NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
विपक्षी एचडीपी को रद्द करने के लिए तुर्की की सरकार ने अदालत का रुख किया
तुर्की में दक्षिणपंथी सरकार लंबे समय से यह कहती रही है कि वामपंथी-कुर्दिश समर्थक पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (एचडीपी) का प्रतिबंधित कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (पीकेके) के साथ सीधा संबंध है। पीकेके अलगाववादी आतंकी समूह है।
पीपल्स डिस्पैच
19 Mar 2021
विपक्षी एचडीपी को रद्द करने के लिए तुर्की की सरकार ने अदालत का रुख किया

तुर्की के मुख्य अभियोजक ने प्रतिबंधित कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (पीकेके) के साथ संबंध होने का आरोप लगाते हुए कुर्द समर्थक वामपंथी पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (एचडीपी) पर प्रतिबंध लगाने के लिए संवैधानिक अदालत में एक मुकदमा दायर किया। इस फैसले ने रिसेप तैयप एर्दोगन के नेतृत्व वाली दक्षिणपंथी सरकार द्वारा विपक्ष को समाप्त करने के नए आरोपों को न्योता दिया है।

कुर्द अल्पसंख्यकों में पैठ रखने वाली एचडीपी वामपंथी पार्टी है। यह सत्तारूढ़ जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी (एकेपी) और रिपब्लिकन पीपल्स पार्टी (सीएचपी) के बाद तुर्की की संसद में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है। 600 सदस्यों वाली संसद में इसकी 55 सीटें हैं।

एचडीपी को समाप्त करने और प्रतिबंधित करने का ये प्रस्ताव ठीक उसी दिन आया जब इसके एक प्रतिनिधि उमर फारुक गेरग्लियोग्लू की संसदीय सदस्यता बुधवार 17 मार्च को संसद के स्पीकर द्वारा निरस्त कर दी गई थी। सदस्यता को निरस्त करने का आधार गेरग्लियोग्लू के कथित रूप से "आतंकी प्रोपगैंडा" था।

तुर्की की एक अपीलीय अदालत ने गेरग्लियोग्लू के मामले में निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा था और उन्हें दो साल और छह महीने जेल की सजा सुनाई थी। संसद में उनकी सदस्यता निरस्त होने तक उन्हें जेल नहीं हो सकती है।

गेरग्लियोग्लू संसद में कोकेली निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते है। वह प्रसिद्ध मानवाधिकार वकील भी हैं।

पार्टी पर प्रतिबंध लगाने और गेरग्लियोग्लू की सदस्यता रद्द करने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए, 17 मार्च को एचडीपी ने एक बयान जारी कर कहा कि संवैधानिक अदालत में ये मामला इंगित करता है कि "वैचारिक रूप से, राजनीतिक रूप से या बैलट बॉक्स में एचडीपी पर हावी होने में सक्षम नहीं होने पर वे [एकेपी-एमएचपी गठबंधन सरकार] अब न्यायपालिका के माध्यम से लोकतांत्रिक राजनीति से एचडीपी को खत्म करने को सोच रहे हैं। उनकी आक्रामकता उनके गहराए भय से उत्पन्न होती है।”

राजनीतिक "तख्तापलट" बताते हुए ये बयान एचडीपी को समाप्त करने के फैसले के खिलाफ प्रतिरोध को आह्वान करता है। एचडीपी के खिलाफ बुधवार का हमला तुर्की में कोई नई बात नहीं है। संसद में हक्करी और दियारबाकिर का प्रतिनिधित्व करने वाले इसके दो सांसद लेयला ग्वेन और मूसा फारिसोगुल्लारी की सदस्यता पिछले साल जून में सीएचपी के एनिस बर्बेरोग्लू के साथ छीन ली गई थी और जेल भेज दिया गया था। पीकेके की कथित सदस्यता के लिए तुर्की की अदालत ने इन्हें दोषी ठहराया था।

Turkey
Turkish government
HDP
Kurdistan Workers Party
Peoples Democratic Party

Related Stories

जम्मू-कश्मीर के भीतर आरक्षित सीटों का एक संक्षिप्त इतिहास

क्या अमेरिका और यूरोप के करीब आ रहा है तुर्की?

भीड़ ने तुर्की में सीरियाई शरणार्थियों पर हमला किया

तुर्की और ग्रीस में फैली विनाशकारी जंगल की आग

पश्चिमी गठबंधन के लिए अमेरिका ने फिर हासिल किया तुर्की का समर्थन

लीबिया की अंतरिम सरकार ने तुर्की को देश से अपनी सेना वापस लेने के लिए कहा

हिंदू कुश में यूएस, तुर्की दोनों का फ़ायदा

अमेरिका, तुर्की, आईएसआईएस, अल-क़ायदा और तालिबान मिलकर बनाते हैं एक 'खुशहाल परिवार'!

जॉर्डन में तख़्तापलट की कोशिशों ने छोड़े सबूत

'इस्तांबुल कन्वेंशन ऑन विमेंस राइट्स' से तुर्की के हटने के फ़ैसले से विरोध प्रदर्शन तेज़


बाकी खबरें

  • विकास भदौरिया
    एक्सप्लेनर: क्या है संविधान का अनुच्छेद 142, उसके दायरे और सीमाएं, जिसके तहत पेरारिवलन रिहा हुआ
    20 May 2022
    “प्राकृतिक न्याय सभी कानून से ऊपर है, और सर्वोच्च न्यायालय भी कानून से ऊपर रहना चाहिये ताकि उसे कोई भी आदेश पारित करने का पूरा अधिकार हो जिसे वह न्यायसंगत मानता है।”
  • रवि शंकर दुबे
    27 महीने बाद जेल से बाहर आए आज़म खान अब किसके साथ?
    20 May 2022
    सपा के वरिष्ठ नेता आज़म खान अंतरिम ज़मानत मिलने पर जेल से रिहा हो गए हैं। अब देखना होगा कि उनकी राजनीतिक पारी किस ओर बढ़ती है।
  • डी डब्ल्यू स्टाफ़
    क्या श्रीलंका जैसे आर्थिक संकट की तरफ़ बढ़ रहा है बांग्लादेश?
    20 May 2022
    श्रीलंका की तरह बांग्लादेश ने भी बेहद ख़र्चीली योजनाओं को पूरा करने के लिए बड़े स्तर पर विदेशी क़र्ज़ लिए हैं, जिनसे मुनाफ़ा ना के बराबर है। विशेषज्ञों का कहना है कि श्रीलंका में जारी आर्थिक उथल-पुथल…
  • आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: पर उपदेस कुसल बहुतेरे...
    20 May 2022
    आज देश के सामने सबसे बड़ी समस्याएं महंगाई और बेरोज़गारी है। और सत्तारूढ़ दल भाजपा और उसके पितृ संगठन आरएसएस पर सबसे ज़्यादा गैर ज़रूरी और सांप्रदायिक मुद्दों को हवा देने का आरोप है, लेकिन…
  • राज वाल्मीकि
    मुद्दा: आख़िर कब तक मरते रहेंगे सीवरों में हम सफ़ाई कर्मचारी?
    20 May 2022
    अभी 11 से 17 मई 2022 तक का सफ़ाई कर्मचारी आंदोलन का “हमें मारना बंद करो” #StopKillingUs का दिल्ली कैंपेन संपन्न हुआ। अब ये कैंपेन 18 मई से उत्तराखंड में शुरू हो गया है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License