NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
महाराष्ट्र के अस्पतालों में आग की घटनाओं ने खोल दी व्यवस्था की पोल
राज्य सरकार ने अस्पतालों में बार-बार हो रहीं आग की घटनाओं पर मिले कई सुझावों के बावजूद, इसकी रोकथाम के लिए अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
अमेय तिरोदकर
09 Nov 2021
fire hospital
चित्र साभार: द हिंदू 

महाराष्ट्र के अहमदनगर सरकारी अस्पताल के इंटेंसिव केयर यूनिटों में से एक में आग से आग लग गई। जिसमें दम घुट जाने की वजह से कम से कम 11 कोविड-19 मरीजों की मौत हो गई। राज्य में देखें तो हाल के दिनों में इस तरह की घटना कोई पहली बार नहीं हो रही है। अस्पताल में विभिन्न मंत्रियों की अनुष्ठानिक आवाजाही और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा दुर्घटना की जांच के आदेश के बीच, राज्य के अस्पतालों में इस तरह की लगातार आग की घटनाओं को रोकने के लिए कोई समाधान नहीं तलाशा जा सका है।

न्यूज़क्लिक ने इस साल महाराष्ट्र में हुई इस प्रकार की घटनाओं की एक सूची तैयार की है। 9 जनवरी को भंडारा जिला अस्पताल में आग लगने से 11 नवजात शिशुओं की मौत हो गई थी। 25 मार्च को भांडुप के कोविड-19 अस्पताल में लगी आग से 11 मरीजों की मौत हो गई थी। 2 अप्रैल को नागपुर के एक निजी अस्पताल में लगी आग में चार मरीजों की मौत हो गई थी। 21 अप्रैल को नासिक के कोविड-19 अस्पताल के एक ऑक्सीजन टैंक में रिसाव की वजह से 22 मरीजों की मौत हो गई थी। उसी दिन मुंब्रा के एक अस्पताल में लगी आग से चार मरीजों की मौत हो गई थी। इसके अलावा 23 अप्रैल को एक निजी अस्पताल में आग लगने से 15 मरीजों की मौत हो गई थी।

राज्य स्वास्थ्य निदेशालय के अनुसार राज्य में कुल 3,224 निजी अस्पताल, 473 सरकारी अस्पताल, 21 सरकारी मेडिकल कॉलेज, 20 जंबो हॉस्पिटल और 31 प्राइवेट मेडिकल कॉलेज हैं। भंडारा अस्पताल में लगी आग के बाद जो कि इस साल इस तरह की पहली दुर्घटना थी, महाराष्ट्र सरकार ने अस्पतालों में लगने वाली आग को रोकने के लिए जाँच और आवश्यक सुझावों के लिए एक समिति का गठन किया था। बृहन्मुंबई नगरपालिका आयोग के उपायुक्त प्रभात रहांगडाले (आपदा प्रबंधन) की अध्यक्षता वाली समिति ने फरवरी में अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी।

कमेटी ने अस्पतालों में आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए थे: 

• राज्य के सभी भवनों का इलेक्ट्रिक ऑडिट होना चाहिए।

• सभी अस्पतालों के कर्मचारियों को आग से बचाव संबंधी बुनियादी प्रशिक्षण दिए जाने की आवश्यकता है।

• सभी प्रमुख इमारतों के लिए अग्निशमन प्रबंधकों के साथ-साथ आगजनी की घटना से निपटने के लिए स्वयंसेवकों की नियुक्ति निहायत जरुरी है।

• राज्य अग्नि नियंत्रण सेवाओं के सशक्तिकरण की आवश्यकता है।

• राज्य अग्नि नियंत्रण सेवाओं में एक नई भर्ती प्रणाली की आवश्यकता।

• सभी अस्पतालों में जीवन-रक्षक मशीनरी के लिए एक चाक-चौबंद नियमित नियंत्रण एवं जांच प्रणाली।

• अस्पतालों में आगजनी की घटनाओं की रोकथाम के लिए अलग से बजट का प्रावधान।

राज्य का शहरी विकास विभाग पिछले आठ महीनों से इस रिपोर्ट पर कोई कार्यवाई नहीं कर रहा है। अग्नि नियंत्रण सेवाओं में 138 व्यक्तियों की भर्ती के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई थी लेकिन ये पद अभी तक रिक्त पड़े हैं।

राज्य सरकार द्वारा इस प्रकार की कमेटी का गठन कोई पहली बार नहीं किया गया है। अप्रैल में अस्पतालों में आग और ऑक्सीजन के रिसाव के बाद सामाजिक न्याय विभाग के तत्कालीन आयुक्त प्रशांत नानवारे के अधीन राज्य ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी का गठन किया गया था। इस कमेटी की रिपोर्ट में आग की रोकथाम और विद्युत व्यवस्था, ढांचागत खामियों और ऑक्सीजन की आपूर्ति से संबंधित विभिन्न कमियों का उल्लेख किया गया है। राज्य के 2,000 से अधिक की संख्या में निजी अस्पतालों ने फायर ऑडिट पूरा करने का दावा किया था, लेकिन रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि इनकी ओर से स्वास्थ्य निदेशालय को कोई रिपोर्ट ही नहीं सौंपी गई।

इस रिपोर्ट को जून में पेश कर दिया गया था, जिसमें महाराष्ट्र के अस्पतालों में निम्नलिखित कमियां पाई गईं थीं:

• अस्पतालों में आगजनी या इस प्रकार की घटनाओं की स्थिति के लिए आपातकालीन फोन नंबर उपलब्ध नहीं हैं।

• नियमित तौर पर जांच का कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है।

• कई अस्पतालों में अग्निशामक यंत्रों की मियाद खत्म हो चुकी है।

• अग्निशमन सेवाओं की देख-रेख के लिए किसी इंजीनियर को नियुक्त नहीं किया गया था।

• सुरक्षा कैमरों को इस्तेमाल में नहीं लाया जा रहा था।

स्वास्थ्य विभाग में मौजूद सूत्रों ने न्यूज़क्लिक को सूचित किया है कि विभाग ने 550 सरकारी अस्पतालों के लिए अग्नि शमन प्रणालियों और ऑडिट के लिए 217 करोड़ रूपये की मांग की है। स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने रविवार को संवाददाताओं को बताया कि फायर सेफ्टी ऑडिट के लिए अलग से फंड का निर्धारण किया जायेगा। 

टोपे ने कहा, “मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस प्रकार की अग्निकांड की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं। प्रत्येक जिला अस्पताल में अग्नि सुरक्षा अधिकारी का एक नया पद सृजित किये जाने का भी प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य कर्मियों को ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जायेगा और मॉक ड्रिल जैसी गतिविधियों को अमल में लाया जायेगा।”

अंग्रेजी में मूल रूप से प्रकाशित लेख को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें। 

Two Reports, Zero Action: Fires at Maharashtra Hospitals Expose Negligence

Hospital Fires
Maharashtra Health
Uddhav Thackeray
COVID Hospital
Pandemic
Oxygen

Related Stories

डरावना आर्थिक संकट: न तो ख़रीदने की ताक़त, न कोई नौकरी, और उस पर बढ़ती कीमतें

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

कोरोना महामारी अनुभव: प्राइवेट अस्पताल की मुनाफ़ाखोरी पर अंकुश कब?

पिछले 5 साल में भारत में 2 करोड़ महिलाएं नौकरियों से हुईं अलग- रिपोर्ट

RTI क़ानून, हिंदू-राष्ट्र और मनरेगा पर क्या कहती हैं अरुणा रॉय? 

बहुमत के बावजूद उद्धव सरकार को क्यों गिराना चाहती है भाजपा

क्या वैश्वीकरण अपने चरम को पार कर चुका है?

महाराष्ट्र सरकार पर ख़तरे के बादल? क्यों बाग़ी मूड में नज़र आ रहे हैं कांग्रेस के 25 विधायक

महामारी भारत में अपर्याप्त स्वास्थ्य बीमा कवरेज को उजागर करती है

ठाकरे का ऐलान, ओवैसी भाजपा की B TEAM! बंद करो सियासी खेल!


बाकी खबरें

  • bihar protest
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः स्टाइपेंड वृद्धि को लेकर इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल, आइएमए ने भी किया समर्थन
    28 Oct 2021
    इंटर्न डॉक्टरों ने पीएमसीएच प्रशासन के साथ-साथ सरकार को भी चेतावनी दी है कि अगर उनके स्टाइपेंड को बढ़ाने की तत्काल घोषणा नहीं की गई तो वे ओपीडी और वार्डों में इलाज रोक देंगे।
  • covid 19 vaccine
    मो. इमरान खान
    बिहारः तीन लोगों को मौत के बाद कोविड की दूसरी ख़ुराक
    28 Oct 2021
    एक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के अनुसार, इसे अधिकारियों और निजी स्वास्थ्य संस्थाओं के बीच के सांठ-गांठ का ही कमाल कहना चाहिए कि उनके द्वारा टीकाकरण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सिर्फ तीन ही नहीं बल्कि ऐसे…
  • पूर्व सीएजी विनोद राय ने कांग्रेस नेता संजय निरुपम के खिलाफ अपनी टिप्पणी पर मांगी माफी ,2G स्पेक्ट्रम रिपोर्ट से जुड़ा है विवाद
    भाषा
    पूर्व सीएजी विनोद राय ने कांग्रेस नेता संजय निरुपम के खिलाफ अपनी टिप्पणी पर मांगी माफी ,2G स्पेक्ट्रम रिपोर्ट से जुड़ा है विवाद
    28 Oct 2021
    निरुपम ने कहा कि राय को 2जी स्पेक्ट्रम और कोयला ब्लॉक आवंटन पर कैग की रपटों को लेकर देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ये दोनों ‘‘फर्जी’’ थीं। उन्होंने बाद में संवाददाताओं से कहा, ‘‘…
  • Sahba Hussain
    न्यूज़क्लिक टीम
    जेल के अंडा सेल में गौतम नवलखा, ज़िंदगी ख़तरे में होने का अंदेशा : सहबा
    28 Oct 2021
    वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने बात की मानवाधिकार कार्यकर्ता और लेखक गौतम नवलखा की जीवनसाथी सहबा हुसैन से। जिन्होंने हाल ही में गौतम की ज़िंदगी पर मंडरा रहे ख़तरे के बारे में एक पत्र लिखा है और उन्हें…
  • Tamil Nadu PSU Workers Protest
    नीलाबंरन ए
    तमिलनाडु : पीएसयू कामगारों ने एकतरफा बोनस-घोषणा का विरोध किया
    28 Oct 2021
    सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों ने 25 फीसद बोनस की मांग की थी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License