NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ट्यूनीशियाः नई सरकार को मंज़ूरी देने से राष्ट्रपति के इनकार के बाद राजनीतिक संकट गहराया
सत्तारूढ़ पार्टी एन्नाहदा ने सरकार के समर्थन में एक विशाल रैली आयोजित की है और इस मुद्दे को हल करने के लिए सभी पक्षों की संयुक्त बातचीत का आह्वान किया है।
पीपल्स डिस्पैच
02 Mar 2021
ट्यूनीशिया

ऐसा लगता है कि ट्यूनीशिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी एन्नाहदा जिसने पिछले हफ्ते देश के प्रधानमंत्री हिचेम मेचिची के समर्थन में एक विशाल रैली आयोजित की थी वह अपने रुख में कुछ नरमी ला रही है। पार्टी ने देश में जारी राजनीतिक संकट का हल निकालने के लिए प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति कैस सैयद के बीच "संयुक्त वार्ता" का आह्वान किया है।

प्रधानमंत्री मेचिची ने इस साल की शुरुआत में अपने मंत्रिमंडल में 11 नए मंत्रियों को नियुक्त किया था और इसके बाद फरवरी में पांच और मंत्रियों को बर्खास्त किया और प्रतिस्थापित किया था। राष्ट्रपति ने इस फेरबदल का विरोध किया और मंत्रियों पर भ्रष्टाचार और हितों के टकराव का आरोप लगाया। नए मंत्रियों को ट्यूनीशियाई संसद में बहुमत से मंजूरी मिलने के बावजूद उन्होंने नए मंत्रियों को मंजूरी देने और शपथ दिलाने से भी इनकार कर दिया।

राजधानी के केंद्र में आयोजित प्रधानमंत्री के समर्थन में राजनीतिक रैली के दौरान एन्नाहदा पार्टी के नेता व संसद के स्पीकर रैचड घन्नौची ने वर्तमान राजनीतिक संकट को हल करने और गतिरोध को समाप्त करने के लिए सभी पक्षों के बीच संयुक्त वार्ता का आह्वान किया। उन्होंने यूनिटी के लिए रैली में लोगों से एक भावुक अपील करते हुए कहा कि "राष्ट्रवादियों, इस्लामवादियों, लोकतंत्रवादियों और कम्युनिस्टों, हम तानाशाही काल में एक साथ इकट्ठा हुए थे... और हमें फिर से एकजुटय होना चाहिए।"

ट्यूनीशिया में मौजूदा राजनीतिक विवाद बेरोजगार युवाओं के महीनों के विरोध प्रदर्शनों और वामपंथी दलों द्वारा पिछले एक दशक से उत्तरोत्तर सरकारों की विफलता के खिलाफ बढ़ा है।

अस्थायी सरकार, भ्रष्टाचार, कुप्रबंधन के चलते पिछले एक दशक यानी वर्ष 2011 से ट्यूनीशियाई अर्थव्यवस्था में तेजी से गिरावट आई है वहीं कोरोनावायरस महामारी ने इस गिरावट को और बढ़ा दिया है। ट्यूनीशियाई लोगों ने गरीबी, बेरोजगारी, मुद्रास्फीति जैसे मुद्दों के चलते अपनी पीड़ा में भारी वृद्धि देखी है। 2020 में इसका जीडीपी 8.2% तक पहुंच गया था। देश में बेरोजगारी का स्तर पिछले साल सितंबर में 16.2 प्रतिशत तक बढ़ गया था।

Tunisia
Hichem Mechichi
COVID-19

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

WHO और भारत सरकार की कोरोना रिपोर्ट में अंतर क्य़ों?


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    राजस्थान : दलितों पर बढ़ते अत्याचार के ख़िलाफ़ DSMM का राज्यव्यापी विरोध-प्रदर्शन
    22 Mar 2022
    दलित शोषण मुक्ति मंच(DSMM) ने पूरे प्रदेश में विरोध-प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री का इस्तीफ़ा माँगा है और कहा राजस्थान सरकार कमजोर तबके की सुरक्षा में विफल रही है। 
  • एपी
    रूस-यूक्रेन अपडेट: सुरक्षा गांरटी मिलने पर नाटो की सदस्यता पर चर्चा को तैयार यूक्रेन
    22 Mar 2022
    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने सोमवार देर रात कहा कि वह संघर्ष-विराम, रूसी सैनिकों की वापसी और यूक्रेन की सुरक्षा की गारंटी के बदले में उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की सदस्यता नहीं…
  • उद्धव सेठ
    यहूदियों के नरसंहार को दर्शाता उपन्यास ‘माउस’ पर प्रतिबंध सिर्फ एक पाखंड है
    22 Mar 2022
    बच्चों के लिए चित्रकथा बनाने वाले भारतीय रचनाकारों और शिक्षाविदों के मुताबिक़, टेनेसी स्कूल की ओर से लगाया गया यह प्रतिबंध बच्चों को असली ज़िंदगी की नग्नता और नस्लवाद को देखने से नहीं रोक सकता।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,581 नए मामले, 33 मरीज़ों की मौत
    22 Mar 2022
    देश में कोरोना से पीड़ित 98.74 फ़ीसदी यानी 4 करोड़ 24 लाख 70 हज़ार 515 मरीज़ों को ठीक किया जा चुका है।
  • सबरंग इंडिया
    कश्मीरी पंडितों ने द कश्मीर फाइल्स में किए गए सांप्रदायिक दावों का खंडन किया
    22 Mar 2022
    उस वक्त की हिंसा से बचे हुए लोग इस बात पर प्रकाश डालते हैं कि कैसे भारतीय मुसलमानों को पाकिस्तान प्रायोजित विद्रोही समूहों के कार्यों के लिए दोषी ठहराया जा रहा है और उन्हें बदनाम किया जा रहा है
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License