NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
ट्रेड यूनियनों की 28-29 मार्च को देशव्यापी हड़ताल, पंजाब, यूपी, बिहार-झारखंड में प्रचार-प्रसार 
दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए सभी ट्रेड यूनियन जुट गए हैं। देश भर में इन संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठकों का सिलसिला जारी है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Mar 2022
strike

मोदी सरकार की जन-विरोधी और कर्मचारी-विरोधी नीतियों के खिलाफ विभिन्न मांगों को लेकर एआइयूटीयूसी, सीटू समेत दर्जनों ट्रेड यूनियन संयुक्त रूप से 28 व 29 मार्च को देशव्यापी हड़ताल करने जा रहे हैं। उनकी मांगों में न्यूनतम वेतन 26 हजार करने, समान संहिता लागू करने, महंगाई पर रोक लगाने, डीजल-पेट्रोल के दाम घटाने, बिजली संशोधन बिल 2021 को बंद करने के साथ-साथ रेलवे, बैंक, बीमा, रक्षा क्षेत्र के निजीकरण को रोके जाने, आशा बहुओं, आंगनवाड़ी, मिड डे मील, सभी स्कीमों में काम करने वालों का न्यूनतम वेतन तय करने, ठेका प्रथा और आउटसोर्सिंग पर रोक लगाने समेत अन्य मांग शामिल हैं। 

सेंट्रल ट्रेड यूनियन्स एंड एम्प्लायज फेडरेशन ने केंद्र की बीजेपी सरकार की कर्मचारी-विरोधी और जन-विरोधी नीतियों के खिलाफ इस हड़ताल के आयोजन की घोषणा की है। इस देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए देश भर में सभी संगठन संयुक्त रूप से कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे हैं और तैयारियों में जुटे हुए हैं। इस हड़ताल में इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआइयूटीयूसी, टीयूसीसी, सेवा, एआइसीसीटीयू, एलपीएफ, यूटीयूसी और स्वतंत्र क्षेत्रीय फेडरेशन आदि संगठनों के नेता शामिल होंगे। पहले यूनियनों ने 23-24 फरवरी की हड़ताल की तारीख घोषित की थी लेकिन ओमीक्रोन महामारी, यूपी, तमिलनाडु, ओडिशा, पश्चिम बंगाल में स्थानीय निकाय चुनाव आदि कई वजह से हड़ताल की तारीखों को 28-29 मार्च किया गया। 

श्रमिक कानूनों को बहाल करने की मांग

श्रमिक संगठनों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा कोरोना काल में 29 श्रमिक कानूनों को समाप्त कर दिया गया है। इन कानूनों के खत्म कर देने के चलते श्रमिकों और कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। उनकी मांग है कि इन सभी कानूनों को फिर से लागू किया जाए। श्रमिकों और कर्मचारियों से 8 घंटे की जगह 12 से 16 घंटे काम लिया जा रहा है जो कि आमानवीय है।

भविष्य निधि ब्याज दर कम करने का विरोध

भविष्य निधि ब्याज दर पिछले दिनों काफी कम कर दी गई है। पूर्व में जमा धन पर जो ब्याज मिलता था वह 8.5% की दर से दिया जाता था जबकि इसको घटाकर 8.1% कर दिया गया है। इसका सभी श्रमिक संगठनों ने देश स्तर पर बड़ा विरोध किया है। सभी श्रमिक संगठनों की मांग है कि भविष्य निधि ब्याज दर की फिर से पुरानी दर पर बहाल की जाए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ईपीएफओ की ओर से तय की गई यह ब्याज दर पिछले चार दशक से ज्यादा समय से यानी 1977-78 के बाद से सबसे कम है।

हड़ताल की तैयारी में बिहार

दो दिनों पहले बिहार की राजधानी पटना में देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने तथा आंगनबाड़ी कर्मियों की मांगों व आंदोलन का समर्थन करने के लिए ऐक्टू नेता व महासंघ (गोप गुट) से जुड़े नेता व संबद्ध यूनियनों के नेता ऐक्टू राज्य कार्यालय में हुई बैठक में शामिल हुए। इसमें कहा गया कि ऐक्टू और गोप गुट से संबद्ध आशा, रसोइया, आंगनबाड़ी कर्मी, निर्माण मजदूर, शहरी गरीब दोनों दिन हड़ताल को सफल बनाने के लिए सड़कों पर उतरेंगे। दो दिवसीय हड़ताल के समर्थन में महासंघ (गोप गुट) का जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन का ऐलान किया गया है।

ऐक्टू नेता रणविजय कुमार ने कहा कि ऐक्टू और महासंघ गोप गुट तथा इससे संबद्ध यूनियनों के बैनर तले बिहार की राजधानी पटना समेत पूरे राज्य में हड़ताल के दोनों दिन 28-29 मार्च को मजदूरों की व्यापक गोलबंदी के साथ ऐक्टू हड़ताल में पूरी ताकत के साथ उतरेगा। वहीं हड़ताल के दूसरे दिन 29 मार्च को महासंघ (गोप गुट) के बैनर तले हड़ताल के समर्थन में तथा ओपीएस (ओल्ड पेंशन स्कीम) लागू करने एनपीएस (नेशनल पेंशन स्कीम) वापस लेने की मांग पर राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगा।

बिहार राज्य आंगनबाड़ी संयुक्त संघर्ष समिति की मांगों व आगामी 25 मार्च को विधानसभा घेराव करने के समर्थन की घोषणा महासंघ (गोप गुट) नेता रामबली प्रसाद, ऑल इंडिया स्कीम वर्कर्स फेडरेशन संयोजिका व आशा नेत्री शशि यादव तथा ऐक्टू नेता रणविजय कुमार ने संयुक्त रूप से की है। साथ ही इन नेताओं ने ऐक्टू और महासंघ (गोप गुट) से सम्बद्ध बिहार राज्य आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका संघर्ष मोर्चा द्वारा उक्त मांगो पर 29 मार्च को पटना में प्रदर्शन करने का ऐलान किया और राज्य के समस्त आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका की व्यापक एकता को लेकर मई महीने में पटना में राज्यस्तरीय सम्मेलन कर संघ के विधिवित गठन की घोषणा की है।

पंजाब में सफल बनाने में जुटे संगठन

उधर पंजाब में भी सभी ट्रेड यूनियन देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए तैयारियों में जुटे हुए हैं। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक निजीकरण के विरोध में अलग-अलग जत्थेबंदियां 28 व 29 मार्च को देश व्यापक हड़ताल करेंगी। पीएसईबी इंप्लाइज ज्वाइंट फोरम ने हड़ताल का समर्थन किया है। इनमें बिजली मुलाजिमों की प्रमुख जत्थेबंदियां टेक्निकल सर्विसेज यूनियन,पीएसईबी इंप्लाइज फेडरेशन, मिनिस्ट्रियल सर्विसेज यूनियन, वर्कर्स फेडरेशन इंटक पावरकॉम और ट्रांसको, इंप्लाइज फेडरेशन (सुरिंदर सिंह), पंजाब राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी दल, इंप्लाइज फेडरेशन (फलजीत सिंह), थर्मल इंप्लाइज कोआर्डिनेशन कमेटी, सब स्टेशन स्टाफ वेलफेयर एसोसिएशन और हेड ऑफिस इंप्लाइज फेडरेशन पीएसईबी इंप्लाइज ज्वाइंट फोरम के फैसले और केंद्रीय स्तर की ट्रेड यूनियनों, आजाद फैडरेशन समेत नेशनल कोऑर्डिनेट कमेटी के बुलावे और हड़ताल का समर्थन करेंगी।

इन दोनों दिनों में बिजली कर्मचारी पंजाब के समूचे उपमंडल व मंडल दफ्तरों के आगे केंद्र सरकार और राज्य सरकार की लोक विरोधी व मुलाजिम विरोधी नीतियों का विरोध रैलियां निकाल कर करेंगे। 

झारखंड में बैठकों का सिलसिला जारी

दो दिवसीय हड़ताल को सफल बनाने के लिए ट्रेड यूनियनों से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठकों का सिलसिला झारखंड में जारी है। गत मंगलवार को इस हड़ताल को लेकर लोदना क्षेत्र के संयुक्त ट्रेड यूनियन की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में 28 और 29 मार्च 2022 को देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने का निर्णय लिया गया। नेताओं ने कहा कि यह लड़ाई केंद्र सरकार के मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ, लोकतंत्र की रक्षा करने, उद्योग बचाने, मजदूरों को गुलाम बनाने वाली नीतियों के खिलाफ है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी 23 मार्च 2022 को नार्थ तीसरा हाजिरी घर के समीप एक सभा होगी। इस सभा में यूनियन के केंद्रीय नेता भाग लेंगे।

यूपी में भी तैयारियां ज़ोरों पर

28 और 29 मार्च को होने वाली देशव्यापी श्रमिक संघों की हड़ताल को लेकर उत्तर प्रदेश में भी तैयारियां जोरों पर है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में इसको लेकर श्रमिक संघों के नेताओं के बैठकों का सिलसिला जारी है। हिंदुस्तान अखबार के मुताबिक बरेली में भी तैयारियां तेज हो गई हैं। गत सोमवार को इनकम टैक्स कार्यालय में जनरल सेक्रेट्री रविंद्र सिंह की अध्यक्षता में बैठक कर कार्यक्रम तय किया गया। इस बैठक में सर्वसम्मति से तय हुआ कि 28 मार्च को सुबह 10.30 बजे से आयकर कार्यालय में हड़ताल शुरू होगी और 29 मार्च को लेबर ऑफिस पर 10.30 बजे से प्रदर्शन होगा। ट्रेड यूनियन फेडरेशन के महामंत्री संजीव मेहरोत्रा ने अखबार को बताया कि सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ बरेली में भी जोरदार हड़ताल होगी। अन्य नेताओं ने कहा इस हड़ताल में जिले का संगठित और अंसगठित वर्ग सड़क पर होगा। बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल की सफलता को कमर कस ली है। हड़ताल के लिए कर्मचारियों के बीच वातावरण तैयार किया जा रहा है। सरकार की पूंजीवादी नीतियों के खिलाफ माहौल बन चुका है। इस बैठक में इंटक, यूनाइटेड फोरम, बीमा संघ, क्रांतिकारी लोक अधिकार संघ के नेताओं ने भाग लिया था। 

छत्तीसगढ़ में अनुकंपा रोस्टर में लड़कियों को शामिल करने की मांग

छत्तीसगढ़ में इस हड़ताल को लेकर तैयारियां चल रही हैं। यहां नियमित व ठेका मज़दूरों सहित बड़ी संख्या में कामगारों को आंदोलन में शामिल करने की तैयारी है। इसके लिए संयुक्त ट्रेड यूनियन जुट गए हैं। कोयला क्षेत्र की बात की जाए तो एसईसीएल स्तर पर कर्मचारियों की माँगों से जुड़े 20 सूत्रीय डिमांड है। इनमें मृत कोयला कर्मचारियों के आश्रितों के नियोजन का मुद्दा माँगों में शामिल किया गया, लेकिन इस बार संगठनों ने हड़ताल में प्रमुख मुद्दे के तौर पर अनुकंपा नियुक्ति के लिए लड़कों की तरह लड़कियों को भी लाइव रोस्टर में शामिल करने और उसके 18 वर्ष होने पर नौकरी देने की मांग को प्रमुखता से शामिल किया है। दरअसल कोयला कंपनियों में किसी कर्मचारी की मौत के बाद अगर किसी कारण से उसकी पत्नी नौकरी नहीं करना चाहती या अयोग्य है, तो ऐसी स्थिति में उसके आश्रित पुत्र को नियुक्ति देने के लिए आवेदन किया जा सकता है। अगर पुत्र नाबालिग हो तो भी उसे नौकरी देने के लिए उसे लाइव रोस्टर में रखकर नौकरी देने का भी नियम है। लेकिन दूसरी तरफ अगर किसी कर्मचारी का पुत्र नहीं है। उसकी नाबालिग पुत्री है तो ऐसे में उसको लाइव रोस्टर में रखकर अनुकंपा नियुक्ति देने का नियम ही नहीं है।

ये भी पढ़ें: हड़ताल-आंदोलन की धार कुंद नहीं पड़ी

trade unions
Trade Union Strike
Nationwide strike
punjab
UP
Bihar-Jharkhand
Narendra modi
Modi government
CITU

Related Stories

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

दलितों पर बढ़ते अत्याचार, मोदी सरकार का न्यू नॉर्मल!

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

दक्षिण अफ्रीका में सिबन्ये स्टिलवाटर्स की सोने की खदानों में श्रमिक 70 दिनों से अधिक समय से हड़ताल पर हैं 

लुधियाना: PRTC के संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू


बाकी खबरें

  • डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    'राम का नाम बदनाम ना करो'
    17 Apr 2022
    यह आराधना करने का नया तरीका है जो भक्तों ने, राम भक्तों ने नहीं, सरकार जी के भक्तों ने, योगी जी के भक्तों ने, बीजेपी के भक्तों ने ईजाद किया है।
  • फ़ाइल फ़ोटो- PTI
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: क्या अब दोबारा आ गया है LIC बेचने का वक्त?
    17 Apr 2022
    हर हफ़्ते की कुछ ज़रूरी ख़बरों को लेकर फिर हाज़िर हैं लेखक अनिल जैन..
  • hate
    न्यूज़क्लिक टीम
    नफ़रत देश, संविधान सब ख़त्म कर देगी- बोला नागरिक समाज
    16 Apr 2022
    देश भर में राम नवमी के मौक़े पर हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद जगह जगह प्रदर्शन हुए. इसी कड़ी में दिल्ली में जंतर मंतर पर नागरिक समाज के कई लोग इकट्ठा हुए. प्रदर्शनकारियों की माँग थी कि सरकार हिंसा और…
  • hafte ki baaat
    न्यूज़क्लिक टीम
    अखिलेश भाजपा से क्यों नहीं लड़ सकते और उप-चुनाव के नतीजे
    16 Apr 2022
    भाजपा उत्तर प्रदेश को लेकर क्यों इस कदर आश्वस्त है? क्या अखिलेश यादव भी मायावती जी की तरह अब भाजपा से निकट भविष्य में कभी लड़ नहींं सकते? किस बात से वह भाजपा से खुलकर भिडना नहीं चाहते?
  • EVM
    रवि शंकर दुबे
    लोकसभा और विधानसभा उपचुनावों में औंधे मुंह गिरी भाजपा
    16 Apr 2022
    देश में एक लोकसभा और चार विधानसभा चुनावों के नतीजे नए संकेत दे रहे हैं। चार अलग-अलग राज्यों में हुए उपचुनावों में भाजपा एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हुई है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License