NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
अमेरिका में तेल पाइपलाइन के निर्माण का विरोध करने वाले आदिवासी एक्टिविस्ट गिरफ़्तार
चूंकि एक्टिविस्ट और पाइपलाइन विरोधी प्रदर्शनकारी मिनेसोटा में पाइपलाइन निर्माण का विरोध करना जारी रखे हुए हैं ऐसे में उन्हें स्थानीय अधिकारियों द्वारा गिरफ्तारी और धमकी का सामना करना पड़ रहा है।
पीपल्स डिस्पैच
23 Jun 2021
अमेरिका में तेल पाइपलाइन के निर्माण का विरोध करने वाले आदिवासी एक्टिविस्ट गिरफ़्तार

अमेरिकी राज्य मिनेसोटा में तेल पाइपलाइन के निर्माण का विरोध करने वाले तीन आदिवासी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने सोमवार 21 जून को गिरफ्तार किया था। ये गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब आदिवासी और पर्यावरणविद् समूहों ने लाइन 3 पाइपलाइन पर जारी काम को रोकने के प्रयासों को तेज कर दिया है जो कनाडाई तेल दिग्गज एनब्रिज इंक की परियोजना है।

'स्टॉप लाइन 3 कैम्पेन' द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, ये तीनों एक्टिविस्ट या "जल संरक्षक" मिनेसोटा के पालिसाडे के पास एक विरोध शिविर का हिस्सा थे। उन्हें मिसिसिपी नदी के पास गिरफ्तार किया गया था जहां से प्रस्तावित पाइपलाइन क्रॉस कर रहा है। कैम्पेन द्वारा जारी की गई गिरफ्तारी के एक वीडियो में पुलिस वहां मौजूद अन्य प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करने के लिए धमकाती नजर आ रही है।

आदिवासी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों ने एक्टिविस्टों को गिरफ्तार करके वाशिंगटन की 1855 की संधि का उल्लंघन किया है। ये संधि इस क्षेत्र में संरक्षित भूमि पर आदिवासी अधिकारों की रक्षा करता है। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय अधिकारियों ने एनब्रिज के ठेकेदारों और कर्मचारियों को विवादास्पद स्थल पर ले जाकर इस संधि का बार-बार उल्लंघन किया है। स्टार ट्रिब्यून ने हाल ही में रिपोर्ट किया था कि एनब्रिज ने स्थानीय कानून प्रवर्तन से लेकर पुलिस को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अपनी परियोजना के लिए लगभग 750,000 अमेरिकी डॉलर का भुगतान किया है।

मौजूदा लाइन 3 नई जारी लाइन 3 परियोजना की जगह लेगा जिसके लिए माना जाता है कि यह इस पाइपलाइनों की सुरक्षा और क्षमता को बेहतर करेगा। इसे पहली बार 2014 में प्रस्तावित किया गया था और जनता के विरोध के बावजूद नवंबर 2020 में निर्माण शुरू हुआ था। मौजूदा लाइन 3 पाइपलाइन के जरिए कनाडा के अल्बर्टा प्रांत से मध्य-पश्चिमी अमेरिका में रिफाइनरियों में प्रतिदिन करीब 400,000 बैरल तेल पहुंचता है। नई पाइपलाइन से इस क्षमता के दोगुने से अधिक होने की उम्मीद है।

इस पाइपलाइन के मिनेसोटा का एक हिस्सा अनिशिनाबे आदिवासियों की मूल भूमि से होकर गुजरता है और मिसिसिपी नदी की सहायक नदियों और नदी उद्गम के करीब बनाया जाएगा।

आदिवासी कार्यकर्ताओं, पर्यावरणविदों और इस क्षेत्र के निवासियों ने पर्यावरण और नदी पर इस पाइपलाइन के प्रभाव को लेकर चिंता जताई है जिस पर हजारों लोग स्वच्छ पेयजल के प्राथमिक स्रोत के रूप में निर्भर हैं। इस महीने की शुरुआत में, पास के हबर्ड काउंटी में एक एनब्रिज तेल पंप के कब्जे और एक बड़े विरोध को पुलिस ने हिंसक रूप से दबा दिया। इस कार्रवाई में एक ही दिन में करीब 250 लोगों को गिरफ्तार किया गया।  

America
Tribal Activist
tribals

Related Stories

हिमाचल में हाती समूह को आदिवासी समूह घोषित करने की तैयारी, क्या हैं इसके नुक़सान? 

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

दक्षिणी गुजरात में सिंचाई परियोजना के लिए आदिवासियों का विस्थापन

झारखंड : नफ़रत और कॉर्पोरेट संस्कृति के विरुद्ध लेखक-कलाकारों का सम्मलेन! 

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

ज़रूरी है दलित आदिवासी मज़दूरों के हालात पर भी ग़ौर करना

‘मैं कोई मूक दर्शक नहीं हूँ’, फ़ादर स्टैन स्वामी लिखित पुस्तक का हुआ लोकार्पण

व्यासी परियोजना की झील में डूबा जनजातीय गांव लोहारी, रिफ्यूज़ी बन गए सैकड़ों लोग

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन


बाकी खबरें

  • bharat ek mauj
    न्यूज़क्लिक टीम
    भारत एक मौज: क्यों नहीं हैं भारत के लोग Happy?
    28 Mar 2022
    'भारत एक मौज' के आज के एपिसोड में संजय Happiness Report पर चर्चा करेंगे के आखिर क्यों भारत का नंबर खुश रहने वाले देशों में आखिरी 10 देशों में आता है। उसके साथ ही वह फिल्म 'The Kashmir Files ' पर भी…
  • विजय विनीत
    पूर्वांचल में ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बीच सड़कों पर उतरे मज़दूर
    28 Mar 2022
    मोदी सरकार लगातार मेहनतकश तबके पर हमला कर रही है। ईपीएफ की ब्याज दरों में कटौती इसका ताजा उदाहरण है। इस कटौती से असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सर्वाधिक नुकसान होगा। इससे पहले सरकार ने 44 श्रम कानूनों…
  • एपी
    रूस-यूक्रेन अपडेट:जेलेंस्की के तेवर नरम, बातचीत में ‘विलंब किए बिना’ शांति की बात
    28 Mar 2022
    रूस लंबे समय से मांग कर रहा है कि यूक्रेन पश्चिम के नाटो गठबंधन में शामिल होने की उम्मीद छोड़ दे क्योंकि मॉस्को इसे अपने लिए खतरा मानता है।
  • मुकुंद झा
    देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन दिल्ली-एनसीआर में दिखा व्यापक असर
    28 Mar 2022
    सुबह से ही मज़दूर नेताओं और यूनियनों ने औद्योगिक क्षेत्र में जाकर मज़दूरों से काम का बहिष्कार करने की अपील की और उसके बाद मज़दूरों ने एकत्रित होकर औद्योगिक क्षेत्रों में रैली भी की। 
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    माले का 11वां राज्य सम्मेलन संपन्न, महिलाओं-नौजवानों और अल्पसंख्यकों को तरजीह
    28 Mar 2022
    "इस सम्मेलन में महिला प्रतिनिधियों ने जिस बेबाक तरीक़े से अपनी बातें रखीं, वह सम्मेलन के लिए अच्छा संकेत है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License