NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
प्रमुख राज्यों में मतगणना को लेकर ट्रम्प ने अदालत का दरवाज़ा खटखटाया, अमेरिका में दक्षिणपंथी विरोध भड़का
ट्रम्प कैम्पेन ने अब तक चार महत्वपूर्ण संघर्ष वाले राज्यों में पोस्टल बैलट की चल रही गिनती के ख़िलाफ़ क़ानूनी वाद दायर किया है।
पीपल्स डिस्पैच
06 Nov 2020
अमेरिका

एक तरफ जहां मतगणना का काम तेज़ी से चल रहा है और बाइडेन जीतने वाले हैं वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रपति ट्रम्प ने मौजूदा मतगणना प्रक्रिया की वैधता पर संदेह जताया है। 4 नवंबर को ट्रम्प कैम्पेन ने जॉर्जिया, मिशिगन, नेवादा और पेंसिल्वेनिया में मतगणना रोकने की मांग करते हुए अदालतों का रुख किया है। पोलिंग संस्थानों को इस चुनाव के संबंध में अभी इन चार राज्यों में किसी भी उम्मीदवार के पक्ष में बताना बाकी है।

ख़बरों के अनुसार ये कैम्पेन विस्कॉन्सिन राज्य में पुनः गिनती की मांग करेगा जहां सभी पोलिंग कंपनियों ने बाइडेन के लिए घोषित कर दिया है। मौजूदा मुक़दमे जिनमें एक मुक़दमा सुप्रीम कोर्ट में पेंसिल्वेनिया में हस्तक्षेप के लिए एक शामिल है वह देर से प्राप्त पोस्टल बैलट की गिनती पर मौजूदा नियमों को चुनौती देना चाहता है। उक्त चार राज्यों सहित कई राज्यों ने पोस्टल बैलट की गिनती करने की अनुमति दी है यदि वे चुनाव के बाद तीन दिनों के भीतर आते हैं, बशर्ते कि डाक 3 नवंबर को हो।

ट्रम्प कैम्पेन ने कई मतगणना केंद्रों में अपने खेमे से पर्यवेक्षकों की पहुंच में कमी का भी आरोप लगाया है और चाहते हैं कि जब तक बेहतर पहुंच प्रदान नहीं की जाती तब तक मतगणना रुकी रहे। लेकिन रिपोर्टों से पता चलता है कि मतगणना केंद्रों से बाहर होने के पर्यवेक्षकों के दावे सही नहीं हैं।

6 नवंबर तक लगभग सभी मतदान सर्वेक्षकों ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडेन के लिए 264 इलेक्टोरल कॉलेज वोट बताया है, जबकि रिपब्लिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प केवल 214 ही हासिल कर सके। किसी उम्मीदवार को चुनाव जीतने के लिए कुल 538 वोटों में से 270 की आवश्यकता होती है।

अभी तक ट्रम्प इन चार राज्यों में से तीन में बढ़त बनाए हुए हैं जबकि बाइडेन नेवादा में बढ़त बनाए हुए हैं। हालांकि ये लीड किसी भी मतदान पर्यवेक्षक को लगभग परिणामों को बताने की अनुमति देता है।

नेवादा में 84% की रिपोर्टिंग रेट के साथ बाइडेन 18,400 वोटों से ट्रम्प से आगे हैं। 6 इलेक्टोरल कॉलेज वोट वाले नेवादा में मतगणना यदि निर्णायक रूप से बाइडेन के पक्ष में जाती है तो वह चुनाव जीत जाएंगे। इसने नेवादा को वर्तमान में मौजूदा राष्ट्रपति पद की दौड़ में कांटों की टक्कर वाला राज्य बना दिया है। भले ही ट्रम्प अन्य तीन राज्यों में बढ़त बनाना जारी रखते हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों में ये अंतर अचानक नीचे आया है।

रिपब्लिकन कैंप और ट्रम्प कैम्पेन की ओर से असंगत मतगणना के अप्रमाणित आरोपों से उत्तेजित दक्षिणपंथियों का वोट की गिनती को रोकने की मांग करते हुए प्रमुख राज्यों में विरोध प्रदर्शन शुरु हो गया है। "स्टोलेन इलेक्शन" के दावों को दक्षिणपंथी और रूढ़िवादी सोशल मीडिया हलकों में प्रसारित किया जा रहा है जो अब सड़कों पर फैल गया है।

मतगणना प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिशों के बाद अमेरिका के विभिन्न हिस्सों में ट्रम्प समर्थक दर्जनों प्रदर्शनकारियों को रातो रात गिरफ्तार कर लिया गया। गुरुवार की रात, फिलाडेल्फिया में पुलिस ने वर्जीनिया के रहने वाले दो हथियारबंद लोगों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने फिलाडेल्फिया कन्वेंशन सेंटर पर हमले की योजना बनाई थी जो कि अभी पेंसिल्वेनिया में एक प्रमुख गणना केंद्र है।

इन विरोध प्रदर्शनों की बढ़ती विघटनकारी प्रकृति का सभी मतों की गिनती की आह्वान करने वाले कार्यकर्ताओं और प्रगतिशील समूहों के शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के साथ सामना हुआ। संघर्ष वाले राज्यों के अलावा, गुरुवार को न्यूयॉर्क, शिकागो, फिलाडेल्फिया और मिनियापोलिस जैसे शहरों में मार्च निकाला गया था। इन जुलूसों का नेतृत्व राष्ट्रव्यापी ’प्रोटेक्ट द रिजल्ट’ अभियान से जुड़े संगठनों और कार्यकर्ताओं ने किया।

america election 2020
Donand Trump
Joe Biden
republican party
Democratic Party

Related Stories

बाइडेन ने यूक्रेन पर अपने नैरेटिव में किया बदलाव

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

गर्भपात प्रतिबंध पर सुप्रीम कोर्ट के लीक हुए ड्राफ़्ट से अमेरिका में आया भूचाल

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

नाटो देशों ने यूक्रेन को और हथियारों की आपूर्ति के लिए कसी कमर

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं

'सख़्त आर्थिक प्रतिबंधों' के साथ तालमेल बिठाता रूस  

ज़ेलेंस्की ने बाइडेन के रूस पर युद्ध को बकवास बताया

रूस-यूक्रेन युद्ध अपडेट: कीव के मुख्य टीवी टावर पर बमबारी; सोवियत संघ का हिस्सा रहे राष्ट्रों से दूर रहे पश्चिम, रूस की चेतावनी


बाकी खबरें

  • sc
    भाषा
    स्थानीय चुनावों में ओबीसी आरक्षण: न्यायालय में समीक्षा याचिका दायर करने पर विचार कर रहा केंद्र
    21 Dec 2021
    महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश सरकारों द्वारा स्थानीय निकायों में ओबीसी के लिए तय किए गए 27 प्रतिशत आरक्षण को खत्म करने के उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद केन्द्र ने यह बात कही।
  • J&K delimitation
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जम्मू-कश्मीर परिसीमन : जम्मू में 6, कश्मीर में 1 विधानसभा सीट बढ़ाने के मसौदे पर राजनीतिक दलों का विरोध
    21 Dec 2021
    विपक्षी दलों ने आयोग पर आरोप लगाया कि वो बीजेपी के राजनीतिक एजेंडे को उसकी सिफ़ारिशों के तहत तय करने की अनुमति दे रहा है।
  • data protection
    विकास भदौरिया
    डेटा संरक्षण विधेयक की ख़ामियां और जेपीसी रिपोर्ट की भ्रांतियां
    21 Dec 2021
    विधेयक और संयुक्त संसदीय समिति की सिफारिशें कई समस्याओं से घिरी हुई हैं, और उनमें से कुछ सिफारिशें तो राज्य को निगरानी शक्ति के साथ  लैस कर रही हैं, जो गंभीर चिंताओं को विषय है।
  • sansad march
    भाषा
    गृह राज्यमंत्री टेनी की बर्ख़ास्तगी की मांग : विपक्ष ने निकाला मार्च 
    21 Dec 2021
    विपक्षी दलों के नेताओं एवं सांसदों ने यहां संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने से मार्च शुरू किया और विजय चौक तक गए। इस मार्च में राहुल गांधी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन…
  • Growing economic inequality in India
    डॉ. राजू पाण्डेय
    भारत में बढ़ती आर्थिक असमानता : जाति और लैंगिक आधार पर भी समझने की ज़रूरत
    21 Dec 2021
    जहाँ तक भारत का संबंध है यहाँ आर्थिक गैरबराबरी के लिए केवल वितरण की असमानता को उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता। जाति प्रथा और अस्पृश्यता जैसी सामाजिक कुरीतियां तथा श्रम बाजार में जातिगत भेदभाव वे कारक…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License