NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
'इस्तांबुल कन्वेंशन ऑन विमेंस राइट्स' से तुर्की के हटने के फ़ैसले से विरोध प्रदर्शन तेज़
तुर्की के महिला अधिकार समूहों और अन्य प्रगतिशील वर्गों ने दक्षिणपंथी तुर्की सरकार के फ़ैसले का विरोध करते हुए पूरे देश में आंदोलन शुरू कर दिया है।
पीपल्स डिस्पैच
22 Mar 2021
Istanbul Convention

तुर्की में महिला अधिकार समूहों और प्रगतिशील वर्गों ने इस्तांबुल कन्वेंशन ऑन विमेंस राइट्स से हटने को लेकर दक्षिणपंथी सरकार के फैसले की निंदा की है। वे सरकार के इस फैसले को बदलने की मांग को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। शनिवार और रविवार को कई विरोध प्रदर्शन हुए।

शनिवार 20 मार्च को राष्ट्रपति के एक आदेश के जरिए तुर्की के इस कन्वेंशन से हटने की घोषणा की गई। ये कन्वेंशन महिलाओं के खिलाफ हिंसा को रोकता है। तुर्की में प्रमुख विपक्षी दल रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी (सीएचपी) और विभिन्न नारीवादी समूहों ने रूढ़िवादी जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी (एकेपी) के नेतृत्व वाली इस सरकार के कन्वेंशन से हटने के फैसले की निंदा की है। शनिवार को कम्युनिस्ट महिलाओं के समूहों 'वी विल स्टॉप फेमिसाइड' आदि ने अंकारा, इस्तांबुल, इज़मिर, एंटाल्या, कनाकाले, कोन्या, गाज़ियांटेप आदि शहरों में विरोध प्रदर्शन किए हैं।

साल 2012 में तुर्की उन पहले देशों में से था जिसने महिलाओं और घरेलू हिंसा के खिलाफ यूरोपीय संधि को मंजूरी दी जिसे इस्तांबुल कन्वेंशन के रूप में जाना जाता है। इस कन्वेंशन से तुर्की के हटने के फैसले को सत्तासीन तुर्की के राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन के नेतृत्व वाली रूढ़िवादी एकेपी पार्टी की सरकार के लंबित निर्णय के रूप में माना गया है।

सरकार के इस फैसले की प्रतिक्रिया में कम्युनिस्ट महिला समूह ने कहा है कि “एकेपी की महिला से घृणा वाला फैसला जो आने वाले हर टकराव में आदेश, विभिन्न खेलों और विभिन्न चुनौतियों का सामना करती हैं, समाप्त नहीं होती हैं। इस बार एकेपी आधी रात के फरमान से इस्तांबुल कन्वेंशन से हट गया, जिसके बारे में वह महीनों से बात कर रही थी। इस फैसले के साथ एकेपी सरकार ने दिखाया है कि वह महिलाओं की हत्याओं की बिल्कुल परवाह नहीं करती है जिसकी संख्या देश में लगातार बढ़ रही है। एकेपी सरकार ने घोषणा की है कि वह महिलाओं पर हमला करना बंद नहीं करेगी लेकिन इसके विपरीत यह इसकी गति को बढ़ाएगा”।

तुर्की में श्रमिक वर्ग, युवा, छात्र आदि सहित प्रगतिशील वर्ग रेसेप तैयप एर्दोगन और इनके दक्षिणपंथी प्रशासन के अत्याचार के विरोध में सड़कों पर उतरते रहे हैं। महिलाओं के अधिकारों के समूहों ने एर्दोगन की देश में महिला विरोधी और महिला पर हमले के बढ़ते मामलो के खिलाफ कई विरोध प्रदर्शन किए हैं। पिछले साल, रूढ़िवादी लॉ एंड जस्टिस (PiS) पार्टी के नेतृत्व वाले पोलैंड सरकार के इस्तांबुल कन्वेंशन से हटने के फैसले को लेकर नारीवादी समूहों और अन्य प्रगतिशील वर्गों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किया था।

Turkey
Istanbul Convention
Turkey Protest

Related Stories

तुर्की में पुलिस ने महिला प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दागे आंसू गैस के गोले

तुर्की : महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा के विरोध में हज़ारों ने मार्च किया

तुर्की : नारीवादी समूहों ने देश में महिलाओं पर बढ़ती हिंसा का विरोध किया


बाकी खबरें

  • ग्राउंड रिपोर्ट: राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित बिहार की धनौती नदी के अस्तित्व पर संकट !
    राहुल कुमार गौरव
    ग्राउंड रिपोर्ट: राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित बिहार की धनौती नदी के अस्तित्व पर संकट !
    06 Apr 2022
    "नदी की ज़मीन का अतिक्रमण एक सुनियोजित साजिश के तहत किया गया है जिससे एक ऐतिहासिक पहचान तो गुम होगा ही, वहीं पानी का संकट खड़ा हो जाएगा।"
  • सम्मान समारोह
    राज वाल्मीकि
    देवी शंकर अवस्थी सम्मान समारोह: ‘लेखक, पाठक और प्रकाशक आज तीनों उपभोक्ता हो गए हैं’
    06 Apr 2022
    27वें देवी शंकर अवस्थी सम्मान से नवाज़े गए कवि आलोचक अच्युतानंद मिश्र। “कोलाहल में कविता की आवाज़” पुस्तक के लिए मिला पुरस्कार।
  • काशिफ़ काकवी, पीयूष शर्मा
    मध्य प्रदेश : एलपीजी की क़ीमतें बढ़ने के बाद से सिर्फ़ 30% उज्ज्वल कार्ड एक्टिव
    06 Apr 2022
    भोपाल : मिट्टी के चूल्हे के पास बैठी 50 वर्षीय रूपरानी,
  • pakistan
    हारून जंजुआ (इस्लामाबाद)
    पाकिस्तान के राजनीतिक संकट का ख़म्याज़ा समय से पहले चुनाव कराये जाने से कहीं बड़ा होगा
    06 Apr 2022
    जानकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के ख़िलाफ़ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को खारिज किये जाने का पाकिस्तान के लोकतांत्रिक ढांचे पर गंभीर असर पड़ सकता है।
  • srilanka
    भाषा
    श्रीलंका : राष्ट्रपति ने आपातकाल हटाया
    06 Apr 2022
    राष्ट्रपति ने देश में बदतर आर्थिक हालात को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर एक अप्रैल को सार्वजनिक आपातकाल की घोषणा की थी। तीन अप्रैल को होने वाले व्यापक विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर आपातकाल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License