NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
इराकी नागरिकों की हत्या करने के दोषी गार्ड्स को ट्रम्प की माफी की दुनिया भर में निंदा
इराक पर आक्रमण के दौरान अमेरिका द्वारा नियुक्त किए गए निजी मिलिशिया कंपनी ब्लैकवाटर से जुड़े चार गार्ड को 2007 में 14 निर्दोष इराकी नागरिकों की हत्या के लिए वर्ष 2015 में दोषी ठहराया गया था।
पीपल्स डिस्पैच
24 Dec 2020
इराकी नागरिकों की हत्या करने के दोषी गार्ड्स को ट्रम्प की माफी की दुनिया भर में निंदा

निहत्थे इराकी नागरिकों की हत्या के लिए दोषी ठहराए गए चार ब्लैकवाटर गार्ड को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा मंगलवार 23 दिसंबर को माफ करने के फैसले ने मानव अधिकार समूहों के बीच नाराजगी पैदा कर दी है। बुधवार 24 दिसंबर को इराक सहित कई देशों ने इस फैसले की आलोचना की।

इराकी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि इस तरह के निर्णय "अमेरिकी प्रशासन के मानवाधिकारों, न्याय और कानून के शासन के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता से असंगत हैं" और इस निर्णय की समीक्षा करने की मांग की। इस बयान में यह भी कहा गया है कि क्षमा करने का इस फैसले में "पीड़ितों की गरिमा और उनके रिश्तेदारों की भावनाओं और अधिकारों" पर ध्यान में नहीं रखा गया।

इराक में आक्रमण के दौरान अमेरिकी सेना द्वारा अनुबंधित एक निजी मिलिशिया ब्लैकवाटर के चार गार्ड पर 16 सितंबर 2007 को बगदाद के निसूर स्क्वायर पर 14 लोगों की गैर-इरादतन हत्या और 17 इराकी नागरिकों को घायल करने के लिए मुकदमा चलाया गया और दोषी ठहराया गया था।

दुनिया भर में गुस्सा भड़कने के बाद इन गार्डों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पहली बार 2008 में शुरू की गई थी। हालांकि, एक अमेरिकी अदालत ने इस मामले को खारिज कर दिया था जिसे 2013 में फिर से शुरु किया गया। ब्लैकवाटर गार्ड्स पॉल स्लो, इवान लिबर्टी, डस्टर्ड हर्ड को मानव हत्या, हत्या के प्रयास और शस्त्र अपराध के लिए का दोषी पाया गया था और 2014 में अमेरिकी अदालत ने 30 साल की जेल की सजा सुनाई थी।

चौथे गार्ड निकोलस स्लेटन को फर्स्ट डिग्री मर्डर के लिए आजीवन कारावास की सजा दी गई क्योंकि यह पाया गया कि इसने पहली गोली चलाकर हत्याकांड की शुरूआत की थी। अगस्त 2019 में इसकी सजा सुनाई गई थी।

सितंबर 2019 में एक अमेरिकी संघीय अदालत के जज रॉयस लैम्बर्थ ने स्लो, लिबर्टी और हर्ड की सजा 30 साल से घटाकर क्रमशः 15 साल, 14 साल, 12 साल तथा सात महीने कर दी।

इन गार्डों में से किसी ने भी नागरिकों की हत्या के लिए अफसोस नहीं जाहिर किया है और यहां तक कि अपने किए का बचाव करते हुए इसे अपने देश के लिए "सम्मानजनक सेवा" कहा है।

इन गार्डों को माफ करने के डोनाल्ड ट्रम्प के निर्णय ने कई मानवाधिकारों और युद्ध विरोधी संगठनों जैसे अमेरिका में CODEPINK और विश्व के अन्य संगठनों ने निंदा की है।

Iraq
Donald Trump
Pardon
Russia probe
America

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम

यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

एक साल पहले हुए कैपिटॉल दंगे ने अमेरिका को किस तरह बदला या बदलने में नाकाम रहा


बाकी खबरें

  • अनिल अंशुमन
    झारखंड: हेमंत सरकार की वादाख़िलाफ़ी के विरोध में, भूख हड़ताल पर पोषण सखी
    04 Mar 2022
    विगत 23 फ़रवरी से झारखंड राज्य एकीकृत पोषण सखी संघ के आह्वान पर प्रदेश की पोषण सखी कार्यकर्ताएं विधान सभा के समक्ष अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठी हुई हैं।
  • health sector in up
    राज कुमार
    यूपी चुनाव : माताओं-बच्चों के स्वास्थ्य की हर तरह से अनदेखी
    04 Mar 2022
    देश में डिलीवरी के दौरान मातृ मृत्यु दर 113 है। जबकि उत्तर प्रदेश में यही आंकड़ा देश की औसत दर से कहीं ज़्यादा 197 है। मातृ मृत्यु दर के मामले में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है।
  • Mirzapur
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी चुनाव : मिर्ज़ापुर के ग़रीबों में है किडनी स्टोन की बड़ी समस्या
    04 Mar 2022
    जिले में किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी के मामले बहुत अधिक हैं, और सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के चलते पहले से ही दुखी लोगों की आर्थिक स्थिति ओर ख़राब हो रही है।
  • workers
    अजय कुमार
    सरकार की रणनीति है कि बेरोज़गारी का हल डॉक्टर बनाकर नहीं बल्कि मज़दूर बनाकर निकाला जाए!
    04 Mar 2022
    मंदिर मस्जिद के झगड़े में उलझी जनता की बेरोज़गारी डॉक्टर बनाकर नहीं, बल्कि मनरेगा जैसी योजनाएं बनाकर हल की जाती हैं।
  • manipur election
    न्यूज़क्लिक टीम
    मणिपुर चुनाव: भाजपा के धनबल-भ्रष्ट दावों की काट है जनता का घोषणापत्र
    03 Mar 2022
    ख़ास इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकारा भाषा सिंह ने बातचीत की ह्यूमन राइट्स अलर्ट के बबलू लोइतोंगबन से। आप भी सुनिए मणिपुर के राजनीतिक माहौल में मानवाधिकारों पर छाए ख़ौफ़ के साये के बारे में बेबाक बातचीत।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License