NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पूर्व राज्यपाल अज़ीज़ क़ुरैशी के ख़िलाफ़ राजद्रोह का मुक़दमा
रामपुर में आज़म ख़ान का हालचाल जानने गए क़ुरैशी ने भारतीय जनता पार्टी और प्रदेश की योगी सरकार को लेकर कुछ ऐसी टिप्पणियां कीं जो सरकार और भाजपा को नागवार गुज़रीं।
असद रिज़वी
06 Sep 2021
पूर्व राज्यपाल अज़ीज़ क़ुरैशी के ख़िलाफ़ राजद्रोह का मुक़दमा
रविवार, 5 सितंबर को रामपुर में आज़म ख़ान के घर पूर्व राज्यपाल अज़ीज़ कुरैशी

पूर्व राज्यपाल अज़ीज़ क़ुरैशी के ख़िलाफ़ उत्तर प्रदेश के रामपुर में राजद्रोह का मुक़दमा दर्ज हुआ है। क़ुरैशी ने पिछले दिनों प्रदेश सरकार की कड़ी आलोचना की थी।

पूर्व राज्यपाल अज़ीज़ क़ुरैशी, रामपुर में समाजवादी पार्टी के नेता आज़म ख़ान के घर 5 सितंबर को गये थे। जहाँ उन्होंने आज़म ख़ान की पत्नी तज़ीन फ़ातिमा से मुलाक़ात की और काफ़ी समय से बीमार चल आज़म ख़ान का हाल-चाल लिया। इसी दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और प्रदेश की योगी सरकार को लेकर कुछ ऐसी टिप्पणियां कीं जो सरकार और भाजपा को नागवार गुज़रीं।

क़ुरैशी ने क्या कहा ?

आरोप है कि रामपुर में क़ुरैशी ने एक अपमानजनक बयान दिया और प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की तुलना "राक्षस, शैतान और खून पीने वाले दरिन्दे" से की।

क़ुरैशी ने आज़म ख़ान का समर्थन करते हुए सपा नेता पर हुई समस्त कार्यवाही को “इंसान और शैतान” की लड़ाई क़रार दिया।

भाजपा नेता की तहरीर पर मुक़दमा

बयान की बाद भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेता आकाश सक्सेना ने सिविल लाइन थाने में क़ुरैशी के ख़िलाफ़ तहरीर दी। पार्टी के लघु उद्योग प्रकोष्ठ क्षेत्रीय अध्यक्ष सक्सेना ने अपनी तहरीर में कहा है कि जब क़ुरैशी सरकार के ख़िलाफ़ बयान दे रहे थे, उस समय वहाँ काफ़ी संख्या में भीड़ जमा थी।जिस से शांति भंग होने का ख़तरा था।

एफ़आईआर में कहा गया है कि क़ुरैशी का बयान दो समुदायों के विरुद्ध शत्रुता पैदा करने वाला है। जिससे न केवल रामपुर की बल्कि पूरे पदेश में अशांति का माहौल पैदा हो सकता था।

क्या है एफआईआर

पुलिस ने सक्सेना की तहरीर पर 80 वर्षीय पूर्व राज्यपाल के विरुद्ध आईपीसी की धारा 124-A (राजद्रोह), 153-A (धर्म, मूलवंश,जन्मस्थान, निवासस्थान, भाषा इत्यादि के आधारों के बीच शत्रुता का संप्रवर्तन और सौहार्द बने रहने पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले कार्य करना), 153-B (राष्ट्रीय अखंडता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले लांछन, प्राख्यान) और 505 (1) (b) (ऐसी फ़र्ज़ी ख़बर फ़ैलना है या प्रकाशित करना जिसके चलते आम जनता में अशांति फैलती है या समाज में अपराध को बढ़ावा मिले) के तहत मुक़दमा दर्ज किया है।

बयान पर क़ायम

पूर्व राज्यपाल क़ुरैशी का कहना है कि वह अपने बयान पर क़ायम हैं। न्यूज़क्लिक के लिए बात करते हुए उन्होंने कहा कि “मौजूदा हुकूमत से ज़्यादा ज़ुल्म इतिहास में मुसलमानों पर कभी नहीं हुआ।” क़ुरैशी ने कहा की वह अपने “शैतान-राक्षस” वाले बयान पर क़ायम हैं।

योगी आदित्यनाथ सरकार की आलोचना पर सवाल के जवाब में क़ुरैशी कहा कि “केवल मुख्यमंत्री योगी नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार और उनकी पार्टी की नीतियों की आलोचना का संवैधानिक हक़ मुझको हासिल है।”

पूर्व राज्यपाल ने कहा कि सरकार की मुस्लिम विरोधी नीतियों को सभी देख रहे हैं। मुसलमानों की संस्कृति, इतिहास और आजीविका आदि पर हमले किये जा रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री का बयान

मामले पर अब सियासी रंग चढ़ता दिख रहा है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने बयान में कहा है कि जो “अमर्यादित” भाषा का इस्तेमाल करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

उप मुख्यमंत्री कहा है कि आज़म ख़ान के विरुद्ध भी कानून के अनुसार ही कार्रवाई हो रही है। सरकार और पुलिस ने अपना पक्ष अदालत के सामने रखा है। उन्होंने आगे कहा कि यदि किसी को सरकार से शिकायत है तो अदालत में जाकर अपनी बात जाकर रखें।

सीएए के विरोध पर भी हुआ मुक़दमा

उल्लेखनीय है कि इससे पहले नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ आंदोलन में भाग लेने पर भी क़ुरैशी पर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुक़दमा लिखाया गया था। क़ुरैशी ने अपने कुछ साथियों के साथ लखनऊ के गोमती नगर इलाके में 2 फ़रवरी, 2020 में एक कैंडल मार्च निकाला था। जिसके बाद उन पर गोमतीनगर थाने में आईपीसी की धारा 145 और 188 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। 

शब्द आपत्तिजनक लेकिन राजद्रोह ग़लत

समाज और राजनीति पर नज़र रखने वाले मानते हैं की पूर्व राज्यपाल के शब्द भले ही आपत्तिजनक हों लेकिन वह राजद्रोह के श्रेणी में नहीं आते हैं। द टाइम्स ऑफ इंडिया के पूर्व संपादक अतुल चंद्रा कहते हैं कि क़ुरैशी द्वारा प्रयोग गये शब्द उचित नहीं थे। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि एक तहरीर पर किसी के विरुद्ध राजद्रोह का मुक़दमा लिख दिया जाये। यह क़ानून का दुरुपयोग है।

क़ानून के जानकारों की राय

क़ानून के जानकार भी मानते हैं की पूर्व राज्यपाल का बयान राजद्रोह की श्रेणी में नहीं आता है। अधिवक्ता कबीर दीक्षित मानते हैं कि राजद्रोह का क़ानून सरकार के विरुद्ध टिप्पड़ी करने पर लगाना, नागरिकों को संविधान में मिले “बोलने की स्वतंत्रता” को कुचलने जैसा है। उन्होंने कहा इस क़ानून का दुरुपयोग अक्सर अल्पसंख्यकों, दलित और छात्रों के ख़िलाफ़ असहमति की आवाज़ दबाने के लिए होता है।

अधिवक्ता मनीष सिंह मानते हैं कि मात्र एक बयान पर राजद्रोह जैसा मुक़दमा लगाना ग़लत है, जबकि देश की अदालतों ने कई बार इस क़ानून के इस्तेमाल में सावधानी बरतने के हिदायत दी है।

सिंह आगे कहते हैं कि पुलिस इस मामले में “राज्य” से अनुमति लिए बिना चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकती है। हालाँकि पूर्व राज्यपाल अगर अग्रिम ज़मानत नहीं लेते हैं या एफ़आईआर को चुनौती नहीं देते हैं तो उन पर गिरफ़्तारी का ख़तरा बना रहेगा।

UttarPradesh
Aziz Qureshi
sedition CASE
SAMAJWADI PARTY
BJP
Keshav Prasad Maurya
Yogi Adityanath

Related Stories

बदायूं : मुस्लिम युवक के टॉर्चर को लेकर यूपी पुलिस पर फिर उठे सवाल

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !


बाकी खबरें

  •  Eye Hospital incident
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मुज़फ़्फ़रपुर आई हॉस्पिटल कांडः कार्रवाई न होने पर निकाला गया आक्रोश मार्च, आंदोलन का ऐलान
    24 Dec 2021
    बिहार सिविल सोसायटी के कार्यकर्ताओं ने मुज़फ़्फ़रपुर में गुरुवार को आक्रोश मार्च निकाला और अस्पताल प्रबंध समेत जिम्मेदार लोगों पर जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही कहा कि अगर दोषियों के…
  • rally
    भाषा
    कोविड-19 की तीसरी लहर के मद्देनजर चुनावी रैलियों पर रोक लगाए सरकार : इलाहाबाद उच्च न्यायालय
    24 Dec 2021
    अदालत ने कहा, दूसरी लहर में हमने देखा कि लाखों की संख्या में लोग संक्रमित हुए और लोगों की मृत्यु हुई। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के कारण बड़ी संख्या में लोग संक्रमित…
  • covid
    भाषा
    सिंगापुर के विशेषज्ञों को 2022 में ‘ओमीक्रोन’ के सबसे अधिक मामले सामने आने की आशंका
    24 Dec 2021
    विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड-19 वैश्विक महामारी को अगले साल खत्म करने के लिए विश्व से एक साथ आने का आह्वान किया है।
  • omicron
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश के 24 घंटो में 6,650 नए मामले, ओमिक्रॉन के मामले बढ़कर 350 के पार 
    24 Dec 2021
    देश में कोरोना वायरस संक्रमण के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन का खतरा बढ़ता जा रहे हैं। बढ़ते मामलो को देखकर कई राज्य सरकारों ने धीरे-धीरे पाबंदिया लगानी शुरू कर दी हैं।
  • kisan
    अमेय तिरोदकर
    महाराष्ट्र: किसानों की एक और जीत, किसान विरोधी बिल वापस लेने को एमवीए सरकार मजबूर
    24 Dec 2021
    मोदी सरकार के तीनों कृषि क़ानूनों को निरस्त करने के लिए मजबूर होने के बाद अब महाराष्ट्र विकास अघाड़ी सरकार ने वर्तमान में जारी विधानसभा सत्र के दौरान विधायी कामकाज के लिए सूचीबद्ध प्रस्तवित विधेयकों…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License