NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
तुर्की : कोरोना संकट के बीच संसद ने हज़ारों क़ैदियों की रिहाई का क़ानून पारित किया
उस क़ानून के तहत न्यायिक मंत्रालय देश के क़ैदियों को रिहा कर के जेलों की सफ़ाई करवाएगा ताकि उन्हें कोरोना वायरस महामारी का हॉटस्पॉट बनने से रोका जा सके।
पीपल्स डिस्पैच
14 Apr 2020
तुर्की

14 अप्रैल की सुबह को तुर्की की संसद ने देश की ज़्यादा भरी जेलों से 90000 क़ैदियों की रिहाई के लिए वोट किया। इनमें से 45000 क़ैदियों को मई के अंत तक के लिए अस्थायी रूप से न्यायिक नियंत्रण के साथ रिहा किया जाएगा। न्यायिक मंत्रालय के पास यह शक्ति होगी कि वो इन क़ैदियों का पैरोल ज़्यादा ज़्यादा 2 बार 2-2 महीने के लिए बढ़ा सके।

अन्य 45000 क़ैदियों को हमेशा के लिए रिहा कर दिया जाएगा। यह क़ानून आसान बहुमत के साथ पास हो गया, जिसमें 279 सांसदों ने पक्ष में जबकि 51 ने इसके ख़िलाफ़ वोट किया। तुर्की की संसद में कुल 600 सीटें हैं। यह क़ानून देश की जेलों में कोरोना वायरस फैलने से रोकने के लिए पास किया गया है।

इस बिल को सत्ताधारी पार्टी जस्टिस एन्ड डेवलपमेंट पार्टी(एकेपी) और विपक्षी दल नेशनलिस्ट मवमेंट पार्टी(एमएचपी) ने तैयार किया था। इसमे उन अपराधों की सूचि है, जिसके अपराधियों को रिहा नहीं किया जाएगा। इस सूचि में यौन हिंसा और महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध, ड्रग सम्बंधित अपराध, आतंकवाद और अन्य को शामिल किया गया है।

न्यायिक मंत्रालय के अनुसार, देश में अभी तक 19 क़ैदी और 159 जेल अधिकारी, जज और वकीलों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है और 3 क़ैदियों की मौत हो चुकी है।

वर्ल्ड प्रिज़न ब्रीफ़ के मुताबिक़, नवंबर 2019 तक तुर्की में 286000 से ज़्यादा क़ैदी थे, और विभिन्न जेलों में एवरेज ऑक्यूपेंसी रेट 118 था।

इस क़दम का कई लोगों ने स्वागत किया है। हालांकि विपक्षी दलों ने इस क़दम का विरोध यह कह कर किया है कि 2016 में राष्ट्रपति एर्दोगन के तख़्तापलट की कोशिश में गिरफ़्तार हुए राजनीतिक क़ैदियों को रिहा नहीं किया जा रहा है।

क़रीब 50000 क़ैदी जो 'आतंकवाद' के अपराध में जेल में हैं, उन्हें भी रिहा नहीं किया जा रहा है। इनमें से कई क़ैदी राजनीतिक विपक्षी हैं।
  
पश्चिमी एशिया में ईरान के बाद, तुर्की दूसरा देश है, जो कोरोना से सबसे ज़्यादा प्रभावित है। 13 अप्रैल तक यहाँ 61000 से ज़्यादा मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 1200 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है

साभार : पीपल्स डिस्पैच

Turkey
Turkish parliament
Coronavirus
COVID-19
Epidemic corona Virus

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • अजय कुमार
    मोदी जी की नोटबंदी को ग़लत साबित करती है पीयूष जैन के घर से मिली बक्सा भर रक़म!
    29 Dec 2021
    मोदी जी ग़लत हैं। पीयूष जैन के घर से मिला बक्से भर पैसा समाजवादी पार्टी के भ्रष्टाचार का इत्र नहीं बल्कि नोटबंदी के फ़ैसले को ग़लत साबित करने वाला एक और उदाहरण है।
  • 2021ः कोरोना का तांडव, किसानों ने थमाई मशाल, नफ़रत ने किया लहूलुहान
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    2021ः कोरोना का तांडव, किसानों ने थमाई मशाल, नफ़रत ने किया लहूलुहान
    29 Dec 2021
    खोज ख़बर में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने साल 2021 के उन उजले-स्याह पलों का सफ़र तय किया, जिनसे बनती-खुलती है भारतीय लोकतंत्र के भविष्य की राह।
  • जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?
    रवि शंकर दुबे
    जानिए: अस्पताल छोड़कर सड़कों पर क्यों उतर आए भारतीय डॉक्टर्स?
    29 Dec 2021
    यह हड़ताली रेजिडेंट डॉक्टर्स क्या चाहते हैं, क्यों चाहते हैं, अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरना इनके लिए क्यों ज़रूरी है। आइए, क्रमवार जानते हैं-
  • सोनिया यादव
    जेएनयू: ICC का नया फ़रमान पीड़ितों पर ही दोष मढ़ने जैसा क्यों लगता है?
    29 Dec 2021
    नए सर्कुलर में कहा गया कि यौन उत्पीड़न के मामले में महिलाओं को खुद ही अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। महिलाओं को यह पता होना चाहिए किए इस तरह के उत्पीड़न से बचने के लिए उन्हें अपने पुरुष दोस्तों के…
  • कश्मीरी अख़बारों के आर्काइव्ज को नष्ट करने वालों को पटखनी कैसे दें
    एजाज़ अशरफ़
    कश्मीरी अख़बारों के आर्काइव्ज को नष्ट करने वालों को पटखनी कैसे दें
    29 Dec 2021
    सेंसरशिप अतीत की हमारी स्मृतियों को नष्ट कर देता है और जिस भविष्य की हम कामना करते हैं उसके साथ समझौता करने के लिए विवश कर देता है। प्रलयकारी घटनाओं से घिरे हुए कश्मीर में, लुप्त होती जा रही खबरें…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License