NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
SC ST OBC
अपराध
भारत
राजनीति
आदिवासी महिलाओं से मारपीट, गर्भ में बच्चे की मौत, नहीं हुई एफआईआर
नया साल मनाने के लिए इकट्ठा हुए एक आदिवासी परिवार के घर पर गांव के बाहर के कुछ दबंगों ने हमला कर दिया जिससे एक महिला के गर्भ में आठ महीने के बच्चे की मौत हो गई। पुलिस पर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
18 Feb 2021
आदिवासी महिलाओं से मारपीट, गर्भ में बच्चे की मौत, नहीं हुई एफआईआर

आदिवासी संगठनों ने महिलाओं से छेड़छाड़ और मारपीट को लेकर बडवानी में रैली निकाली जिसमें भारी संख्या में आदिवासी महिलाएं शामिल हुईं। आरोप है कि 20-25 दबंगों ने 31 दिसंबर को

देवड़ा गांव में एक आदिवासी परिवार पर हमला कर दिया जहां लोग नया साल मनाने के लिए इकट्ठा हुए थे। दबंगों ने धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए वहां मौजूद लोगों और महिलाओं से मारपीट की। इस हमले में एक महिला के गर्भ में आठ महीने के बच्चे की मौत हो गई। गर्भपात होने के बावजूद पुलिस-प्रशासन द्वारा आरोपियों पर कार्यवाही नहीं की गई है और न ही एफआईआर दर्ज की गई है।

आदिवासी संगठन का कहना है कि पीड़ित महिला के परिवार एवं आदिवासी संगठनों द्वारा की गई कई शिकायतों के बावजूद भी पुलिस द्वारा हमलावारों पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई| संगठनों का कहना है कि आदिवासी परिवार के घर में घुस कर हिंसक हमला करने के बावजूद बड़वानी पुलिस गुंडों और दबंगों को संरक्षण दे रहा है। साथ ही संगठन ने कहा कि इस तरह की गुंडागर्दी और गुंडों का बचाव आदिवासियों और महिलाओं के संवैधानिक एवं मौलिक अधिकारों पर सीधा हमला है| पीड़िता लीलाबाई के लिए न्याय की मांग करते हुए महिलाओं ने सरकार से सवाल पूछा है कि आखिर आदिवासी महिलाओं की सरकार कहां है?

इस घटना में पुलिस की उदासीनता को शर्मनाक बताते हुए महिलाओं ने कहा कि धर्म के बहाने किसी के घर में घुस कर महिलाओं के साथ छेड़–छाड़ करना, गर्भवती महिला के साथ बदसलूकी कर उसके अजन्मे शिशु की हत्या करना धर्म नहीं अत्याचार है। कोई भी धर्म इस प्रकार की गुंडागर्दी को छूट नहीं देता है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि एक तरफ शिवराज सरकार कहती है कि कोई हमारी भांजियों पर हमला नहीं कर सकता वहीं दूसरी तरफ इस तरह गर्भवती महिला पर हमला करने वाले आरोपियों को बचा रही है।

महिलाओं ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की और साथ ही शिकायत करने पर पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने को लेकर दोषी पुलिस पर कार्रवाई करने की मांग की। घटना की शिकायत करने पर पीड़ित परिवार को लगातार धमकियां मिल रहीं हैं।

मुख्यमंत्री एवं प्रमुख सचिव के नाम ज्ञापन प्रशासन के माध्यम से आदिवासी एकता परिषद्, जय आदिवासी युवा शक्ति, आदिवासी छात्र संगठन एवं जागृत आदिवासी दलित संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा सौंपा गया |

Tribal women
Aadiwasi Protests
Tribal organization
Attack on dalits
Shivraj Singh Chauhan
crimes against women
violence against women
women safety

Related Stories

दलितों पर बढ़ते अत्याचार, मोदी सरकार का न्यू नॉर्मल!

कॉर्पोरेटी मुनाफ़े के यज्ञ कुंड में आहुति देते 'मनु' के हाथों स्वाहा होते आदिवासी

दलित किशोर की पिटाई व पैर चटवाने का वीडियो आया सामने, आठ आरोपी गिरफ्तार

राजस्थान : दलितों पर बढ़ते अत्याचार के ख़िलाफ़ DSMM का राज्यव्यापी विरोध-प्रदर्शन

अनुसूचित जाति के छात्रों की छात्रवृत्ति और मकान किराए के 525 करोड़ रुपए दबाए बैठी है शिवराज सरकार: माकपा

'सोहराय' उत्सव के दौरान महिलाओं के साथ होने वाली अभद्रता का जिक्र करने पर आदिवासी महिला प्रोफ़ेसर बनीं निशाना 

पड़ताल: पश्चिमी यूपी में दलितों के बीजेपी के ख़िलाफ़ वोट करने की है संभावना

दलितों के ख़िलाफ़ हमले रोकने में नाकाम रही योगी सरकार

शर्मनाक: वोट नहीं देने पर दलितों के साथ बर्बरता!

सामूहिक वन अधिकार देने पर MP सरकार ने की वादाख़िलाफ़ी, तो आदिवासियों ने ख़ुद तय की गांव की सीमा


बाकी खबरें

  • workers
    रौनक छाबड़ा
    दिल्ली: ट्रेड यूनियन के साइकिल अभियान ने कामगारों के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा शुरू करवाई
    18 Oct 2021
    ट्रेड यूनियनों की मुख्य मांग में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 26000 न्यूनतम भत्ता और चार लेबर कोड की वापसी शामिल हैं।
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: कहीं पे निगाहें, कहीं पर निशाना
    18 Oct 2021
    जैसे-जैसे देश में चुनाव आते हैं, अचानक कश्मीर आ जाता है, बांग्लादेश आ जाता है, पाकिस्तान तो बिना न्यौते के ही जाता है। फिर कैमरे के फ़ोकस में बाक़ी देश को हटाकर इन जगहों को सेट कर दिया जाता है ताकि…
  • mayawati
    लाल बहादुर सिंह
    सियासत: उत्तर प्रदेश चुनाव में दलित एजेंडा कहां है?
    18 Oct 2021
    तथ्य यह है कि  डबल इंजन  सरकार की चौतरफ़ा तबाही का जो तबका सबसे बदतरीन शिकार हुआ है,  सबसे बड़ी मार जिस तबके पर पड़ी है, वे दलित ही हैं।
  • covid
    ऋचा चिंतन
    टीबी के ख़िलाफ़ भारत की जंग: बदतर हालात, चुप्पी साधे सरकार, दवाओं के स्टॉक खाली
    18 Oct 2021
    टीबी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में भारत का खराब प्रदर्शन जारी है, लेकिन डेलमानिड के स्टॉकआउट होने और परीक्षण किट्स की कमी के रूप में अतिरिक्त चुनौतियां सामने आ रही हैं। इन कमियों के बारे में…
  • mukesh
    राज वाल्मीकि
    मुकेश मानस; असमय स्मृति शेष : क्यों तुम चले गए!
    18 Oct 2021
    मुकेश जी आपका यूं अचानक चले जाना आपके सभी चाहने वालों के लिए, दलित साहित्य और दलित प्रगतिशील आंदोलन के लिए, हमसब के लिए गहरा सदमा है। हमें इस तरह का दुखद सरप्राइज देते हुए जाना नहीं था आपको!
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License