NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
राजद्रोह मामला: कश्मीर के तीन इंजीनियरिंग छात्र फिर गिरफ्तार
सीआरपीसी की धारा 169 के तहत बांड भरवाकर तीनों छात्रों को रविवार को रिहा कर दिया गया था। लेकिन उन्हें रिहा करने के पुलिस के फैसले के खिलाफ दक्षिणपंथी समूह द्वारा प्रदर्शन करने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
18 Feb 2020
jammu and kashmir
Image courtesy: Twitter

हुबली/दिल्ली : राजद्रोह के आरोपों का सामना कर रहे कश्मीर के तीन इंजीनियरिंग छात्रों को बांड भरवाकर रिहा किये जाने के बाद पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन शुरू होने पर उन्हें सोमवार को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। हुबली-धारवाड़ के पुलिस आयुक्त आर. दिलीप ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘ उन्हें (कश्मीरी छात्रों को) फिर से गिरफ्तार कर लिया गया और अदालत के समक्ष पेश कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।’’

पुलवामा हमले की पहली बरसी पर पाकिस्तान के समर्थन में कथित रूप से नारेबाजी करने और सोशल मीडिया पर उसका वीडियो पोस्ट करने के मामले में राजद्रोह के आरोप में शनिवार को गिरफ्तार किया गया था।

सीआरपीसी की धारा 169 के तहत बांड भरवाकर तीनों छात्रों को रविवार को रिहा कर दिया गया था। लेकिन दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा उन्हें रिहा करने के पुलिस के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन करने के बाद फिर गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, तीनों छात्रों को आज सुबह गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया जिसने उन्हें दो मार्च तक की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। छात्रों की रिहाई के विरोध में दक्षिणपंथी संगठनों के कुछ सदस्यों ने रविवार को पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन किया था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

छात्रों को रिहा करने के फैसले की आलोचना करने वालों में श्रीराम सेना प्रमुख प्रमोद मुतालिक भी शामिल हैं। मुतालिक ने आरोप लगाया कि छात्रों ने पुलवामा हमले की पहली बरसी पर भारत विरोधी रुख दिखाया। पुलिस ने बताया कि गृहमंत्री बासवराज बोम्मई ने भी उच्च पुलिस अधिकारियों से इस मामले में बातचीत की थी। तीनों छात्रों से अदालत में भीड़ द्वारा धक्कामुक्की किये जाने की खबर है।

इस बीच हुबली बार संघ के सदस्य अशोक अनवेकर ने कहा कि उन्होंने फैसला किया है कि बार का कोई सदस्य तीनों कश्मीरी छात्रों के वकील के तौर पर पक्ष नहीं रखेगा।

कश्मीरी छात्रों के लिए काम करने वाले संगठन जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन के प्रवक्ता नासिर ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए इस पूरे घटना को लेकर चिंता जाहिर की और कहा की छात्रों पर से देश द्रोह का मुकदमा हटा लिया जाए। इसके साथ ही जिस तरह से कोर्ट परिसर में छात्रों पर हमला हुआ उसको लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा इन घटनाओं से कश्मीर में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों और उनके माता-पिता और रिश्तेदारों के बीच में भारी असुरक्षा और चिंता की भावना बढ़ी है।

बार एसोसिएशन ने केस लड़ने से मना किया लेकिन बाद में कुछ वकील इन छात्रों का केस लड़ने को तैयार हुए। ऐपवा की राष्ट्रीय महसचिव कविता कृष्णन ने ट्वीट किया, "कर्नाटक में कई – वकील और लोग इन छात्रों की मदद करने के लिए पहुंच रहे हैं"।

Mob violence against three Kashmiri students in Hubli, Bar Assoc & lawyers gang up to deny representation. I hope the 3 are safe. There are many in Karnataka - lawyers, concerned people - who are reaching out to help. https://t.co/B2c60RGQvY

— Kavita Krishnan (@kavita_krishnan) February 17, 2020

जेएंडके स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने सोमवार को जारी एक बयान में छात्रों पर की गई कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने कहा, "हम कठोर शब्दों में इन सब की निंदा करते हैं। हम कश्मीरी छात्रों से अपनी शिक्षा पर ध्यान देने का आग्रह करते हैं। हम सभी छात्रों से अपील करते हैं कि वे आग में घी डालने के लिए सोशल मीडिया पर उत्तेजक बातें न लिखें"।

स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने यह भी दावा किया कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को लिखा है कि वे छात्रों पर लगे मामलों को वापस लेने के लिए हस्तक्षेप करें और विश्वविद्यालय के अधिकारियों को उनके निलंबन को रद्द करने की सिफारिश करें।

इंडियन एक्सप्रेस के खबर के मुताबिक केएलई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रिंसिपल बसवराज अनामी ने कहा कि छात्रों को देश द्रोह के मामले में उनकी गिरफ्तारी के कारण निलंबित किया गया। आपको बता दें कि केएलई प्रौद्योगिकी संस्थान भाजपा के राजनेता प्रभाकर कोरे के केएलई समूह का हिस्सा है ।

कथित तौर पर वीडियो केएलआई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रेरणा हॉस्टल में छात्रों द्वारा रिकॉर्ड किया गया था। अनामी ने कहा “वे अपने कमरे में इकट्ठा हुए और पाकिस्तान समर्थक वीडियो रिकॉर्ड किया। हमने वीडियो के बारे में जानने के बाद छात्रों को बुलाया''। शुक्रवार को हुबली क्षेत्र में सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद, हिंदुत्व समूहों के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज अधिकारियों से संपर्क किया और छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग की।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Jammu and Kashmir
kashmiri Engineering Students
Kashmiri Students
Pro Pakistan Slogan
KLE Institute of Technology
AIPWA
Kavita Krishnan

Related Stories

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

कश्मीरी पंडितों के लिए पीएम जॉब पैकेज में कोई सुरक्षित आवास, पदोन्नति नहीं 

यासीन मलिक को उम्रक़ैद : कश्मीरियों का अलगाव और बढ़ेगा

आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को उम्रक़ैद

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

जम्मू में आप ने मचाई हलचल, लेकिन कश्मीर उसके लिए अब भी चुनौती


बाकी खबरें

  • इज़रायल और क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में मानवाधिकारों के उल्लंघन की जांच के लिए तीन सदस्यीय आयोग गठित
    पीपल्स डिस्पैच
    इज़रायल और क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में मानवाधिकारों के उल्लंघन की जांच के लिए तीन सदस्यीय आयोग गठित
    23 Jul 2021
    तीन सदस्यीय जांच आयोग का नेतृत्व नवी पिल्ले करेंगे जो 2008-2014 के बीच यूएनएचआरसी के प्रमुख थे।
  • 400 से अधिक पूर्व राष्ट्राध्यक्षों, बुद्धिजीवियों की अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन से क्यूबा पर लगा प्रतिबंध हटाने की मांग
    पीपल्स डिस्पैच
    400 से अधिक पूर्व राष्ट्राध्यक्षों, बुद्धिजीवियों की अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन से क्यूबा पर लगा प्रतिबंध हटाने की मांग
    23 Jul 2021
    400 से अधिक हस्तियों द्वारा हस्ताक्षरित एक खुला पत्र अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के दौरान क्यूबा पर लगाए गए 243 एकतरफ़ा प्रतिबंधों को हटाने की मांग करता है जिसने इस द्वीप…
  • अध्ययन के मुताबिक भारत में कोरोनावायरस की दूसरी लहर ‘विभाजन के बाद की सबसे भयावह त्रासदी’, सरकार ने किया आंकड़े से इंकार
    दित्सा भट्टाचार्य
    अध्ययन के मुताबिक भारत में कोविड-19 की दूसरी लहर ‘विभाजन के बाद सबसे बड़ी त्रासदी’, सरकार का आंकड़े से इंकार
    23 Jul 2021
    रिपोर्ट में कहा गया है, “वास्तविक मौतों का आंकड़ा कई लाखों में होने का अनुमान है, न कि कुछ लाख में, जो इसे यकीनन विभाजन और स्वतंत्रता के बाद से भारत की सबसे भयावह मानवीय त्रासदी बना देता है।” 
  • अयोध्या में बीएसपी के कार्यक्रम का पोस्टर। बीएसपी नेता सतीश चंद्र मिश्रा के ट्विटर हैंडल से साभार
    असद रिज़वी
    दलित+ब्राह्मण: क्या 2007 दोहरा पाएगी बीएसपी?
    23 Jul 2021
    पार्टी अपने 2007 के सोशल इंजीनियरिंग के प्रयोग को दोहराने की कोशिश कर रही है, लेकिन ये इस बार इतना आसान नहीं होगा। एक विश्लेषण...
  • ज़मीन और आजीविका बचाने के लिए ग्रामीणों का विरोध, गुजरात सरकार वलसाड में बंदरगाह बनाने पर आमादा
    दमयन्ती धर
    ज़मीन और आजीविका बचाने के लिए ग्रामीणों का विरोध, गुजरात सरकार वलसाड में बंदरगाह बनाने पर आमादा
    23 Jul 2021
    वलसाड में उमरागाम तालुक के स्थानीय लोग प्रस्तावित बंदरगाह के निर्माण का विरोध 1997 से ही करते आ रहे हैं, जब पहली बार इसकी घोषणा की गई थी। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License