    06 Oct 2021
    चमोली जिले के हाट गांव में अलकनंदा नदी पर 444 मेगावाट की विष्णुगाड-पीपलकोटी नाम की एक विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य चल रहा है। इसी परियोजना के लिए हाट गांव को विस्थापित किया जा रहा है।
  • spy stories
    रश्मि सहगल
    'जितनी जल्दी तालिबान को अफ़ग़ानिस्तान को स्थिर करने में मदद मिलेगी, भारत और पश्चिम के लिए उतना ही बेहतर- एड्रियन लेवी
    06 Oct 2021
    एड्रियन लेवी के साथ साक्षात्कार, जिन्होंने कैथी स्कॉट-क्लार्क के साथ मिलकर 'स्पाई स्टोरीज़: इनसाइड द सीक्रेट वर्ल्ड ऑफ़ द रॉ एंड द आईएसआई' लिखी है। यह किताब कई नयी और चौंकाने वाली जानकारियों से भरी…
  • corona
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 18,833 नए मामले, 278 मरीज़ों की मौत
    06 Oct 2021
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 38 लाख 71 हज़ार 881 हो गयी है।
  • Journalist Siddique Kappan with his wife Rihana
    ज़ाकिर अली त्यागी
    पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन की गिरफ़्तारी का एक साल: आज भी इंसाफ़ के लिए भटक रही हैं पत्नी रिहाना
    05 Oct 2021
    एक साल से पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन के परिवार पर क्या गुज़र रही है? आखिर उनका परिवार जेल में गुज़रे कप्पन के 365 दिनों को लेकर क्या सोचता है? सिद्दीक़ कप्पन को ज़मानत न मिलने को लेकर कानून विशेषज्ञ क्या…
  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    लखीमपुर कांड का वीडियो वायरल, फरीदाबाद में मज़दूर बस्ती पर चला बुलडोज़र और अन्य ख़बरें
    05 Oct 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी लखीमपुर खीरी हत्याकांड के अपडेट पर, फरीदाबाद में मज़दूर बस्ती पर बुलडोज़र चलने और अन्य ख़बरों पर।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License