NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
साहित्य-संस्कृति
भारत
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
तिरछी नज़र: स्वामिभक्त भीड़ और उसका अल्टीमेट
जैसे अमेरिका में लोकतंत्र है वैसे ही भारत में भी है। जैसे ट्रंप जी मोदी जी के मित्र हैं वैसे ही मोदी जी भी ट्रंप जी के मित्र हैं। ...जितना सत्य ट्रंप जी बोलते हैं मोदी जी भी उससे कम सत्य नहीं बोलते हैं।
डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
10 Jan 2021
modi and trump

अमेरिका में तो गजब ही हो गया। छह जनवरी को अमेरिकी सांसद राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप के मुकाबले बाइडेन की जीत की घोषणा करने ही वाले थे उसी दिन अमेरिका में ट्रंप समर्थक भीड़ अमेरिकी संसद कैपिटोल पर चढ़ आई। वे सभी राष्ट्रपति ट्रंप के समर्थक थे और अमेरीकी संसद द्वारा बाइडेन को आगामी राष्ट्रपति घोषित किए जाने से रोकना चाहते थे। अब बीस जनवरी को नवनिर्वाचित राष्ट्रपति बाइडेन अपना पद ग्रहण करेंगे।

ट्रंप जी ने अपनी भक्त सेना की यह भीड़ बड़ी ही मेहनत से तैयार की थी। ऐसी भक्तों की भीड़ बनती भी मेहनत से ही है। ट्रंप जी ने चार साल अथक मेहनत की है ऐसी भीड़ बनाने की जो उनके कहने पर, एक ट्वीट पर कैपिटोल पर भी चढ़ जाये। ऐसी भीड़ एक दिन में नहीं तैयार होती है।

अमेरिका सबसे पुराना लोकतंत्र है और भारत सबसे बड़ा। दोनों देशों के प्रमुख, अमेरिका के राष्ट्रपति और भारत के प्रधानमंत्री बहुत ही घनिष्ठ मित्र हैं। मोदी जी और ट्रंप जी लंगोटिया यार जैसे हैं। दोनों में बहुत सारी समानताएं हैं। दोनों एक दूसरे से सलाह मशविरा भी करते रहते हैं। मोदी जी ने तो ट्रंप जी के लिए चुनाव प्रचार भी किया था। 'अबकी बार, ट्रंप सरकार' और 'नमस्ते ट्रंप' चुनाव प्रचार नहीं तो और क्या था।

जैसे अमेरिका में लोकतंत्र है वैसे ही भारत में भी है। जैसे ट्रंप जी मोदी जी के मित्र हैं वैसे ही मोदी जी भी ट्रंप जी के मित्र हैं। उसी तरह से दोनों का काम करने का तरीका भी एक सा ही है। जितना सत्य ट्रंप जी बोलते हैं मोदी जी भी उससे कम सत्य नहीं बोलते हैं। ट्रंप जी और मोदी जी, दोनों ही अपने विरोधियों का इतना अधिक सम्मान करते हैं कि वे और उनके भक्त अपने विरोधियों को बहुत ही प्यार भरे नामों (निक नेम) से बुलाते रहते हैं। दोनों अपने अपने देश के संविधान का भी बहुत ही अधिक आदर करते हैं। इतना अधिक कि वे देश के संविधान को बहुत ही ऊंची ताक पर रखते हैं। 

ट्रंप जी ने अपनी पार्टी रिपब्लिकन के समर्थकों को भीड़ में कब बदला, कैसे बदला वहाँ के लोगों को पता होगा पर मोदी जी ने यह कैसे किया यह यहाँ सभी को पता है। यह बहुत ही आसान है। आपकी अपनी भीड़ जो भी कुछ करे, उसका साथ देना है। उसका सम्मान करना है। उसको दंड नहीं देना है। उसमें से एमएलए, एमपी बनाने हैं। उसके खिलाफ ट्वीट तक नहीं करना है। कुछ करना हो तो बहुत ही दबी जुबान से करना है अन्यथा भीड़ की उद्दंडता पर भी मौन धारण करना है।

ऐसी असंयमित भीड़ पैदा करना बहुत ही संयम का काम है। पत्ता तक हिलने पर ट्वीट करने वाले सरकार जी ने भीड़ द्वारा अखलाक की हत्या पर ट्वीट किया क्या, नहीं न! क्या पहलू खान को भीड़ द्वारा पीट पीट कर मार डालने पर बोले! जब भीड़ ने बुलंदशहर में पुलिस इंस्पेक्टर को घेर कर मार डाला तो क्या कुछ कहा! जब उदयपुर में केसरिया झंडा लिए भीड़ न्यायालय की इमारत पर चढ़ गई तो उसकी आलोचना की, नहीं न! और तो और उत्तर पूर्व दिल्ली के दंगों की भर्त्सना तक की, नहीं की न! 

भीड़ वहाँ भी पैदा की गई और यहाँ भी। भीड़ बनाने के लिए वहाँ मीडिया को जनता का दुश्मन बता दिया गया तो यहाँ मीडिया को खरीद ही लिया गया। वहाँ भीड़ 'ब्लैक लाइव्स मैटर' आंदोलन के विरोध में खड़ी हो गई तो यहाँ की भीड़ ने भी किसान आंदोलनकारियों को खालिस्तानी, आतंकवादी बताना शुरू कर दिया। भीड़ कहीं की भी हो, वहाँ की या यहाँ की, होती एक ही जैसी है। वहाँ भी उतनी ही चरित्रवान होती है जितनी यहाँ। यहाँ भी उतनी ही राष्ट्रभक्त होती है जितनी वहाँ। लेकिन चरित्रवान और राष्ट्रभक्त से भी अधिक स्वामिभक्त होती है, वहाँ भी और यहाँ भी। 

अमेरिका में तो भक्तों की भीड़ ने अपनी स्वामिभक्ति दिखा दी, अल्टीमेट (ultimate) दिखा दिया। यहाँ भीड़ अभी ट्रेलर ही दिखा रही है। अल्टीमेट दिखाना अभी बाकी है। देखते हैं मोदी जी अल्टीमेट दिखाने का मौका कब देते हैं। 

(तिरछी नज़र एक व्यंग्य स्तंभ है। इसके लेखक पेशे से चिकित्सक हैं।)

tirchi nazar
Satire
Political satire
Donand Trump
Narendra modi
America
Joe Biden

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार-जी, बम केवल साइकिल में ही नहीं लगता

विज्ञापन की महिमा: अगर विज्ञापन न होते तो हमें विकास दिखाई ही न देता

तिरछी नज़र: बजट इस साल का; बात पच्चीस साल की

…सब कुछ ठीक-ठाक है

तिरछी नज़र: ‘ज़िंदा लौट आए’ मतलब लौट के...

बना रहे रस: वे बनारस से उसकी आत्मा छीनना चाहते हैं

तिरछी नज़र: ओमीक्रॉन आला रे...

तिरछी नज़र: ...चुनाव आला रे

चुनावी चक्रम: लाइट-कैमरा-एक्शन और पूजा शुरू

कटाक्ष: इंडिया वालो शर्म करो, मोदी जी का सम्मान करो!


बाकी खबरें

  • indian freedom struggle
    आईसीएफ़
    'व्यापक आज़ादी का यह संघर्ष आज से ज़्यादा ज़रूरी कभी नहीं रहा'
    28 Jan 2022
    जानी-मानी इतिहासकार तनिका सरकार अपनी इस साक्षात्कार में उन राष्ट्रवादी नायकों की नियमित रूप से जय-जयकार किये जाने की जश्न को विडंबना बताती हैं, जो "औपनिवेशिक नीतियों की लगातार सार्वजनिक आलोचना" करते…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2.5 लाख नए मामले, 627 मरीज़ों की मौत
    28 Jan 2022
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 6 लाख 22 हज़ार 709 हो गयी है।
  • Tata
    अमिताभ रॉय चौधरी
    एक कंगाल कंपनी की मालिक बनी है टाटा
    28 Jan 2022
    एयर इंडिया की पूर्ण बिक्री, सरकार की उदारीकरण की अपनी विफल नीतियों के कारण ही हुई है।
  • yogi adityanath
    अजय कुमार
    योगी सरकार का रिपोर्ट कार्ड: अर्थव्यवस्था की लुटिया डुबोने के पाँच साल और हिंदुत्व की ब्रांडिंग पर खर्चा करती सरकार
    28 Jan 2022
    आर्थिक मामलों के जानकार संतोष मेहरोत्रा कहते हैं कि साल 2012 से लेकर 2017 के बीच उत्तर प्रदेश की आर्थिक वृद्धि दर हर साल तकरीबन 6 फ़ीसदी के आसपास थी। लेकिन साल 2017 से लेकर 2021 तक की कंपाउंड आर्थिक…
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    रेलवे भर्ती: अध्यापकों पर FIR, समर्थन में उतरे छात्र!
    28 Jan 2022
    आज के एपिसोड में अभिसार शर्मा बात कर रहे हैं रेलवे परीक्षा में हुई धांधली पर चल रहे आंदोलन की। क्या हैं छात्रों के मुद्दे और क्यों चल रहा है ये आंदोलन, आइये जानते हैं अभिसार से
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License