NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फ़्रांस की ट्रेड यूनियनों ने रोज़गार और अधिकारों की रक्षा को लेकर प्रदर्शन किया
इस प्रदर्शन में स्वास्थ्य कर्मियों, सिविल सेवकों, शिक्षकों आदि सहित श्रमिक वर्गों ने अधिक मज़दूरी, अधिकार और सुरक्षित कार्यस्थलों के लिए अपनी मांग दोहराई है।
पीपल्स डिस्पैच
05 Feb 2021
फ़्रांस की ट्रेड यूनियनों ने रोज़गार और अधिकारों की रक्षा को लेकर प्रदर्शन किया

गुरुवार 4 फरवरी को फ्रांस में प्रमुख ट्रेड यूनियनों ने महामारी के दौरान रोजगार, अधिकारों और सार्वजनिक सेवाओं की रक्षा को लेकर राष्ट्रीय हड़ताल और देशव्यापी प्रदर्शन किया। पेरिस में प्रदर्शनकारियों ने प्लेस डे ला रेपब्लिक से प्लेस डे ला नेशन तक रैली निकाली। इस प्रदर्शन का आह्वान यूनियनों द्वारा किया गया है जिसमें जनरल कन्फेडरेशन ऑफ लेबर (सीजीटी), फेडरेशन सिंडिकेले यूनिटेरे (एफएसयू), सॉलिडेयर्स, नेशनल यूनियन ऑफ स्टूडेंट्स ऑफ फ्रांस (यूएनईएफ), यूएनएल, एमएनएल, एफआईडीएल आदि शामिल रहीं। फ्रांस भर में नैनटेस, मार्सिलेस, रेनेस सहित सौ से अधिक स्थानों पर ये प्रदर्शन किया गया।

प्रदर्शनकारियों ने COVID-19 महामारी से तबाह इस देश में लाखों श्रमिकों के प्रति इमैनुएल मैक्रोन की सरकार की असंवेदनशीलता की निंदा की है। वर्करों ने आरोप लगाया है कि सरकार ने पिछले साल सितंबर में घोषित अपने प्रोत्साहन पैकेजों में और लॉकडाउन के शुरुआती महीने के दौरान श्रमिक वर्गों की उपेक्षा की है। वर्करों ने हेल्थकेयर कर्मचारियों, शिक्षकों, सिविल सेवकों आदि के वेतन में वृद्धि करने की अपनी मांग पर फिर जोर दिया है। उन्होंने श्रम मंत्री द्वारा घोषित न्यूनतम वेतन में मामूली वृद्धि पर भी असंतोष व्यक्त किया है जो 2021 के लिए 1% से कम है अर्थात प्रति घंटे की दर 10.15 यूरो (12.15 अमेरिकी डॉलर) से बढ़ाकर 10.25 यूरो (12.27 अमेरिकी डॉलर) करना।

सीजीटी ने यह भी कहा है कि फ्रांस में 47% युवा अपनी नौकरी को लेकर चिंतित हैं और युवा बेरोजगारी दर 20% से अधिक है। सीजीटी ने आगे कहा कि "विजेता हमेशा वहीं होते हैं और संकट से कम से कम प्रभावित कंपनियां वे होंगी जो कर कटौती से सबसे अधिक लाभान्वित होंगी"।

फ्रेंच कम्युनिस्ट पार्टी (पीसीएफ) और यंग कम्युनिस्ट मूवमेंट ऑफ फ्रांस (एमजेसीएफ) ने इस प्रदर्शन के साथ एकजुटता व्यक्त की। पीसीएफ ने सरकार से उद्योगों के स्थानांतरण और छंटनी को समाप्त करने, अधिक भर्ती करने, वेतन और पेंशन में वृद्धि करने, सार्वजनिक परिवहन में अधिक निवेश करने और उद्योग के आधुनिकीकरण आदि की मांग की है।

France
France Protest
trade unions
COVID-19

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

मुंडका अग्निकांड: सरकारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रेड यूनियनों ने डिप्टी सीएम सिसोदिया के इस्तीफे की मांग उठाई

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध


बाकी खबरें

  • Olaf Scholz
    एम. के. भद्रकुमार
    मास्को की नपी-तुली कूटनीति काम कर रही है
    21 Feb 2022
    यूक्रेन पर रूसी हमले की संभावना सही मायने में कभी थी ही नहीं। हालांकि, अगर यूक्रेनी सेना अलगाववादी ताक़तों पर हमला करती है, तो डोनबास क्षेत्र में मास्को के हस्तक्षेप का होना सौ फ़ीसदी तय है।
  • sultanpur
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी चुनावः सुल्तानपुर चीनी मिल राज्य सरकार की अनदेखी से हुई जर्जर
    21 Feb 2022
    "सुल्तानपुर चीनी मिल के सही ढ़ंग से न चलने की वजह से इस इलाके के गन्ने की उपज प्राइवेट क्रशर मशीन में किसान मजबूरन दे देते हैं जहां से उनको गन्ने की कीमत आधी या दो-तिहाई ही मिल पाती है।"
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूपी में पीएम मोदी ने पार की चुनावी मर्यादा, जागो चुनाव आयोग
    21 Feb 2022
    आज के एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अखिलेश यादव पर साधे गए निशाने पर बात की और उसको हास्यास्पद बताया। उसके साथ ही उन्होंने इस बात पर भी टिप्पणी की कैसे एक…
  • election
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव चौथा चरण: लखीमपुर हिंसा और गोवंश से फ़सलों की तबाही जैसे मुद्दे प्रमुख
    21 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में तीन चरणों के चुनावों के बाद अब चौथे चरण के लिए जंग शुरू हो गई है, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाद अब अवध की चुनावी परिक्रमा लगातार जारी है। लेकिन चौथे चरण में अवध की वो सीटे भी हैं जहां…
  • Ballia
    विजय विनीत
    बलिया: ''सबके वोटे के चिंता बा, चुनाव बाद रसड़ा चीनी मिल के बात केहू ना करे ला''
    21 Feb 2022
    देसी चीनी और गुड़ के लिए मशहूर रसड़ा, कभी ''रसदा'' के नाम से जाना जाता था। रसड़ा इलाके में कई घंटे गुजारने के बाद हमें इस बात का एहसास हो चला था कि रसड़ा में हर आदमी की जुबां पर सिर्फ़ एक ही सवाल है…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License