NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
टूलकिट मामला : अदालत ने दिया दिशा रवि की याचिका पर केंद्र व पुलिस को जवाब देने का आखिरी मौका
दिशा ने अपनी याचिका में पुलिस को मामले में दर्ज प्राथमिकी और जांच से संबंधी सामग्री मीडिया को कथित तौर पर लीक करने से रोकने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया है। अदालत ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को मामले में दो सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देते हुए मामले की सूनवाई 18 मई को सूचीबद्ध कर दी।
भाषा
18 Mar 2021
दिशा रवि

नयी दिल्ली : 17 मार्च दिल्ली उच्च न्यायालय ने टूलकिट मामले में आरोपी दिशा रवि की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए बुधवार को केंद्र सरकार एवं पुलिस को आखिरी मौका दिया।

दिशा ने अपनी याचिका में पुलिस को मामले में दर्ज प्राथमिकी और जांच से संबंधी सामग्री मीडिया को कथित तौर पर लीक करने से रोकने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया है।

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को मामले में दो सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देते हुए मामले की सूनवाई 18 मई को सूचीबद्ध कर दी।

अदालत ने कहा, ‘‘ केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को दो हफ्ते में जवाबी हलफानामा दाखिल करने का आखिरी मौका दिया जाता है और इसके बाद याचिकाकर्ता द्वारा प्रत्युत्तर दाखिल किया जाएगा।’’

केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल चेतन शर्मा और अधिक्ता अजय दिगपाल एवं दिल्ली पुलिस की ओर से पेश अधिवक्ता अमित महाजन ने सुनवाई के दौरान जवाब दाखिल करने के लिए और समय देने का अनुरोध किया।

उल्लेखनीय है कि किसान के प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर जारी टूलकिट में संलिप्तता के आरोप में 13 फरवरी को दिशा रवि को गिरफ्तार किया गया था और निचली अदालत ने 19 फरवरी को उन्हें इस मामले में जमानत दे दी थी।

दिशा रवि ने अपनी याचिका में कहा,‘‘ उनकी गिरफ्तारी और मामले में चल रही जांच को लेकर अनुचित तरीके से एवं पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर मीडिया ट्रायल किया जा रहा है और जहां पर पक्षकार संख्या एक (पुलिस) और मीडिया घरों द्वारा उनपर हमला किया जा रहा है।’’

उन्होंने दावा किया है कि 13 फरवरी को दिल्ली पुलिस के साइबर प्रकोष्ठ द्वारा बेंगलुरु में उनकी गिरफ्तारी ‘ पूरी तरह से गैर कानूनी तरीके से और बिना किसी आधार के की गई।’’

दिशा रवि ने अपनी याचिका में यह भी कहा,‘‘ मौजूदा परिस्थितियों में यह ‘पूरी संभावना’ है कि आम जनता खबरों के आधार पर याचिकाकर्ता (दिशा रवि) के दोषी होने का निष्कर्ष निकाले।’’

उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने पहले जांच सामग्री जैसे व्हाट्सऐप चैट- लीक की जो केवल जांच एजेंसी के पास थी।

Toolkit
Toolkit Case
Disha Ravi
Delhi High court

Related Stories

दिल्ली उच्च न्यायालय ने क़ुतुब मीनार परिसर के पास मस्जिद में नमाज़ रोकने के ख़िलाफ़ याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार किया

बग्गा मामला: उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से पंजाब पुलिस की याचिका पर जवाब मांगा

मैरिटल रेप : दिल्ली हाई कोर्ट के बंटे हुए फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, क्या अब ख़त्म होगा न्याय का इंतज़ार!

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़

अदालत ने ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 44 हजार बच्चों के दाख़िले पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा

दिल्ली: तुगलकाबाद के सांसी कैंप की बेदखली के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने दी राहत

मैरिटल रेप: घरेलू मसले से ज़्यादा एक जघन्य अपराध है, जिसकी अब तक कोई सज़ा नहीं

मैरिटल रेप को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, क्या अब ख़त्म होगा महिलाओं का संघर्ष?

ख़बर भी, नज़र भी: भाजपा के अपने ही बाग़ी हुए जा रहे हैं

पायलटों की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय खारिज किये जाने के खिलाफ एअर इंडिया की अर्जी अदालत ने ठुकराई


बाकी खबरें

  • govt employee
    अनिल जैन
    निजीकरण की आंच में झुलस रहे सरकारी कर्मचारियों के लिए भी सबक़ है यह किसान आंदोलन
    28 Nov 2021
    किसानों की यह जीत रेलवे, दूरसंचार, बैंक, बीमा आदि तमाम सार्वजनिक और संगठित क्षेत्र के उन कामगार संगठनों के लिए एक शानदार नज़ीर और सबक़ है, जो प्रतिरोध की भाषा तो खूब बोलते हैं लेकिन कॉरपोरेट से लड़ने…
  • poverty
    अजय कुमार
    ग़रीबी के आंकड़ों में उत्तर भारतीय राज्यों का हाल बेहाल, केरल बना मॉडल प्रदेश
    28 Nov 2021
    मल्टीडाइमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स के मुताबिक केरल के अलावा भारत का और कोई दूसरा राज्य नहीं है, जहां की बहुआयामी गरीबी 1% से कम हो। 
  • kisan andolan
    शंभूनाथ शुक्ल
    हड़ताल-आंदोलन की धार कुंद नहीं पड़ी
    28 Nov 2021
    एक ज़माने में मज़दूर-किसान यदि धरने पर बैठ जाते थे तो सत्ता झुकती थी। पर पिछले चार दशकों से लोग यह सब भूल चुके थे।
  • Hafte Ki Baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    संवैधानिक मानववाद या कारपोरेट-हिन्दुत्ववाद और यूपी में 'अपराध-राज'!
    27 Nov 2021
    संविधान दिवस के मौके पर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोपों-प्रत्यारोपो की खूब बौछार हुई. क्या सच है-संविधानवाद और परिवारवाद का? क्या भारत की सरकारें सचमुच संविधान के विचार और संदेश के हिसाब से…
  • crypto
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या Crypto पर अंकुश ज़रूरी है?
    27 Nov 2021
    मोदी सरकार क्रिप्टोकरेंसी पर अंकुश लगा रही हैI लेकिन आखिर यह क्रिप्टोकरेंसी है क्या? क्या यह देश में मुद्रा की जगह ले सकती है?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License